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गंगा एक्सप्रेस वे : प्रशासन पर बलपूर्वक जमीन का अधिग्रहण करने का आरोप
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जलालाबाद के ग्राम गुलड़िया में अधिग्रहण के दौरान जेसीबी से समतल की जा रही जमीन। संवाद
भूमि मालिक ने व्यावसायिक दर से मांगा भुगतान, लगाया मनमानी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। दो वर्ष से चल रहे प्रयास के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर शुक्रवार को प्रशासन ने पुलिस बल के साथ गुलड़िया गांव जाकर जमीन का अधिग्रहण कर लिया। इस दौरान भूमि मालिक विनोद गुप्ता ने प्रशासन पर मनमाने तरीके से जमीन का अधिग्रहण करने के साथ अन्य कई आरोप लगाए, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।
गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने के लिए शाहजहांपुर हाईवे पर गांव कलक्टरगंज से पहले इंटरचेंज निर्माणाधीन है। इंटरचेंज के लिए बनने वाली एक सड़क के दायरे मे गांव गुलड़िया के रकबे की गाटा संख्या 292 और 300 की जमीन भी आ रही है। गाटा संख्या 300 पर नगर के विनोद गुप्ता व उनके भाइयों का स्वामित्व है। नायब तहसीलदार रोहित कटियार ने बताया कि भूमि मालिक से 2.402 हेक्टेयर जमीन का बैनामा कराने के लिए कई बार कहा गया।
नायब तहसीलदार के अनुसार अधिगृहीत होने वाली जमीन का भूमि मालिक को सर्किल रेट से चार गुना भुगतान किए जाने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन वह व्यावसायिक दरों से भुगतान देने की मांग करते रहे। अन्य सभी जमीनों के वर्ष 2022 से बैनामे होते आ रहे हैं। भूमि मालिक से अपने मामले को बरेली स्थित न्यायालय में निस्तारित कराने के लिए कहा गया, लेकिन वह वहां भी नहीं गए। इसलिए शुक्रवार को व्यापक जनहित में इस जमीन को सरकार के पक्ष में अधिग्रहीत कर लिया गया।
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इस दौरान मौके पर मौजूद भूमि मालिक विनोद गुप्ता ने स्थानीय प्रशासन की इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया। उन्हाेंने अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बची हुई जमीन का प्रशासन चिह्नीकरण भी नहीं कर रहा है। नायब तहसीलदार के अनुसार अधिगृहीत जमीन का मुआवजा शासन के पूर्व आदेश के अनुसार ही किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद। दो वर्ष से चल रहे प्रयास के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर शुक्रवार को प्रशासन ने पुलिस बल के साथ गुलड़िया गांव जाकर जमीन का अधिग्रहण कर लिया। इस दौरान भूमि मालिक विनोद गुप्ता ने प्रशासन पर मनमाने तरीके से जमीन का अधिग्रहण करने के साथ अन्य कई आरोप लगाए, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।
गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने के लिए शाहजहांपुर हाईवे पर गांव कलक्टरगंज से पहले इंटरचेंज निर्माणाधीन है। इंटरचेंज के लिए बनने वाली एक सड़क के दायरे मे गांव गुलड़िया के रकबे की गाटा संख्या 292 और 300 की जमीन भी आ रही है। गाटा संख्या 300 पर नगर के विनोद गुप्ता व उनके भाइयों का स्वामित्व है। नायब तहसीलदार रोहित कटियार ने बताया कि भूमि मालिक से 2.402 हेक्टेयर जमीन का बैनामा कराने के लिए कई बार कहा गया।
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नायब तहसीलदार के अनुसार अधिगृहीत होने वाली जमीन का भूमि मालिक को सर्किल रेट से चार गुना भुगतान किए जाने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन वह व्यावसायिक दरों से भुगतान देने की मांग करते रहे। अन्य सभी जमीनों के वर्ष 2022 से बैनामे होते आ रहे हैं। भूमि मालिक से अपने मामले को बरेली स्थित न्यायालय में निस्तारित कराने के लिए कहा गया, लेकिन वह वहां भी नहीं गए। इसलिए शुक्रवार को व्यापक जनहित में इस जमीन को सरकार के पक्ष में अधिग्रहीत कर लिया गया।
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इस दौरान मौके पर मौजूद भूमि मालिक विनोद गुप्ता ने स्थानीय प्रशासन की इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया। उन्हाेंने अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बची हुई जमीन का प्रशासन चिह्नीकरण भी नहीं कर रहा है। नायब तहसीलदार के अनुसार अधिगृहीत जमीन का मुआवजा शासन के पूर्व आदेश के अनुसार ही किया जाएगा।