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गुरु अपनी दृष्टिमात्र से हमारे नेत्रों में ज्योति उत्पन्न कर देते हैं : चमन
Sat, 18 Nov 2023 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 18 Nov 2023 01:11 AM IST
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पंकज टंडन
शाहजहांपुर। बाबा विश्वनाथ यात्री निवास में आयोजित आंतरिक सत्संग समारोह में शुक्रवार को दूसरे दिन संत डॉ. चतुर्भुज सहाय के अवतरण पर्व समारोह का द्वितीय एवं तृतीय सत्र संपन्न हुआ। इस दौरान संतों ने प्रवचन कर गुरु की कृपा पाने का मार्ग दिखाया।
नोएडा से आए आचार्य अनूप पचौरी ने कहा कि सभी प्रकार के प्राणियों का लक्ष्य एक समान ईश्वर को जानना और प्राप्त करना होता है। आचार्य चमन ने तृतीय सत्र में कहा कि गुरु अपनी दृष्टिमात्र से हमारे नेत्रों में ज्योति उत्पन्न कर देते हैं। सभा में जयपुर से आए आचार्य अमित कुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हमें विचार करना है कि जीवन में दुख का क्या कारण है। वर्षा की बूंदें गंगा-जमुना में मिलकर बहती हुईं समुद्र में मिल जाती हैं और भाप और बादल बनकर फिर बूंद और यात्रा का क्रम प्रारंभ हो जाता है। वैसे ही आत्माएं बूंद की तरह अपने आदि बिंदु में मिलती हैं। आचार्य श्याम मोहन टंडन ने कहा कि शिव प्रसाद सेठ, रघुवर दयाल अग्रवाल ने सत्संग को पुष्पित और पल्लवित किया है। हम सबको उसी मार्ग पर चलते हुए इसे चलाना है तभी गुरु महाराज की शृंखला के सभी गुरुओं का आशीर्वाद मिलेगा। सत्संग से जुड़े रहना ही गुरु महाराज की गोद में बैठना है। लखनऊ के आचार्य केसी श्रीवास्तव, आचार्य सुंदरलाल ने विचार रखे। वहीं, साधकों के लिए भोजन निर्माण तथा वितरण में पंकज टंडन, धनपाल सिंह ने व्यवस्था देखी। स्वास्थ्य शिविर में डॉ. गौरव कौशल ने 70-80 सत्संगियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया तथा निशुल्क होम्योपैथी औषधियों का वितरण किया।
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नोएडा से आए आचार्य अनूप पचौरी ने कहा कि सभी प्रकार के प्राणियों का लक्ष्य एक समान ईश्वर को जानना और प्राप्त करना होता है। आचार्य चमन ने तृतीय सत्र में कहा कि गुरु अपनी दृष्टिमात्र से हमारे नेत्रों में ज्योति उत्पन्न कर देते हैं। सभा में जयपुर से आए आचार्य अमित कुमार कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हमें विचार करना है कि जीवन में दुख का क्या कारण है। वर्षा की बूंदें गंगा-जमुना में मिलकर बहती हुईं समुद्र में मिल जाती हैं और भाप और बादल बनकर फिर बूंद और यात्रा का क्रम प्रारंभ हो जाता है। वैसे ही आत्माएं बूंद की तरह अपने आदि बिंदु में मिलती हैं। आचार्य श्याम मोहन टंडन ने कहा कि शिव प्रसाद सेठ, रघुवर दयाल अग्रवाल ने सत्संग को पुष्पित और पल्लवित किया है। हम सबको उसी मार्ग पर चलते हुए इसे चलाना है तभी गुरु महाराज की शृंखला के सभी गुरुओं का आशीर्वाद मिलेगा। सत्संग से जुड़े रहना ही गुरु महाराज की गोद में बैठना है। लखनऊ के आचार्य केसी श्रीवास्तव, आचार्य सुंदरलाल ने विचार रखे। वहीं, साधकों के लिए भोजन निर्माण तथा वितरण में पंकज टंडन, धनपाल सिंह ने व्यवस्था देखी। स्वास्थ्य शिविर में डॉ. गौरव कौशल ने 70-80 सत्संगियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया तथा निशुल्क होम्योपैथी औषधियों का वितरण किया।

पंकज टंडन

पंकज टंडन

पंकज टंडन

पंकज टंडन

पंकज टंडन
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