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कोहरे को चीरने में स्नो व्हाइट बल्ब कारगर
शाहजहांपुर
Updated Wed, 10 Dec 2014 12:35 AM IST
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सुबह से दिन निकलने तक और शाम को दिन ढलने के बाद से लेकर पूरी रात कोहरा गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी के साथ ऑटो स्पेयर शॉप पर घने कोहरे में वाहनों को रास्ता दिखाने वाली फॉग लाइट्स की मांग भी बढ़ गई है। बाजार में 350 रुपये से लेकर 2500 रुपये कीमत तक की फॉग लाइट्स मिल रही हैं, लेकिन इन सभी पर भारी पड़ रहा है-रोड पर दूधिया रोशनी बिखेरने वाला स्नो व्हाइट बल्ब।
हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों के सीजन में फॉग लाइट्स का कारोबार गरमाने लगा है। अंतर केवल इतना आया है कि अब घने कोहरे को चीरकर करीब 15 मीटर आगे तक रोड का नजारा दिखाने वाले स्नो व्हाइट बल्ब पीली रोशनी देने वाली फॉग लाइट्स पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि, बाजार में 350 रुपये से लेकर 2500 रुपये कीमत वाली पीली फॉग लाइटें उपलब्ध हैं, लेकिन जिन लोगों ने खराब मौसम में रोड पर चमक बिखेरने वाले स्नो व्हाइट बल्ब एक बार देख लिए, वे पीली लाइटों को कोई भाव नहीं दे रहे।
ऑटो पार्ट्स विक्रेता भी मानते हैं कि ग्रामीण अंचल के जिन लोगों को स्नो व्हाइट बल्बों की खूबियां पता नहीं, केवल वही लोग पीली रोशनी देने वाली फॉग लाइटें खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। अत्याधुनिक टेक्नालॉजी वाले स्नो व्हाइट बल्बों की डिमांड शहरी युवाओं में ज्यादा है क्योंकि उन्हें दुपहिया वाहनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इन बल्बों का हाई रिजोल्यूशन वाला रिफ्लेक्टर प्रकाश की तीव्रता को कई गुना बढ़ा देता है।
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रिफ्लेक्टर की क्वालिटी पर रोशनी निर्भर
‘बल्ब का फिलामेंट उतनी ही रोशनी देता है जितनी उसकी वाट पॉवर होती है। प्रकाश की तीव्रता बल्ब में इस्तेमाल होने वाले रिफ्लेक्टर पर निर्भर होती है। पीली रोशनी वाली पारंपरिक फॉग लाइटों के परावर्तक उतने अच्छे नहीं हैं, जितने बेहतर स्नो व्हाइट बल्ब के साथ आ रहे हैं। सच यह भी है कि पीली फॉग लाइट घने कोहरे में रास्ता नहीं दिखाती बल्कि सामने वाले वाहन चालकों को केवल सचेत करती है।’
- पवन गुप्ता, ऑटो पार्ट्स विक्रेता
कोहरे में इस तरह करें ड्राइविंग
0 वाहनों के आगे और पीछे रिफ्लेक्टर स्ट्रिप लगवाएं।
0 फॉग लाइट और तेज रोशनी वाले बल्ब जलाकर चलें।
0 स्पीड 25 से 30 किमी प्रति घंटा से ज्यादा न होनी चाहिए।
0 हाईवे पर सेंटर और साइड लाइनों को देखते हुए चलें।
0 आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित फासला बनाए रखें।
(जैसा कि टीएसआई सुनील विश्नोई ने बताया)
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हर साल की तरह इस बार भी सर्दियों के सीजन में फॉग लाइट्स का कारोबार गरमाने लगा है। अंतर केवल इतना आया है कि अब घने कोहरे को चीरकर करीब 15 मीटर आगे तक रोड का नजारा दिखाने वाले स्नो व्हाइट बल्ब पीली रोशनी देने वाली फॉग लाइट्स पर भारी पड़ रहे हैं। हालांकि, बाजार में 350 रुपये से लेकर 2500 रुपये कीमत वाली पीली फॉग लाइटें उपलब्ध हैं, लेकिन जिन लोगों ने खराब मौसम में रोड पर चमक बिखेरने वाले स्नो व्हाइट बल्ब एक बार देख लिए, वे पीली लाइटों को कोई भाव नहीं दे रहे।
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ऑटो पार्ट्स विक्रेता भी मानते हैं कि ग्रामीण अंचल के जिन लोगों को स्नो व्हाइट बल्बों की खूबियां पता नहीं, केवल वही लोग पीली रोशनी देने वाली फॉग लाइटें खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं। अत्याधुनिक टेक्नालॉजी वाले स्नो व्हाइट बल्बों की डिमांड शहरी युवाओं में ज्यादा है क्योंकि उन्हें दुपहिया वाहनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इन बल्बों का हाई रिजोल्यूशन वाला रिफ्लेक्टर प्रकाश की तीव्रता को कई गुना बढ़ा देता है।
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रिफ्लेक्टर की क्वालिटी पर रोशनी निर्भर
‘बल्ब का फिलामेंट उतनी ही रोशनी देता है जितनी उसकी वाट पॉवर होती है। प्रकाश की तीव्रता बल्ब में इस्तेमाल होने वाले रिफ्लेक्टर पर निर्भर होती है। पीली रोशनी वाली पारंपरिक फॉग लाइटों के परावर्तक उतने अच्छे नहीं हैं, जितने बेहतर स्नो व्हाइट बल्ब के साथ आ रहे हैं। सच यह भी है कि पीली फॉग लाइट घने कोहरे में रास्ता नहीं दिखाती बल्कि सामने वाले वाहन चालकों को केवल सचेत करती है।’
- पवन गुप्ता, ऑटो पार्ट्स विक्रेता
कोहरे में इस तरह करें ड्राइविंग
0 वाहनों के आगे और पीछे रिफ्लेक्टर स्ट्रिप लगवाएं।
0 फॉग लाइट और तेज रोशनी वाले बल्ब जलाकर चलें।
0 स्पीड 25 से 30 किमी प्रति घंटा से ज्यादा न होनी चाहिए।
0 हाईवे पर सेंटर और साइड लाइनों को देखते हुए चलें।
0 आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित फासला बनाए रखें।
(जैसा कि टीएसआई सुनील विश्नोई ने बताया)