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भैंसार बांध पर 15 सेमी बढ़ा गंगा का जल स्तर
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 14 Jul 2015 08:56 PM IST
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पहाड़ और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने के बाद बैराजों से रिलीज हुए पानी की मात्रा बढ़ने का असर गंगा-रामगंगा और अन्य नदियों पर दिखने लगा है। नरौरा बैराज से बीते 48 घंटे में रिलीज हुआ डेढ़ लाख क्यूसेक पानी जलालाबाद क्षेत्र मेें तटवर्ती गांवों के आसपास पहुंचकर फैलने लगा है। भैंसार बांध पर पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा का जल स्तर 15 सेमी बढ़ गया है। इसी के साथ ढाई और आसपास के गांवों के करीब गंगा का पानी पसरने लगा है। शहर में गर्रा का जलस्तर पिछले 24 घंटे से 146.25 पर स्थिर है, लेकिन खन्नौत में पानी 60 सेमी चढ़कर 144.30 मीटर पर पहुंच गया है।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बीते तीन दिन से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बैराजों से लगातार अतिरिक्त पानी की निकासी की सूचनाएं मिल रही हैं। हालांकि, नरौरा से छूटने वाले पानी का असर बदायूं में गंगा के तटवर्ती गांवों पर ज्यादा होता है। वहां से पानी को सिमटकर यहां तक लाने में गंगा की धारा को करीब 24 घंटे लग जाते हैं। यही वजह है कि पिछले 48 घंटे के दौरान नरौरा से रिलीज हुए 1.50 लाख क्यूसेक पानी का असर गंगा पर दिख रहा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि मंगलवार को सुबह कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर 142.60 मीटर मापा गया जो कि बीते दिन की तुलना में 15 सेमी अधिक है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को नरौरा बैराज से 69981 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने की सूचना मिली है। रामगंगा में हरेली, खो, रामनगर और किच्छा डाम से 20296 क्यूसेक पानी बहाए जाने की सूचना मिली है। पानी की यह मात्रा बीते दिन की तुलना में करीब सात हजार क्यूसेक कम होने के बावजूद बरसाती पानी मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा का जलस्तर बढ़ाए हुए है।
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तार बाबू के अनुसार ड्यूनी डाम से गर्रा में मंगलवार को केवल 3476 क्यूसेक पानी की निकासी हुई जो एक दिन पहले की तुलना में 50 फीसदी कम है। चूंकि, ड्यूनी डाम का पानी यहां तक आने में 24 घंटे लेता है। इसलिए बीते दिन के पानी की निकासी जारी रहने से गर्रा का जल स्तर स्थिर है, लेकिन खन्नौत के जल स्तर में 60 सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रशेखर गुप्ता के अनुसार अभी जिले मेें बाढ़ की स्थिति नहीं होने के बावजूद बचाव चौकियों पर विभागीय स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को बीते तीन दिन से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बैराजों से लगातार अतिरिक्त पानी की निकासी की सूचनाएं मिल रही हैं। हालांकि, नरौरा से छूटने वाले पानी का असर बदायूं में गंगा के तटवर्ती गांवों पर ज्यादा होता है। वहां से पानी को सिमटकर यहां तक लाने में गंगा की धारा को करीब 24 घंटे लग जाते हैं। यही वजह है कि पिछले 48 घंटे के दौरान नरौरा से रिलीज हुए 1.50 लाख क्यूसेक पानी का असर गंगा पर दिख रहा है।
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष से तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि मंगलवार को सुबह कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर 142.60 मीटर मापा गया जो कि बीते दिन की तुलना में 15 सेमी अधिक है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को नरौरा बैराज से 69981 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने की सूचना मिली है। रामगंगा में हरेली, खो, रामनगर और किच्छा डाम से 20296 क्यूसेक पानी बहाए जाने की सूचना मिली है। पानी की यह मात्रा बीते दिन की तुलना में करीब सात हजार क्यूसेक कम होने के बावजूद बरसाती पानी मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा का जलस्तर बढ़ाए हुए है।
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तार बाबू के अनुसार ड्यूनी डाम से गर्रा में मंगलवार को केवल 3476 क्यूसेक पानी की निकासी हुई जो एक दिन पहले की तुलना में 50 फीसदी कम है। चूंकि, ड्यूनी डाम का पानी यहां तक आने में 24 घंटे लेता है। इसलिए बीते दिन के पानी की निकासी जारी रहने से गर्रा का जल स्तर स्थिर है, लेकिन खन्नौत के जल स्तर में 60 सेमी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रशेखर गुप्ता के अनुसार अभी जिले मेें बाढ़ की स्थिति नहीं होने के बावजूद बचाव चौकियों पर विभागीय स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।