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अव्यवस्था : तीमारदारों के हाथों में ऑक्सीजन सिलिंडर, स्ट्रेचर पर मरीज
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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन को लेकर मरीजों की समस्या बढ़ने लगी है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के मना करने पर एक मरीज को आक्सीजन सिलिंडर बाहर से लाना पड़ा। तीमारदारों को आक्सीजन सिलेंडर हाथों पर उठाकर ले जाना पड़ा। देने से मना किए जाने पर बाहर से सिलिंडर की व्यवस्था करनी पड़ रही है। वहीं सीएमएस गैर जिम्मेदाराना अंदाज में कह रहे है कि उन्हें सोने दिया जाए। रात भर सोए नहीं हैं।
हरदोई के शाहबाद क्षेत्र निवासी श्यामसुंदर की तबियत खराब होने पर 19 अप्रैल को यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। भाई संजीव ने बताया कि वह शाहबाद से आक्सीजन सिलिंडर लेकर चले थे। यहां सिलिंडर खत्म होने पर मेडिकल कॉलेज स्टाफ से ऑक्सीजन लगाने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद मरीज के तीमारदारों को बाहर से ऑक्सीजन के तीन सिलिंडरों की व्यवस्था करने पड़ी।
मरीज के भाई संजीव ने कहा कि उनको राजकीय मेडिकल कॉलेज से कोई शिकायत नहीं है। मरीज को ठीक कराने आए हैं। मेडिकल कॉलेज से ऑक्सीजन नहीं मिली इसलिए उन्होंने अपने स्तर से ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था कर ली। थी।
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उधर, इस मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो सीएमएस डॉ. एयूपी सिंहा ने कहा कि आराम करने दो। रात भर सोये नहीं हैं। हालांकि, राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दावा किया था कि ऑक्सीजन की कमी नहीं हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 36 घंटे का ऑक्सीजन स्टोर किया जा सकता है। जैसे-जैसे आक्सीजन सिलिंडर खाली होते जाते हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन सप्लायर से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवा लेता है।
मरीजों के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बाहर से ऑक्सीजन सिलिंडर लाने की जरुरत नहीं है। किसी तीमारदार द्वारा हाथों में ऑक्सीजन सिलिंडर लाए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ
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हरदोई के शाहबाद क्षेत्र निवासी श्यामसुंदर की तबियत खराब होने पर 19 अप्रैल को यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। भाई संजीव ने बताया कि वह शाहबाद से आक्सीजन सिलिंडर लेकर चले थे। यहां सिलिंडर खत्म होने पर मेडिकल कॉलेज स्टाफ से ऑक्सीजन लगाने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। इसके बाद मरीज के तीमारदारों को बाहर से ऑक्सीजन के तीन सिलिंडरों की व्यवस्था करने पड़ी।
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मरीज के भाई संजीव ने कहा कि उनको राजकीय मेडिकल कॉलेज से कोई शिकायत नहीं है। मरीज को ठीक कराने आए हैं। मेडिकल कॉलेज से ऑक्सीजन नहीं मिली इसलिए उन्होंने अपने स्तर से ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था कर ली। थी।
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उधर, इस मामले में राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो सीएमएस डॉ. एयूपी सिंहा ने कहा कि आराम करने दो। रात भर सोये नहीं हैं। हालांकि, राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने दावा किया था कि ऑक्सीजन की कमी नहीं हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 36 घंटे का ऑक्सीजन स्टोर किया जा सकता है। जैसे-जैसे आक्सीजन सिलिंडर खाली होते जाते हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन सप्लायर से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगवा लेता है।
मरीजों के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बाहर से ऑक्सीजन सिलिंडर लाने की जरुरत नहीं है। किसी तीमारदार द्वारा हाथों में ऑक्सीजन सिलिंडर लाए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। - डॉ. एसपी गौतम, सीएमओ