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Shahjahanpur News: वीरेश की हत्या के मामले में भाई व तीन भतीजों समेत पांच गिरफ्तार

Tue, 17 Feb 2026 01:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Feb 2026 01:12 AM IST
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Five people, including his brother and three nephews, have been arrested in connection with Veeresh's murder.
गढि़या रंगीन थाना पुलिस की गिरफ्त में पांच आरोपी। स्रोत: पुलिस
जैतीपुर (शाहजहांपुर)। गढि़यारंगीन थाना क्षेत्र के खमरिया गांव निवासी 45 वर्षीय वीरेश की रविवार दोपहर सरेराह गोली मारकर हत्या करने के मामले में उसके भाई व चार भतीजों समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसके भाई व तीन भतीजों समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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चौक कोतवाली क्षेत्र के साउथ सिटी निवासी प्रशांत सिंह ने चाचा वीरेश की हत्या के मामले में अपने पिता अवधेश सिंह, भाई संजीत सिंह, प्रदीप सिंह, विपिन सिंह, सुरजीत सिंह के अलावा नरेश व चंदन को नामजद कराया है। प्रशांत ने बताया कि रविवार दोपहर वह खमरिया गांव गए थे। महाशिवरात्रि पर दोपहर करीब दो बजे वह गाड़ी से गोगेपुर मंदिर में जल चढ़ाने के लिए जा रहे थे।
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चाचा वीरेश सिंह, गांव के नत्थू, रामरहीस, हवलदार गाड़ी में बैठे थे। जैसे ही ओमपाल प्रधान के घर से सामने पहुंचे तभी सामने से आई थार कार में बैठे चंदन व उसके भाई संजीत, प्रदीप सिंह, विपिन ने उनकी गाड़ी में सामने से टक्कर मार दी। फिर दाहिनी ओर से भाई सुरजीत सिंह ने स्कार्पियो कार से टक्कर मारी।
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इस कार में पिता अवधेश सिंह, नरेश बैठे थे। इसके बाद सभी लोग हाथों में लाठी-डंडे, लोहे की रॉड व तमंचा लेकर गाड़ी से उतरे। आरोप है कि पिता अवधेश ने चिल्लाकर कहा कि प्रशांत और वीरेश को मार डालो। इसके बाद भाई सुरजीत, संजीत, प्रदीप ने चाचा वीरेश को गाड़ी से उतारकर गोली मार दी। बाकी सभी लोगों को जमकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, वीरेश के शरीर पर तीन-चार जगह चोटें थीं। एक गोली लगने से उनकी मौत हुई थी। थाना प्रभारी हरिकेश सिंह ने बताया कि ग्राम पृथ्वीपुर तिराहा के पास से मृतक के भाई अवधेश सिंह व भतीजे संजीत को पकड़ा। गंगा एक्सप्रेस-वे की सर्विस लाइन स्थित कुबेर गोटिया के अंडरपास के पास से आरोपी विपिन, प्रदीप और नरेश को गिरफ्तार किया गया। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि आरोपी सुरजीत व चंदन की तलाश जारी है। जल्द ही दोनों पुलिस की गिरफ्त में होंगे।




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जमीन की कलह चाचा की हत्या तक पहुंच गई

अवधेश सिंह के पांच बेटे हैं। अवधेश ने बताया कि पांचों बेटे पहले साथ रहते थे। पहले सभी बेटे गाजियाबाद में काम करते थे। सबसे बड़ा बेटा प्रशांत गाजियाबाद में फैक्टरी चलाता था। इसमें बाकी बेटे काम करते थे। आमदनी में सभी बेटों का बराबर का हिस्सा होना चाहिए था। वहीं, बेटे प्रशांत सिंह को भाई वीरेश बढ़ावा देता था। वहीं प्रशांत का कहना है कि वह और चाचा वीरेश दोनों मिलकर कड़ी मेहनत से तरक्की कर रहे थे। शाहजहांपुर में आठ सौ गज जमीन खरीदकर आटा प्लांट लगाया था। अवधेश चाहता था कि प्रशांत की प्रापर्टी में उनके चार बेटों को भी बराबर का हक मिले। इसी रंजिश में यह घटना हुई। इसी कलह के चलते वीरेश ने अपने हिस्से की चार बीघा पैतृक जमीन अन्य भाइयों के लिए छोड़ दी। प्रशांत सिंह ने बताया कि उनकी पैतृक संपत्ति केवल चार बीघा थी। वह अपने भाइयों में सबसे बड़ा था। सभी भाइयों को साथ लेकर मेहनत कर 40 बीघा जमीन पिता अवधेश सिंह के नाम खरीदी। उधार रुपया उठाकर 13 बीघा का बाग 30 लाख का खरीदा। रुपया लौटाने की बारी आई तो पिता व भाइयों के मन मे लालच आ गया। उन लोगों ने झगड़े शुरू कर दिए थे।
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