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मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन का टोटा
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शाहजहांपुर का मेडिकल कॉलेज । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमित मरीजों को सबसे ज्यादा जरूरत आक्सीजन की होती है। यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन का टोटा पड़ने लगा है। सूत्रों के मुताबिक राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रति दिन 125 ऑक्सीजन सिलिंडरों की जरूरत होती है, जबकि स्टॉक में केवल 114 हैं। खास बात यह है कि मेडिकल कॉलेज में मांग बढ़ने पर ऑक्सीजन सिलिंडर सप्लाई करने वाली एजेंसी ने सप्लाई बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बने कोविड एल टू अस्पताल के आइसोलेशन और कोविड आईसीयू में मंगलवार को 115 मरीज भर्ती किए गए। इनमें 40 मरीजों को ऑक्सीजन लगानी पड़ी। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 114 आक्सीजन से भरे सिलिंडर स्टाक में थे। यानी यह स्टॉक दो दिनों के लिए भी पर्याप्त नहीं है। अगर बरेली से एक दिन के लिए सप्लाई रुक गई तो मेडिकल कॉलेज में हाहाकार मच जाएगा। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के होल्डिंग एरिया में आक्सीजन न मिलने पर मरीजों के तड़पने की नौबत आ गई थी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए एल टू आईसोलेशन और कोविड आईसीयू वार्ड बनाया गया है। इसमें 160 बेड हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों को सबसे ज्यादा सांस लेने में दिक्कत होने वाले और खांसी-जुखाम के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें तमाम मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। मेडिकल कॉलेज में 255 आक्सीजन के बड़े और 323 छोटे सिलिंडर हैं। पिछले दो दिन में प्रतिदिन 125 आक्सीजन से भरे सिलिंडर की खपत हो रही है। कॉलेज में एलटू आईसोलेशन और आईसीयू में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हो रहे हैं। मेडिकल कालेज में बरेली से प्रतिदिन चार से पांच वाहन के चक्कर लगाये जा रहे हैं। जिसमें 45 से 50 सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। मंगलवार तक राजकीय कॉलेज के पास 114 भरे हुए आक्सीजन सिलिंडर का स्टोर था। प्रतिदिन आक्सीजन सिलिंडर खाली होते हैं। तो फौरन बरेली से आक्सीजन से भरे सिलिंडर मंगवा लिये जाते हैं।
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प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों के निकलने से आक्सीजन की व्यवस्था नाकाफी है। ऐसे हालात में किसी दिन आक्सीजन सिलिंडर लाने वाली गाड़ी किसी वजह से राजकीय मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचती है तो यहां भर्ती मरीजों की जान पर बन आएगी। दरअसल बरेली स्थित अशोका गैसेज एजेंसी से यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की सप्लाई होती है। प्रतिदिन बरेली से चार से पांच बार आक्सीजन सिलिंडर से भरी गाड़ी यहां आती है।
कुछ दिन से आक्सीजन सिलिंडर की मांग बढ़ गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चार से पांच बार ऑक्सीजन से भरे सिलिंडर भेजे जाते हैं। एक चक्कर में 45 से 50 सिलिंडर पहुंचाए जाते हैं। पिछले कुछ दिन से ऑक्सीजन की मांग पांच गुना बढ़ गई है।
विभोर अग्रवाल, अशोका गैसेज एजेंसी
ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। दो से तीन अन्य कंपनियों से ऑक्सीजन लेने के लिए बात चल रही है। दो दिन का स्टॉक करने का आदेश है। मगर स्टाक इसलिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि कंपनी ऑक्सीजन देने में दिक्कत कर रही हैं। हालांकि अभी मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हैं। -, एयूपी सिन्हा, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में है। आक्सीजन खत्म होने पर मंगा ली जाती है। हमारे पास 36 घंटे का आक्सीजन बेकअप है। इससे ज्यादा रखने की जगह नहीं है। जंबो सिलिंडर के माध्यम से आक्सीजन स्टोर की जाती है। किसी तरह से मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम, शाहजहांपुर
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राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में बने कोविड एल टू अस्पताल के आइसोलेशन और कोविड आईसीयू में मंगलवार को 115 मरीज भर्ती किए गए। इनमें 40 मरीजों को ऑक्सीजन लगानी पड़ी। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज में सिर्फ 114 आक्सीजन से भरे सिलिंडर स्टाक में थे। यानी यह स्टॉक दो दिनों के लिए भी पर्याप्त नहीं है। अगर बरेली से एक दिन के लिए सप्लाई रुक गई तो मेडिकल कॉलेज में हाहाकार मच जाएगा। सोमवार को मेडिकल कॉलेज के होल्डिंग एरिया में आक्सीजन न मिलने पर मरीजों के तड़पने की नौबत आ गई थी।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए एल टू आईसोलेशन और कोविड आईसीयू वार्ड बनाया गया है। इसमें 160 बेड हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों को सबसे ज्यादा सांस लेने में दिक्कत होने वाले और खांसी-जुखाम के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें तमाम मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत होती है। मेडिकल कॉलेज में 255 आक्सीजन के बड़े और 323 छोटे सिलिंडर हैं। पिछले दो दिन में प्रतिदिन 125 आक्सीजन से भरे सिलिंडर की खपत हो रही है। कॉलेज में एलटू आईसोलेशन और आईसीयू में कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हो रहे हैं। मेडिकल कालेज में बरेली से प्रतिदिन चार से पांच वाहन के चक्कर लगाये जा रहे हैं। जिसमें 45 से 50 सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। मंगलवार तक राजकीय कॉलेज के पास 114 भरे हुए आक्सीजन सिलिंडर का स्टोर था। प्रतिदिन आक्सीजन सिलिंडर खाली होते हैं। तो फौरन बरेली से आक्सीजन से भरे सिलिंडर मंगवा लिये जाते हैं।
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प्रतिदिन बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मरीजों के निकलने से आक्सीजन की व्यवस्था नाकाफी है। ऐसे हालात में किसी दिन आक्सीजन सिलिंडर लाने वाली गाड़ी किसी वजह से राजकीय मेडिकल कॉलेज नहीं पहुंचती है तो यहां भर्ती मरीजों की जान पर बन आएगी। दरअसल बरेली स्थित अशोका गैसेज एजेंसी से यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की सप्लाई होती है। प्रतिदिन बरेली से चार से पांच बार आक्सीजन सिलिंडर से भरी गाड़ी यहां आती है।
कुछ दिन से आक्सीजन सिलिंडर की मांग बढ़ गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में चार से पांच बार ऑक्सीजन से भरे सिलिंडर भेजे जाते हैं। एक चक्कर में 45 से 50 सिलिंडर पहुंचाए जाते हैं। पिछले कुछ दिन से ऑक्सीजन की मांग पांच गुना बढ़ गई है।
विभोर अग्रवाल, अशोका गैसेज एजेंसी
ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। दो से तीन अन्य कंपनियों से ऑक्सीजन लेने के लिए बात चल रही है। दो दिन का स्टॉक करने का आदेश है। मगर स्टाक इसलिए नहीं हो पा रहा है, क्योंकि कंपनी ऑक्सीजन देने में दिक्कत कर रही हैं। हालांकि अभी मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हैं। -, एयूपी सिन्हा, सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज
राजकीय मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन पर्याप्त मात्रा में है। आक्सीजन खत्म होने पर मंगा ली जाती है। हमारे पास 36 घंटे का आक्सीजन बेकअप है। इससे ज्यादा रखने की जगह नहीं है। जंबो सिलिंडर के माध्यम से आक्सीजन स्टोर की जाती है। किसी तरह से मरीजों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। - इंद्र विक्रम सिंह, डीएम, शाहजहांपुर