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Shahjahanpur News: रामगंगा व बहगुल के बीच बसे गांवों में बाढ़ से हालात बिगड़े

Sun, 07 Sep 2025 01:35 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 07 Sep 2025 01:35 AM IST
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Floods worsened the situation in villages situated between Ramganga and Bahgul
जलालाबाद क्षेत्र में बाढ़ के पानी से जलमग्न हुई फसलें। संवाद
जलालाबाद। रामगंगा के साथ ही बहगुल नदी में भी उफान बढ़ने से बाढ़ अब भयावह रूप लेती जा रही है। शुक्रवार रात में भी पानी में बढ़ोतरी जारी रहने से कई तटीय गांवों को जाने वाले संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए। गत माह बाढ़ से ऊंचाई वाले स्थानों के जो खेत बच गए थे, उनमें भी इस बार भी पानी पहुंच गया है। बाढ़ से एक दर्जन गांवों के हालात बेहद खराब हैं, जो रामगंगा और बहगुल के बीच बसे हैं। इन गांवों में कई घरों के आगे तक पानी पहुंच गया है।
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रामगंगा और बहगुल नदियां के बीच बसे उइला, थाथरमई, संगाहा, नगला किशुन, हवा मड़इया, तिकोला, चितरऊ सहित करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर खलबली है। इन गांवों में दोनों नदियों से पानी तालाबों और खेत-खलिहानों में भरने के बाद अब संपर्क मार्गों और आबादी के अंदर आने लगा है।
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इन गांवों के संपर्क मार्ग डूबे हुए हैं और उन पर तीन से चार फुट पानी भरा होने से वहां ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। लगभग सभी खेत जलमग्न हो चुके हैं। बस्ती के करीब पानी आ जाने से कई ग्रामीणों ने गृहस्थी का कीमती सामान अपने परिचितों-रिश्तेदारों के यहां पहुंचा दिया है। कई दिक्कतों से जूझ रहे ग्रामीणों को घरों के अंदर पानी घुसने पर भोजन के संकट का भी सामना करना पड़ सकता है, लेकिन बाढ़ राहत चौकियों से प्रभावित गांवों तक अभी तक कोई मदद नहीं पहुंची है।
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पानी बढ़ने से शुक्रवार की रात खंडहर क्षेत्र में हथिनापुर से बलदेवपुर व टापर जाने वाले रास्ते पर भी पानी आ गया। इस कारण क्षेत्र में कई अन्य गांवों के लोगों को भी आवागमन की दिक्कतें बढ़ गई हैं। कोलाघाट पुल के नजदीक बसे कसारी, सिठौली, अतरी, रैपुरा, निजामपुर, अल्लादादपुर, बैहारी, बीघापुर आदि गांव चारों ओर पानी से घिरे हुए हैं। शुक्रवार की रात इन गांवों के आसपास पानी बढ़ जाने से लोगों को घरों से निकलना और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना भी कठिन हो गया।

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विधायक ने प्रभावित गांवों के लिए मुख्यमंत्री से मांगी मदद
कांट। क्षेत्रीय विधायक अरविंद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ददरौल विधानसभा क्षेत्र में गर्रा की बाढ़ से प्रभावित गांवों में हुए नुकसान का ब्योरा देकर ग्रामीणों के लिए हर संभव मदद करने की अपील की।
उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि गर्रा नदी के समीप बसे शाहबाजनगर, दनियापुर, उमरगंज, राईखेड़ा, गुर्रा, भमौली, चांदापुर, सहबजापुर आदि गांवों में आई बाढ़ के कारण स्थिति बेहद खराब है। बाढ़ में खरीफ की फसलें जलमग्न हो गई है और ग्रामीण पशुओं के लिए चारा नहीं मिलने से परेशान हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा दिलाने और बाढ़ से बचाव को ठोस व्यवस्था जल्द कराने का अनुरोध किया है। संवाद


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कई घरों में घुसा गर्रा का पानी, मोटर बोट से पहुंचीं विधायक सलोना

तिलहर। गर्रा नदी में उफान बढ़ने से पानी कई गांवों के संपर्क मार्गों से होकर शनिवार को सुबह तमाम लोगों के घरों में घुस गया। जानकारी पाकर क्षेत्रीय विधायक सलोना कुशवाहा ने नायब तहसीलदार पूनम मधुकर के साथ मोटर बोट से प्रभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों की व्यथा सुनी और उन्हें भोजन के पैकेट वितरित कराए। गर्रा में आई बाढ़ से क्षेत्र के घनश्यामपुर, आजमाबाद, बिहारीपुर, रटा, जिकरीपुर आदि गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इस बीच, आजमाबाद गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर बीमार ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवाएं दीं। विधायक ने कहा कि यह मेडिकल कैंप अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों में भी लगाए जाएंगे। इस मौके पर लेखपाल अंशु बाजपेयी, जितेंद्र कुमार, बलवीर आदि मौजूद रहे। संवाद
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आजादनगर के घरों में घुसा गंगा का पानी



मिर्जापुर। कटरी के गांवों में कहर बन चुकी गंगा की बाढ़ रौद्र रूप दिखा रही है। आजादनगर के कई घरों में पानी घुस जाने से ग्रामीण अपनी जान-माल की हिफाजत को लेकर परेशान हैं। जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट पर चौरा से नगला बसोला गांव तक पांच किमी दायरे में दो जगह दो फुट से ज्यादा पानी तेजी से बह रहा है।



बाढ़ में डूबे कई गांवों के संपर्क मार्ग पानी के तेज बहाव से कट जाने के कारण आवागमन के लायक नहीं रहे। सैकड़ों बीघा खेत डूब जाने से फसलें खराब हो रही हैं और ग्रामीणों समेत पशुओं में बीमारियां फैल रही हैं, लेकिन अभी स्वास्थ्य टीम गंगा के तटीय गांवों में नहीं पहुंची है।



बाढ़ से सबसे ज्यादा गंगा के किनारे बसे इस्लामनगर, आजादनगर, मस्जिदनगला, पकड़िया नगला, धोबीनगला, भरतपुर, पैलानी उत्तरी, गुटेटी, बख्तावरगंज, धीयरपुरा, कटेला नगला, लुहार नगला आदि गांव प्रभावित हैं। पिछले दिनों आई बाढ़ से प्रभावित हो चुके इन गांवोंं में फिर से बाढ़ से धान की फसल खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है, क्योंकि अन्य फसलें पिछली बाढ़ में ही तबाह हो चुकी हैं।




आजाद नगर के इसहाक खां ने बताया कि बाढ़ का पानी फिर से गांव में घुसने लगा है और इससे कई घर भी प्रभावित हैं। इसी गांव के नाजिम ने बताया कि गांव में दाद, खाज-खुजली आदि चर्म रोगों सहत बुखार से तमाम लोग परेशान हैं। उधर, रामगंगा की बाढ़ से थरिया, कुंडरी, आलमगंज, जरियनपुर, मौजमपुर आदि गांवों के संपर्क मार्ग डूब जाने से ग्रामीण परेशान हैं। हरिहरपुर और पहरुआ में कटान रोकने के लिए बनाए गई ठोकरें भी बाढ़ से डूब गई हैं।

जलालाबाद क्षेत्र में बाढ़ के पानी से जलमग्न हुई फसलें। संवाद

जलालाबाद क्षेत्र में बाढ़ के पानी से जलमग्न हुई फसलें। संवाद

जलालाबाद क्षेत्र में बाढ़ के पानी से जलमग्न हुई फसलें। संवाद

जलालाबाद क्षेत्र में बाढ़ के पानी से जलमग्न हुई फसलें। संवाद

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