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मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत के बाद तोड़फोड़, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मंगलवार की रात इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर बवाल हुआ। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और इमरजेंसी वार्ड में तोड़फोड़ की। कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। पुलिस के समझाने पर लोग शांत होने के बजाय भिड़ गए। इस पर पुलिस ने लाठी चार्ज करके लोगों को दौड़ा दिया। मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों की मृतका के परिजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
थाना रोजा क्षेत्र की आदर्श नगर कालोनी निवासी विपसना सक्सेना (40) पत्नी सोनपाल को तबीयत बिगड़ने पर मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में रखा गया था। रात में विपसना की हालत बिगड़ने लगी। पति सोनपाल का आरोप है कि रात में कहने के बावजूद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आए। किसी वार्ड ब्वाय ने मरीज को इंजेक्शन लगाया था। इसके बाद विपसना की मौत हो गई।
इसका पता लगने पर परिजन का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्टाफ खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागकर छिप गए। हंगामे की सूचना मिलने पर चौक कोतवाल प्रवेश सिंह मौके पर जा पहुंचे। माहौल गर्माया देख अन्य कई थानों से पुलिस बुला ली गई। पुलिस ने मृतका के परिजन को को समझाने की काफी कोशिश की। मगर लोग पुलिस के सामने अभद्रता करते रहे। समझाने पर लोग नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई। फिर पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लोगों को पीटा। मृतका के पति और बेटे को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया था। हालांकि बुधवार सुबह दोनों को छोड़ दिया गया। पुलिस ने मेडिकल कॉलेज कर्मियों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात तीमारदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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स्कूल में अनुदेशक थीं विपसना
पति सोनपाल ने बताया कि विपसना सक्सेना चकभिटारा जूनियर हाईस्कूल में अनुदेशक थीं। उनका बेटा तुषार सक्सेना (18) बीए में पढ़ता है और बेटी सिमरन सक्सेना (19) बीएससी फाइनल कर चुकी है। सोनपाल का आरोप है कि शुरूआत में मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों ने अभद्रता की थी। इसके बाद पबहस होने लगी थी। डॉक्टर के साथ मारपीट नहीं की गई है।
मेडिकल कॉलेज में आए दिन हंगामा होता रहता है। कई बार प्रशासन से पुलिस बल तैनात करने की गुहार लगा चुके हैं। डॉक्टर और मेडिकल कॉलेज स्टाफ दहशत में हैं। मंगलवार को दो मरीजों की मौत हुई और दोनों के परिजन ने हंगामा किया। ऐसे हालात में ड्यूटी करना मुश्किल हो गया है।
- डॉ. एयूपी सिंहा, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज
इलाज के दौरान महिला की मृत्यु हो गई थी। परिजनों ने वार्ड में तोड़फोड़ की थी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची थी। हंगामा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। - प्रवीण कुमार, सीओ सिटी
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थाना रोजा क्षेत्र की आदर्श नगर कालोनी निवासी विपसना सक्सेना (40) पत्नी सोनपाल को तबीयत बिगड़ने पर मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में रखा गया था। रात में विपसना की हालत बिगड़ने लगी। पति सोनपाल का आरोप है कि रात में कहने के बावजूद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आए। किसी वार्ड ब्वाय ने मरीज को इंजेक्शन लगाया था। इसके बाद विपसना की मौत हो गई।
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इसका पता लगने पर परिजन का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्टाफ खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागकर छिप गए। हंगामे की सूचना मिलने पर चौक कोतवाल प्रवेश सिंह मौके पर जा पहुंचे। माहौल गर्माया देख अन्य कई थानों से पुलिस बुला ली गई। पुलिस ने मृतका के परिजन को को समझाने की काफी कोशिश की। मगर लोग पुलिस के सामने अभद्रता करते रहे। समझाने पर लोग नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई। फिर पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर लोगों को पीटा। मृतका के पति और बेटे को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया था। हालांकि बुधवार सुबह दोनों को छोड़ दिया गया। पुलिस ने मेडिकल कॉलेज कर्मियों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर अज्ञात तीमारदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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स्कूल में अनुदेशक थीं विपसना
पति सोनपाल ने बताया कि विपसना सक्सेना चकभिटारा जूनियर हाईस्कूल में अनुदेशक थीं। उनका बेटा तुषार सक्सेना (18) बीए में पढ़ता है और बेटी सिमरन सक्सेना (19) बीएससी फाइनल कर चुकी है। सोनपाल का आरोप है कि शुरूआत में मेडिकल कॉलेज कर्मचारियों ने अभद्रता की थी। इसके बाद पबहस होने लगी थी। डॉक्टर के साथ मारपीट नहीं की गई है।
मेडिकल कॉलेज में आए दिन हंगामा होता रहता है। कई बार प्रशासन से पुलिस बल तैनात करने की गुहार लगा चुके हैं। डॉक्टर और मेडिकल कॉलेज स्टाफ दहशत में हैं। मंगलवार को दो मरीजों की मौत हुई और दोनों के परिजन ने हंगामा किया। ऐसे हालात में ड्यूटी करना मुश्किल हो गया है।
- डॉ. एयूपी सिंहा, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज
इलाज के दौरान महिला की मृत्यु हो गई थी। परिजनों ने वार्ड में तोड़फोड़ की थी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची थी। हंगामा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। - प्रवीण कुमार, सीओ सिटी