{"_id":"7b3c0f54d930dd860b9111714119b3c8","slug":"grand-supporters-flocked-at-the-counting-site-bavlkeda-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भावलखेड़ा के मतगणना स्थल पर उमड़ा समर्थकों का हुजूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भावलखेड़ा के मतगणना स्थल पर उमड़ा समर्थकों का हुजूम
भावलखेड़ा।
Updated Sun, 13 Dec 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर से सटा विकास खंड होने के कारण ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों की वोटों की गिनती के दौरान मतगणना स्थल के बाहर प्रत्याशियों के समर्थकों का रेला उमड़ता रहा। रेती मार्ग स्थित डॉ. सुदामा प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज के बाहर मेले जैसा माहौल रहा। कहीं फूल मालाओं की बिक्री हो रही थी, तो कहीं चाट-पकौड़ी, फल, मूंगफली आदि के ठेले और स्टाल लगे थे।
मतगणना स्थल पर जितनी शांति थी, उतनी ही मतगणना स्थल के बाहर गहमा-गहमी थी। हथौड़ा चौराहा के समीप भ_ा के सामने से लेकर रेती तक हजारों लोग एकत्र थे। स्कूल गेट के सामने भीड़ बढ़ती देख सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस ने खूब डंडे फटकारे और समर्थकों को दूर तक खदेड़ा। सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव ने लाउडहेलर से भीड़ को दूर जाने की अपील की। इस बीच मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए हजारों लोगों को भी हटाकर रास्ता साफ कराया गया, ताकि जाम की स्थिति न बन सके। इतनी ही नहीं मतगणना स्थल के समीप लगे चाट-पकौड़ी के ठेले भी हटवाए गए। डंडा फटकारने में कई जगह मोटरसाइकिलें भी गिर गईं और भीड़ के जाम में वाहन फंसे रहे। पुलिस ने जाम खुलवाकर भीड़ को तितर-बितर किया।
इधर, हथौड़ा चौराहा और संजय कुमार सरस्वती इंटर कॉलेज के सामने समर्थकों के सैकड़ों वाहन होने से भी स्थिति असामान्य रही। कई बार भीड़ हटाते समय पुलिस से लोगों की नोकझोंक भी हुई। इस दौरान डीएम ने भी मतगणना स्थल का भ्रमण कर व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सुदामा प्रसाद स्कूल गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
विजेताओं और समर्थकों को
फूल मालाओं को लादा
सुदामा स्कूल के बाहर जुटी भीड़ को जैसे ही अपने प्रत्याशी के जीतने की सूचना मिलती थी, वैसे ही टैंपो हाई के नारे बुलंद होने लगते थे। लोगबाग विजयी प्रत्याशियों की ओर फूल मालाएं लेकर दौड़ पड़ते थे और देखते ही देखते समर्थक उन्हें मालाएं पहनाकर कंधों पर उठा लेते और घर की ओर रवाना हो जाते।
जीतीं महिलाएं, फूल
मालाएं पति को मिलीं
चुनाव में बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशियों को विजयश्री मिली, लेकिन जीतने की सूचना मिलते ही समर्थक विजयी महिला प्रत्याशियों के पति को फूल मालाएं पहनाकर बधाई देने लगते थे। महिलाएं घूंघट में मंदमंद मुस्काते हुए ये तमाशा देख रहीं थीं। ऐसा अद्भुत नजारा एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार देखने को मिला।
विज्ञापन
मतगणना स्थल पर जितनी शांति थी, उतनी ही मतगणना स्थल के बाहर गहमा-गहमी थी। हथौड़ा चौराहा के समीप भ_ा के सामने से लेकर रेती तक हजारों लोग एकत्र थे। स्कूल गेट के सामने भीड़ बढ़ती देख सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस ने खूब डंडे फटकारे और समर्थकों को दूर तक खदेड़ा। सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव ने लाउडहेलर से भीड़ को दूर जाने की अपील की। इस बीच मुख्य मार्ग पर एकत्र हुए हजारों लोगों को भी हटाकर रास्ता साफ कराया गया, ताकि जाम की स्थिति न बन सके। इतनी ही नहीं मतगणना स्थल के समीप लगे चाट-पकौड़ी के ठेले भी हटवाए गए। डंडा फटकारने में कई जगह मोटरसाइकिलें भी गिर गईं और भीड़ के जाम में वाहन फंसे रहे। पुलिस ने जाम खुलवाकर भीड़ को तितर-बितर किया।
विज्ञापन
इधर, हथौड़ा चौराहा और संजय कुमार सरस्वती इंटर कॉलेज के सामने समर्थकों के सैकड़ों वाहन होने से भी स्थिति असामान्य रही। कई बार भीड़ हटाते समय पुलिस से लोगों की नोकझोंक भी हुई। इस दौरान डीएम ने भी मतगणना स्थल का भ्रमण कर व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। सुदामा प्रसाद स्कूल गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
विजेताओं और समर्थकों को
फूल मालाओं को लादा
सुदामा स्कूल के बाहर जुटी भीड़ को जैसे ही अपने प्रत्याशी के जीतने की सूचना मिलती थी, वैसे ही टैंपो हाई के नारे बुलंद होने लगते थे। लोगबाग विजयी प्रत्याशियों की ओर फूल मालाएं लेकर दौड़ पड़ते थे और देखते ही देखते समर्थक उन्हें मालाएं पहनाकर कंधों पर उठा लेते और घर की ओर रवाना हो जाते।
जीतीं महिलाएं, फूल
मालाएं पति को मिलीं
चुनाव में बड़ी संख्या में महिला प्रत्याशियों को विजयश्री मिली, लेकिन जीतने की सूचना मिलते ही समर्थक विजयी महिला प्रत्याशियों के पति को फूल मालाएं पहनाकर बधाई देने लगते थे। महिलाएं घूंघट में मंदमंद मुस्काते हुए ये तमाशा देख रहीं थीं। ऐसा अद्भुत नजारा एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार देखने को मिला।