{"_id":"6a89fbf3a20d4eb23007e2a4","slug":"home-guard-dies-after-colliding-with-a-bull-while-commuting-to-duty-on-a-scooter-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-182476-2026-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: स्कूटी से ड्यूटी जाते होमगार्ड की सांड़ से टकराकर मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: स्कूटी से ड्यूटी जाते होमगार्ड की सांड़ से टकराकर मौत
विज्ञापन
पोस्टमॉर्टम हाउस पर होमगार्ड सुशील की गमजदा पत्नी सुशीला (मध्य में)। संवाद
रोजा (शाहजहांपुर)। मंडी रोड पर आईटीआई के पास शुक्रवार रात सांड़ों के झुंड से टकराने से हेतमपुर गांव निवासी स्कूटी सवार होमगार्ड सुशील कुमार (45) की मौत हो गई। उनके साथी राजवीर घायल हो गए। दोनों रात्रि ड्यूटी पर जा रहे थे। दोनों ने हेलमेट नहीं लगाया था।
सुशील परिवार के साथ बल्लिया गांव में किराये के मकान में रह रहे थे। शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे वह राजवीर के साथ स्कूटी से ड्यूटी पर जा रहे थे। सीओ शुभम वर्मा ने बताया किघायल हुए दोनों लोगों राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां चिकित्सक ने सुशील कुमार को मृत घोषित कर दिया। उनके सिर में चोट आई थी। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
छुट्टा गोवंश बन रहे जानलेवा, पहले भी जा चुकी है एक होमगार्ड की जान
रोजा (शाहजहांपुर)। रोजा क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के झुंड हाईवे के साथ ही अन्य सड़कों पर काबिज रहते हैं। खासतौर पर रात में पशुओं के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। 19 जुलाई को ही घर लौट रहे कटियाकम्मू गांव के रहने वाले होमगार्ड शकील की बाइक गोवंशीय पशु से टकराने से उनकी मृत्यु हो गई थी।
हाईवे समेत जिले के कई प्रमुख मार्गों और ग्रामीण रास्तों पर गोवंशीय पशुओं के झुंड अक्सर सड़क पर दिखाई देते हैं। रात के समय इनकी मौजूदगी वाहन चालकों के लिए और अधिक खतरनाक हो जाती है। अचानक सड़क पर आ जाने या बीच रास्ते में बैठे रहने से बाइक और स्कूटी सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।
कई बार वाहन चालक गोवंशीय पशुओं को बचाने की कोशिश में भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इसके बावजूद सड़कों से गोवंशीय पशुओं को हटाने और उनके सुरक्षित संरक्षण की ठोस व्यवस्था नहीं हो पा रही है। शुक्रवार रात आईटीआई के पास हुआ हादसा भी इसी समस्या की गंभीरता को उजागर करता है।
--
एक हफ्ते में पहले पत्नी और अब बेटे की मौत
हादसे की सूचना पर अस्पताल पहुंचीं सुशीला पति का शव देखकर बिलख पड़ीं। परिजनों ने बताया कि सुशील का एक बेटा अजय बीएससी और दूसरा विशाल आईटीआई कर रहा है। सुशीला के कंधों पर अब दोनों बेटों की जिम्मेदारी आ गई है। पिता ज्वाला प्रसाद ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही उनकी पत्नी कमला का बीमारी के चलते निधन हुआ था। अभी पत्नी की मौत का दुख कम भी नहीं हुआ था कि बेटे की हादसे में जान चली गई।
-- -- -- -- -- -- -- --
रोजा में सांड़ और छुट्टा गायों को पकड़ने के लिए नगर निगम से समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया जाएगा। जल्द ही सड़कों से गोवंशीय पशुओं को हटाया जाएगा।
-डॉ. राजेंद्र प्रताप, सीवीओ
विज्ञापन
सुशील परिवार के साथ बल्लिया गांव में किराये के मकान में रह रहे थे। शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे वह राजवीर के साथ स्कूटी से ड्यूटी पर जा रहे थे। सीओ शुभम वर्मा ने बताया किघायल हुए दोनों लोगों राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां चिकित्सक ने सुशील कुमार को मृत घोषित कर दिया। उनके सिर में चोट आई थी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
छुट्टा गोवंश बन रहे जानलेवा, पहले भी जा चुकी है एक होमगार्ड की जान
रोजा (शाहजहांपुर)। रोजा क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं के झुंड हाईवे के साथ ही अन्य सड़कों पर काबिज रहते हैं। खासतौर पर रात में पशुओं के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। 19 जुलाई को ही घर लौट रहे कटियाकम्मू गांव के रहने वाले होमगार्ड शकील की बाइक गोवंशीय पशु से टकराने से उनकी मृत्यु हो गई थी।
हाईवे समेत जिले के कई प्रमुख मार्गों और ग्रामीण रास्तों पर गोवंशीय पशुओं के झुंड अक्सर सड़क पर दिखाई देते हैं। रात के समय इनकी मौजूदगी वाहन चालकों के लिए और अधिक खतरनाक हो जाती है। अचानक सड़क पर आ जाने या बीच रास्ते में बैठे रहने से बाइक और स्कूटी सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।
कई बार वाहन चालक गोवंशीय पशुओं को बचाने की कोशिश में भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इसके बावजूद सड़कों से गोवंशीय पशुओं को हटाने और उनके सुरक्षित संरक्षण की ठोस व्यवस्था नहीं हो पा रही है। शुक्रवार रात आईटीआई के पास हुआ हादसा भी इसी समस्या की गंभीरता को उजागर करता है।
एक हफ्ते में पहले पत्नी और अब बेटे की मौत
हादसे की सूचना पर अस्पताल पहुंचीं सुशीला पति का शव देखकर बिलख पड़ीं। परिजनों ने बताया कि सुशील का एक बेटा अजय बीएससी और दूसरा विशाल आईटीआई कर रहा है। सुशीला के कंधों पर अब दोनों बेटों की जिम्मेदारी आ गई है। पिता ज्वाला प्रसाद ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही उनकी पत्नी कमला का बीमारी के चलते निधन हुआ था। अभी पत्नी की मौत का दुख कम भी नहीं हुआ था कि बेटे की हादसे में जान चली गई।
रोजा में सांड़ और छुट्टा गायों को पकड़ने के लिए नगर निगम से समन्वय स्थापित कर अभियान चलाया जाएगा। जल्द ही सड़कों से गोवंशीय पशुओं को हटाया जाएगा।
-डॉ. राजेंद्र प्रताप, सीवीओ

पोस्टमॉर्टम हाउस पर होमगार्ड सुशील की गमजदा पत्नी सुशीला (मध्य में)। संवाद