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विश्व पर्यावरण दिवस : कागजों में बढ़ी हरियाली, जंगल में चल रहा आरा

Sun, 05 Jun 2022 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jun 2022 01:03 AM IST
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Greenery increased on paper, saw running in the forest
खुटार के जंगल में काटे गए सागौन के पेड़ की जड़ - फोटो : KHUTAR
आशुतोष शुक्ला/मयंक वर्मा
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खुटार/शाहजहांपुर। तमाम प्रयासों के बाद भी वन संपदा पर आरी और कुल्हाड़ी चलना थमा नहीं है। सरकारी आंकड़े भले हरियाली बढ़ने का दावा करते हों, लेकिन हकीकत में कटान की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। वन संपदा से भरपूर खुटार रेंज के जंगल बाग में तब्दील होकर रह गया है। इसके बावजूद वन विभाग का दावा है कि जिले का वन आवरण गत वर्ष से 0.04 फ़ीसदी बढ़ा है।
लगभग पांच हजार हेक्टेयर जंगल सिर्फ खुटार रेंज के हिस्से में आता है। खुटार रेंज में जंगल का क्षेत्रफल बड़ा होने और यहां कोरों, सागौन के बेशकीमती पेड़ होने के कारण माफिया की निगाहें भी जंगल पर लगी रहती हैं। यहां आए दिन कोरों और सागौन के पेड़ो का कटान होता रहता है। कटान के बाद लकड़ी को गैर जनपदों तक सप्लाई किया जाता है। शिकायत पर केस काटकर जुर्माना वसूलने की कार्रवाई कर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है। अप्रैल में फत्तेपुर और छापाबोझी बीट में कोरों के कई पेड़ काट डाले गए थे, जिस पर डीएफओ ने मामले की जांच कराई थी, लेकिन केस काटकर मामले को निपटा दिया गया।
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खीरी के मैलानी में रहते हैं खुटार के रेंजर
खुटार रेंज के पास पांच हजार हेक्टेयर जंगल होने के बाद भी उसकी सुरक्षा करने के नाम पर विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं। जंगल की देखभाल के लिए छह वन दरोगा, दस वाचर और एक फॉरेस्ट गार्ड की तैनाती है। इतने बड़े क्षेत्रफल में फैले जंगल की सुरक्षा बड़ा सवाल है। शाहजहांपुर जिले की सबसे बड़ी रेंज होने के बाद भी इसका मुख्यालय जनपद लखीमपुर के मैलानी कसबे में है। रेंजर भी मैलानी में ही रहते हैं।
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पांच वर्षों में रोपे गए 173.61 लाख पौधे
शाहजहांपुर। वन विभाग कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 26 वर्ग किलोमीटर में अत्यंत सघन वन क्षेत्र 26.31 वर्ग किलोमीटर में खुला वन क्षेत्र, सात वर्ग किलोमीटर में सघन वन क्षेत्र एवं लगभग पांच वर्ग किलोमीटर में पेड़ लगे हुए हैं। इस प्रकार कुल 64.64 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र जिले में है।
कब कितने पौधे रोपे और कितने बचे
वर्ष रोपे पौधे जीवित बचे
2017-18 18.55 13.35 लाख
2018-19 23.96 17.73 लाख
2019-20 39.64 29.73 लाख
2020-21 43.50 33.06 लाख
2021-22 48 लाख 36.96 लाख
(भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक विगत वर्ष अप्रैल माह में 1.33 प्रतिशत वनावरण था जो कि इस बार बढ़कर 1.37 हो गया है।)
1069 पंचायतों में हरिशंकरी वाटिका लगाई जाएगी
वन विभाग का सर्वाइवल रेट 90 प्रतिशत है, जबकि अन्य विभागों का सर्वाइवल रेट 70 से 75 फीसदी प्रतिवर्ष रहता है। डीएफओ आदर्श कुमार ने बताया कि पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंचायती राज विभाग की ओर से जनपद की 1069 ग्राम पंचायतों में हरिशंकरी वाटिका की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक वाटिका में पीपल, बरगद एवं पाकड़ के एक-एक पेड़ लगाए जाएंगे।

जंगल में कटान की सूचना पर तत्काल कार्रवाई कराई जाती है। लकड़ी की रिकवरी होती है और केस भी काटे जाते हैं। जंगल की सुरक्षा के लिए स्टाफ की कमी है। इस कारण भी दिक्कत होती है। वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। -आदर्श कुमार, डीएफओ, शाहजहांपुर।
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