फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   five years of demonetisation

नोटबंदी के पांच वर्ष : लेन-देन में पारदर्शिता आने के साथ बढ़ीं तमाम समस्याएं

Mon, 08 Nov 2021 12:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 12:41 AM IST
विज्ञापन
five years of demonetisation
शाहजहांपुर में जनसेवा केंद्र पर आधार कार्ड से पैसा निकालते । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। देश में नोटबंदी लागू हुए आज पांच वर्ष पूरे हो गए, लेकिन उद्योग और व्यापार जगत सरकार के अचानक लिए गए इस फैसले से जुड़ी तमाम समस्याओं से अभी तक जूझ रहा है। जनपद के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारियों का कहना है कि बाजार में बड़े नोटों की कमी सहित तरल पूंजी के अभाव व छोटे व्यापारियों की अशिक्षा आदि कारणों से नोटबंदी से लाभ की तुलना में समस्याएं ज्यादा बढ़ी हैं। उनका कहना है कि साइबर अपराधी व्यापारियों की अशिक्षा और ऑनलाइन कारोबार में उनकी कमियों का सीधा लाभ उठा रहे हैं।
विज्ञापन

उद्यमियों और व्यापारियों के मुताबिक नोटबंदी से वित्तीय लेन-देन आसान तो हुआ है, लेकिन तमाम दुश्वारियां भी बढ़गई हैं। उद्योगों को दैनिक कार्यों के लिए बड़ी मुद्रा की जरूरत है, लेकिन बाजार से दो हजार का नया नोट गायब है। ऑनलाइन लेन-देन में कम पढ़े-लिखे छोटे व्यापारी अभी प्रवीण नहीं हुए हैं और इसीलिए साइबर क्राइम भी बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन लेनदेन का सिस्टम सुधारने में लंबा वक्त लगेगा, क्योंकि मौजूदा स्थिति में कभी नेटवर्क नहीं होने तो कभी सर्वर धीमा चलने जैसी समस्याएं आड़े आ रही हैं। कुल मिलाकर नोटबंदी से शॉपिंग माल और बहुराष्ट्रीय कंपनियां फायदे में रहीं, लेकिन उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों की राह में कठिनाइयां बढ़ गई हैं।
विज्ञापन

उद्यमियों और व्यापारियों की बात
लघु उद्यमी और छोटे दुकानदारों को नोटबंदी के बाद से तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। वह इतने शिक्षित और समझदार नहीं हुए हैं कि ऑनलाइन व्यापार कर सकें। वह नोटबंदी के लिए तैयार ही नहीं थे। उनसे ज्यादा समझ साइबर अपराधी रखते हैं और इसीलिए वह लोगों की अज्ञानता का लाभ उठाकर साइबर अपराध कर रहे हैं। नोटबंदी के दूरगामी सकारात्मक प्रभाव देखने के लिए एक-डेढ़ दशक तक इंतजार करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

-अशोक अग्रवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
नोटबंदी का फायदा सिर्फ यह हुआ कि लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ गई, लेकिन इससे आम आदमी से लाभ सरकार को हुआ है। उद्योगों के लिए नोटबंदी का फैसला पांच वर्ष बाद भी मुसीबत बना हुआ है। बाजार में तरल पूंजी की कमी से शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक लोग परेशान हैं। कम पूंजी वाले उद्योग और व्यवसाय नोटबंदी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। समय बीतने के साथ धीरे-धीरे व्यवस्थाएं ठीक होंगी।
-अनुज गुप्ता, पूर्व जिला सचिव, आईआईए
नोटबंदी से व्यापरियों को सुविधाएं कम मिलीं, परेशानियां ज्यादा। यह सही है कि कई डिजिटल एप आ जाने से ऑनलाइन लेन-देन में सुविधा हुई है, लेकिन एप के साथ साइबर क्राइम समेत कई ऐब भी आ गए हैं। एक प्रतिशत कमीशन पर काम करने वाले अधिकांश व्यापारी ऑनलाइन कारोबार के लिए कर्मचारी रखने में सक्षम नहीं हैं। नए-पुराने नोटों के असंतुलन से बैंक वाले व्यापारियों को परेशान करने के साथ खुद भी परेशान हो रहे हैं।
-वेद प्रकाश गुप्ता, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल (कंछल गुट)
135 करोड़ की आबादी वाला देश डिजिटल इंडिया तब तक नहीं बन सकेगा, जब तक अधिकांश लोग शिक्षित और जागरूक नहीं हो जाएंगे। नोटबंदी के बाद बैंकों के विलय से लोग कई माह परेशान रहे। अधिकांश एटीएम बंद रहते हैं और बैंक भी अच्छी सेवाएं नहीं दे रही हैं। कारोबारियों की सारी पूंजी व्यापार में लगी है और दो हजार का नोट अरबपतियों ने तिजोरी में बंद कर लिया है। नोटबंदी से लाभ के बजाय नुकसान ज्यादा है।

-कुलदीप सिंह दुआ, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट)
नोटबंदी का सबसे बड़ा लाभ यह मिला कि देश में छिपा हुआ काला धन बाहर आ गया। साथ ही बैंकों में खाते तेजी से खुलने लगे। भुगतान की कैशलेस व्यवस्था भी नोटबंदी के बाद ज्यादा प्रभावी हुई, हालांकि, इसे पटरी पर आने में अभी कुछ वक्त लगेगा। नोटबंदी की शुरुआत में वह तमाम लोग परेशान हुए जो छोटे कारोबार में नकदी का इस्तेमाल करते थे। अब लोगों में ऑनलाइन लेन-देन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
-दीपक चंद्र, अग्रणी बैंक प्रबंधक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed