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गंगा एक्सप्रेसवे : हैंडओवर की तैयारी... वाहनों की संख्या में हुआ इजाफा
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जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे स्थित टोल प्लाजा से गुजरते भारी वाहन। संवाद
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। गंगा एक्सप्रेसवे का प्रायोगिक दौर (ट्रायल बेस) अभी 15 दिन और जारी रह सकता है। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद निर्माण कंपनी ने अब इसे हैंडओवर करने की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को कलक्टरगंज स्थित टोल प्लाजा से हर घंटे औसतन करीब 70 से 75 वाहनों की आवाजाही हुई। इसमे बड़ी संख्या में भारी और लोडेड वाहन शामिल रहे।
29 अप्रैल को हरदोई जनपद के मल्लावां में आयोजित हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इसके बाद रात 12 बजे से आमजन के लिए इसे ट्रायल बेस पर खोल दिया गया। 30 अप्रैल को इससे होकर गुजरने वाले वाहनों में ज्यादातर कार या अन्य छोटे वाहन शामिल रहे लेकिन एक मई को एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या लगभग दो गुनी हो गई।
मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की दूरी वाला यह एक्सप्रेस वे चार भागों में बनाया गया है। इसमें बदायूं जनपद से शाहजहांपुर होते हुए हरदोई सीमा तक करीब 151 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे राजस्थान की निर्माण कंपनी एचजी इंफ़्रा लिमिटेड ने तैयार किया है। इस कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी अमन तिवारी ने बताया कि सभी तरह का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद अपने हिस्से का एक्सप्रेसवे अडानी ग्रुप को हैंडओवर करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि अभी आने वाले 15 दिनों तक एक्सप्रेसवे ट्रायल बेस पर रहेगा।
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विश्राम क्षेत्र का काम भी अंतिम दौर में
शाहजहांपुर रोड पर गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे गांव ढका में रेस्ट एरिया का निर्माण अंतिम दौर में है। यहां विभिन्न तरह के निर्माण पूरे हो चुके हैं और केवल फिनिशिंग का काम चल रहा है। ढाबा भी शुरू हो गया है। ढाबा अयोध्या निवासी पप्पू यादव संचालित कर रहे हैं। पप्पू ने बताया कि ढाबा संचालन के लिए अडानी ग्रुप से उनका एक साल का एग्रीमेंट हुआ है। 30 अप्रैल को ढाबे की शुरुआत कर दी थी। पहले दिन कम लोग पहुंचे लेकिन शुक्रवार को करीब ढाई सौ लोग पहुंचे। बताया कि यह ढाबा ट्रक संचालकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अभी ढाबे पर फास्ट फूड, थाली, नमकीन, बिस्कुट व कोल्डड्रिंक आदि की व्यवस्था है। रेस्ट एरिया के अंदर फ्यूल पंप से लेकर ज्यादातर निर्माण पूरे हो चुके हैं।
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ये सुविधाएं मौजूद होंगी रेस्ट एरिया में
करीब दो सौ बीघा में बने रेस्ट एरिया में यात्रियों के लिए विभिन्न तरह की दस सुविधाएं मौजूद रहेगीं। इनमें फूड प्लाजा, कैफेटेरिया, ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट, ट्राॅमा सेंटर, गाड़ियों के लिए दो चार्जिंग प्वाइंट, फ्यूल स्टेशन, सर्विस सेंटर, रेस्ट रूम आदि शामिल हैं।
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परिवार सहित मनौना धाम जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे के अब तक के सफर का अनुभव काफी अच्छा रहा। अन्य एक्सप्रेसवे की अपेक्षा अभी वाहनों की तादाद भी कम है।
- अजय सिंह, लखनऊ
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अपने मित्रों के साथ बरेली जा रहे हैं। उन्नाव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे को छोड़कर गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़े थे। एक्सप्रेसवे के किनारे रेस्टिंग एरिया न बने होने की कमी खली।
-डॉ. आकाश शर्मा, बाराबंकी
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29 अप्रैल को हरदोई जनपद के मल्लावां में आयोजित हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था। इसके बाद रात 12 बजे से आमजन के लिए इसे ट्रायल बेस पर खोल दिया गया। 30 अप्रैल को इससे होकर गुजरने वाले वाहनों में ज्यादातर कार या अन्य छोटे वाहन शामिल रहे लेकिन एक मई को एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या लगभग दो गुनी हो गई।
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मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर की दूरी वाला यह एक्सप्रेस वे चार भागों में बनाया गया है। इसमें बदायूं जनपद से शाहजहांपुर होते हुए हरदोई सीमा तक करीब 151 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे राजस्थान की निर्माण कंपनी एचजी इंफ़्रा लिमिटेड ने तैयार किया है। इस कंपनी के प्रशासनिक अधिकारी अमन तिवारी ने बताया कि सभी तरह का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद अपने हिस्से का एक्सप्रेसवे अडानी ग्रुप को हैंडओवर करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि अभी आने वाले 15 दिनों तक एक्सप्रेसवे ट्रायल बेस पर रहेगा।
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विश्राम क्षेत्र का काम भी अंतिम दौर में
शाहजहांपुर रोड पर गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे गांव ढका में रेस्ट एरिया का निर्माण अंतिम दौर में है। यहां विभिन्न तरह के निर्माण पूरे हो चुके हैं और केवल फिनिशिंग का काम चल रहा है। ढाबा भी शुरू हो गया है। ढाबा अयोध्या निवासी पप्पू यादव संचालित कर रहे हैं। पप्पू ने बताया कि ढाबा संचालन के लिए अडानी ग्रुप से उनका एक साल का एग्रीमेंट हुआ है। 30 अप्रैल को ढाबे की शुरुआत कर दी थी। पहले दिन कम लोग पहुंचे लेकिन शुक्रवार को करीब ढाई सौ लोग पहुंचे। बताया कि यह ढाबा ट्रक संचालकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अभी ढाबे पर फास्ट फूड, थाली, नमकीन, बिस्कुट व कोल्डड्रिंक आदि की व्यवस्था है। रेस्ट एरिया के अंदर फ्यूल पंप से लेकर ज्यादातर निर्माण पूरे हो चुके हैं।
ये सुविधाएं मौजूद होंगी रेस्ट एरिया में
करीब दो सौ बीघा में बने रेस्ट एरिया में यात्रियों के लिए विभिन्न तरह की दस सुविधाएं मौजूद रहेगीं। इनमें फूड प्लाजा, कैफेटेरिया, ढाबा, होटल, रेस्टोरेंट, ट्राॅमा सेंटर, गाड़ियों के लिए दो चार्जिंग प्वाइंट, फ्यूल स्टेशन, सर्विस सेंटर, रेस्ट रूम आदि शामिल हैं।
परिवार सहित मनौना धाम जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे के अब तक के सफर का अनुभव काफी अच्छा रहा। अन्य एक्सप्रेसवे की अपेक्षा अभी वाहनों की तादाद भी कम है।
- अजय सिंह, लखनऊ
अपने मित्रों के साथ बरेली जा रहे हैं। उन्नाव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे को छोड़कर गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़े थे। एक्सप्रेसवे के किनारे रेस्टिंग एरिया न बने होने की कमी खली।
-डॉ. आकाश शर्मा, बाराबंकी

जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे स्थित टोल प्लाजा से गुजरते भारी वाहन। संवाद

जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे स्थित टोल प्लाजा से गुजरते भारी वाहन। संवाद

जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे स्थित टोल प्लाजा से गुजरते भारी वाहन। संवाद

जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे स्थित टोल प्लाजा से गुजरते भारी वाहन। संवाद

जलालाबाद में गंगा एक्सप्रेस-वे स्थित टोल प्लाजा से गुजरते भारी वाहन। संवाद