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महिलाओं ने जीआईसी तिराहा जाम करके दिया धरना
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:51 PM IST
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महिलाओं ने जीआईसी तिराहा जाम करके दिया धरना
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राशनकार्ड के आवेदन ऑनलाइन किए चार माह बीतने के बावजूद कोटेदारों द्वारा चीनी, खाद्यान्न आदि नहीं दिए जाने पर हथौड़ा और रेती क्षेत्र की महिलाओं ने डीएम और डीएसओ से संपर्क साधा। अफसरों से समस्या का समाधान नहीं मिलने पर उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता नूर मियां के नेतृत्व में जीआईसी तिराहे पर जाम लगाकर धरना दिया। जाम में रोडवेज की कई बसों समेत तमाम वाहन करीब एक घंटे तक फंसे रहे। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने महिलाओं को 20 जून तक राशन दिलाने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। प्रदर्शन में शामिल अधिकांश महिलाएं शहर के रेती और पुत्तू लाल चौराहा क्षेत्र से आई थीं। इन सभी ने करीब चार माह पहले खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी लाभार्थी के रूप में राशन कार्ड के ऑनलाइन आवेदन किए थे। इसके बावजूद उन्हें कोटेदारों द्वारा गत फरवरी से चीनी, केरोसिन, खाद्यान्न आदि नहीं दिया जा रहा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता नूर मियां उन्हें लेकर पहले डीएम पुष्पा सिंह से मिले और उननकी समस्या बताई। गरीब परिवारों को सस्ते खाद्यान्न के लिए तरसाए जाने को डीएम ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रभा से बात की और उन्हें महिलाआें की समस्या सुनकर उसका निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर महिलाएं डीएसओ से मिलीं। महिलाओं का समूह उनकी बात अनसुनी करके जीआईसी तिराहे पर जा पहुंचा। वहां महिलाओं ने रोड पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन शुरू किया तो जाम लगने लगा। सीतापुर, गोला, हरदोई दिशा से आने वाली कई रोडवेज और प्राइवेट बसें जाम में फंसने से लोधीपुर खन्नौत पुल पर खड़ी हो गईं। कचहरी तिराहे से आने वाले टैंपो समेत अन्य वाहनों की कतारें गुरुद्वारा सिंह सभा तक लग गईं। उधर, खिरनीबाग चौराहे से आने वाले ट्रैफिक को ब्रेक लग गया। रास्ते बंद होते देख महिलाओं ने रोड पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
समस्या जानकर राहगीर भी प्रदर्शन में हुए शामिल
महिलाओं के हुजूम को जीआईसी तिराहे पर इकट्ठा देख उधर से गुजरे तमाम राहगीरों ने माजरा समझा तो वे भी प्रदर्शन में शामिल हो लिए। पुवायां निवासी प्रेमशंकर पांडेय, अंटा निवासी बलवीर सिंह ने कहा कि अधिकांश राशन उपभोक्ता आपूर्ति विभाग की लापरवाही से परेशान हैं।
पर्दे के पीछे रहे महिलाओं को उकसाने वाले
प्रदर्शन के दौरान जाम खुलवाने पहुंचे थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक केके वर्मा ने महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाने की चेष्टा की, लेकिन विफल रहे। अंतत: सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने डीएसओ से हुई वार्ता का हवाला देते हुए 20 जून तक राशन वितरण का भरोसा देकर महिलाओं को शांत किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। प्रदर्शन मेें मुन्नी देवी, शहनाज, फिरोजा, कैसर जहां, साधना देवी, फैयाज, असलम आदि शामिल रहे।
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राशनकार्ड को ऑनलाइन करने के लिए बनाया गया साफ्टवेयर प्राथमिक चरणों का काम पूरा होने के बाद पिछले दस दिन से बंद है। साफ्टवेयर में निश्चित फीडिंग के बाद राइडर लगा दिए जाने से आगे का काम फिलहाल बंद है और यह समस्या प्रदेश के सभी जिलों में बनी हुई है। इस बारे में अवगत कराए जाने पर डीएम ने उच्चाधिकारियों से बात की है। साफ्टवेयर चालू होते ही राशनकार्ड के ऑनलाइन आवेदनों का निस्तारण तेजी से शुरू करा दिया जाएगा।
-विजय प्रभा, जिला आपूर्ति अधिकारी
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समस्या जानकर राहगीर भी प्रदर्शन में हुए शामिल
महिलाओं के हुजूम को जीआईसी तिराहे पर इकट्ठा देख उधर से गुजरे तमाम राहगीरों ने माजरा समझा तो वे भी प्रदर्शन में शामिल हो लिए। पुवायां निवासी प्रेमशंकर पांडेय, अंटा निवासी बलवीर सिंह ने कहा कि अधिकांश राशन उपभोक्ता आपूर्ति विभाग की लापरवाही से परेशान हैं।
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पर्दे के पीछे रहे महिलाओं को उकसाने वाले
प्रदर्शन के दौरान जाम खुलवाने पहुंचे थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक केके वर्मा ने महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाने की चेष्टा की, लेकिन विफल रहे। अंतत: सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने डीएसओ से हुई वार्ता का हवाला देते हुए 20 जून तक राशन वितरण का भरोसा देकर महिलाओं को शांत किया। इस दौरान करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। प्रदर्शन मेें मुन्नी देवी, शहनाज, फिरोजा, कैसर जहां, साधना देवी, फैयाज, असलम आदि शामिल रहे।
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राशनकार्ड को ऑनलाइन करने के लिए बनाया गया साफ्टवेयर प्राथमिक चरणों का काम पूरा होने के बाद पिछले दस दिन से बंद है। साफ्टवेयर में निश्चित फीडिंग के बाद राइडर लगा दिए जाने से आगे का काम फिलहाल बंद है और यह समस्या प्रदेश के सभी जिलों में बनी हुई है। इस बारे में अवगत कराए जाने पर डीएम ने उच्चाधिकारियों से बात की है। साफ्टवेयर चालू होते ही राशनकार्ड के ऑनलाइन आवेदनों का निस्तारण तेजी से शुरू करा दिया जाएगा।
-विजय प्रभा, जिला आपूर्ति अधिकारी