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सर्दी की दस्तक के साथ दर्द देने लगा दिल
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शाहजहांपुर। दिवाली के बाद तापमान में गिरावट होने से हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोज 40 से 50 हृदय रोगी आ रहे हैं। वहीं निजी अस्पताल में भी हृदय रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि पहले जहां सप्ताह में दो-तीन मरीज हार्ट अटैक के आते थे वहीं ठंड बढ़ने के साथ ही चार से पांच मरीज रोज आ रहे हैं।
ठंड के मौसम में हृदयघात का ज्यादा खतरा रहता है। सर्दी में दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इसके चलते खून और ऑक्सीजन का बहाव कम व रक्तचाप बढ़ने से हार्टअटैक का खतरा रहता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी इन दिनों दिल के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। एंजियोग्राफी आदि की व्यवस्था न होने के कारण मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. केसी वर्मा के मुताबिक, वे प्रतिदिन हृदय रोग संबंधित 40 से 50 मरीज ओपीडी में देखते हैं। इसमें अधिकतर नए मरीज होते हैं, जिन्हें दिल में दिक्कत होती है। एक सप्ताह में मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। जबकि महीने के शुरुआत में हर दिन 15 से 20 मरीज ही आते थे।
सरकारी के साथ निजी अस्पताल में बढ़ी संख्या
दिल के मरीजों की संख्या सिर्फ सरकारी अस्पताल में ही नहीं बढ़ी है, बल्कि निजी अस्पताल की ओपीडी भी बढ़ गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में हर दिन दो से तीन मरीज हार्टअटैक के आ रहे हैं जबकि सितंबर में और इससे पहले सप्ताह में एक-दो मरीज ही आते थे। एक निजी अस्पताल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. तरुण अग्रवाल ने बताया कि सोमवार सुबह से शाम तक पांच मरीज हार्ट अटैक पड़ने के कारण भर्ती किए गए थे।
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फैक्ट फाइल
40 से 50 मरीज हर दिन दिल के रोगी राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे।
50 मरीजों का प्रतिदिन किया जा रहा है ईसीजी
यह कहते हैं डॉक्टर
सर्दी में दिल के रोगी बढ़ जाते हैं। ठंडक बढ़ने पर और अधिक खतरा बढ़ने की संभावना रहेगी। वर्तमान में हर दिन ओपीडी में 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। - डॉ. केसी वर्मा, कॉर्डियोलॉजिस्ट, राजकीय मेडिकल कॉलेज
गर्मी में दिल के रोगियों की संख्या कम रहती है। सर्दी आते ही दिल के रोगी बढ़ने लगे हैं। पहले सप्ताह में एक-दो मरीज आते थे। अब हर दिन चार से पांच मरीज हार्टअटैक का उपचार कराने आ रहे हैं। - डॉ. तरुण अग्रवाल, कॉर्डियोलॉजिस्ट
बुखार : ट्रामा सेंटर में बेड डालने तक को नहीं बची जगह
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं एक बार फिर से चरमराने लगी हैं। वायरल बुखार के मरीजों के बढ़ने के बाद बेड कम पड़ गए हैं। नतीजतन, मरीजों का उपचार स्ट्रेचर पर हो रहा है। ट्रामा सेंटर में जगह कम पड़ने के कारण गैलरी में स्ट्रेचर डालकर मरीजों का उपचार किया जा रहा।
330 बेड के अस्पताल में वायरल बुखार, मलेरिया रोगियों की संख्या बढ़ने से स्थिति बदहाल होने लगी है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को राहत देने के लिए 100 अतिरिक्त बेड वार्डों में डलवा रखे हैं, लेकिन वे भी फुल हो गए हैं। सोमवार दोपहर एक बजे ट्रामा सेंटर में मरीजों के लिए जगह कम पड़ गई। अभी दो महीने पहले ट्रामा सेंटर का विस्तार होने के बाद भी उसमें स्ट्रेचर के लिए जगह कम न होने पर गैलरी में स्ट्रेचर डालकर मरीजों को लिटाकर उपचार किया जा रहा। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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ठंड के मौसम में हृदयघात का ज्यादा खतरा रहता है। सर्दी में दिल की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इसके चलते खून और ऑक्सीजन का बहाव कम व रक्तचाप बढ़ने से हार्टअटैक का खतरा रहता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी इन दिनों दिल के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। एंजियोग्राफी आदि की व्यवस्था न होने के कारण मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. केसी वर्मा के मुताबिक, वे प्रतिदिन हृदय रोग संबंधित 40 से 50 मरीज ओपीडी में देखते हैं। इसमें अधिकतर नए मरीज होते हैं, जिन्हें दिल में दिक्कत होती है। एक सप्ताह में मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। जबकि महीने के शुरुआत में हर दिन 15 से 20 मरीज ही आते थे।
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सरकारी के साथ निजी अस्पताल में बढ़ी संख्या
दिल के मरीजों की संख्या सिर्फ सरकारी अस्पताल में ही नहीं बढ़ी है, बल्कि निजी अस्पताल की ओपीडी भी बढ़ गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में हर दिन दो से तीन मरीज हार्टअटैक के आ रहे हैं जबकि सितंबर में और इससे पहले सप्ताह में एक-दो मरीज ही आते थे। एक निजी अस्पताल के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. तरुण अग्रवाल ने बताया कि सोमवार सुबह से शाम तक पांच मरीज हार्ट अटैक पड़ने के कारण भर्ती किए गए थे।
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फैक्ट फाइल
40 से 50 मरीज हर दिन दिल के रोगी राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे।
50 मरीजों का प्रतिदिन किया जा रहा है ईसीजी
यह कहते हैं डॉक्टर
सर्दी में दिल के रोगी बढ़ जाते हैं। ठंडक बढ़ने पर और अधिक खतरा बढ़ने की संभावना रहेगी। वर्तमान में हर दिन ओपीडी में 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। - डॉ. केसी वर्मा, कॉर्डियोलॉजिस्ट, राजकीय मेडिकल कॉलेज
गर्मी में दिल के रोगियों की संख्या कम रहती है। सर्दी आते ही दिल के रोगी बढ़ने लगे हैं। पहले सप्ताह में एक-दो मरीज आते थे। अब हर दिन चार से पांच मरीज हार्टअटैक का उपचार कराने आ रहे हैं। - डॉ. तरुण अग्रवाल, कॉर्डियोलॉजिस्ट
बुखार : ट्रामा सेंटर में बेड डालने तक को नहीं बची जगह
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं एक बार फिर से चरमराने लगी हैं। वायरल बुखार के मरीजों के बढ़ने के बाद बेड कम पड़ गए हैं। नतीजतन, मरीजों का उपचार स्ट्रेचर पर हो रहा है। ट्रामा सेंटर में जगह कम पड़ने के कारण गैलरी में स्ट्रेचर डालकर मरीजों का उपचार किया जा रहा।
330 बेड के अस्पताल में वायरल बुखार, मलेरिया रोगियों की संख्या बढ़ने से स्थिति बदहाल होने लगी है। अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को राहत देने के लिए 100 अतिरिक्त बेड वार्डों में डलवा रखे हैं, लेकिन वे भी फुल हो गए हैं। सोमवार दोपहर एक बजे ट्रामा सेंटर में मरीजों के लिए जगह कम पड़ गई। अभी दो महीने पहले ट्रामा सेंटर का विस्तार होने के बाद भी उसमें स्ट्रेचर के लिए जगह कम न होने पर गैलरी में स्ट्रेचर डालकर मरीजों को लिटाकर उपचार किया जा रहा। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों में बेहतर इलाज मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।