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प्रतिमा विसर्जन के दौरान खन्नौत  नदी में पांच डूबे, एक लापता

Thu, 15 Sep 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/शाहजहांपुर
ब्यूरो/शाहजहांपुर Updated Thu, 15 Sep 2016 11:52 PM IST
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five immersed in river during visarjan
प्रतिमा विसर्जन के दौरान खन्नौत  नदी में पांच डूबे, एक लापता 
शहर के बिसरात घाट पर हनुमनधाम के पास बृहस्पतिवार तीसरे पहर प्रतिमा विसर्जन के दौरान पांच युवक नदी में डूब गए, जिसमें चार युवकों को स्थानीय गोताखोरों ने बचा लिया, जबकि एक युवक नदी के तेज बहाव में बह गया। डूबकर लापता हुए युवक की तलाश में रात भर पुलिस-प्रशासन जुटा रहा। जिला प्रशासन की एक टीम फर्रुखाबाद से स्टीमर मंगवा रही है और एसपी डॉ. मनोज कुमार ने मंडल मुख्यालय पर संपर्क कर सीतापुर से स्टीमर और गोताखोरी की माहिर पीएसी टीम को बुलवाया है। डूबने वाला युवक रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी का रहने वाला है। उसके घर पर कोहराम मचा हुआ है।
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रोजा के भोलेश्वरनाथ धाम से सुबह करीब 11 बजे आयोजक प्रदीप कश्यप सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ विसर्जन के लिये टेंपो पर सवार होकर बिसरात घाट पहुंचे। प्रतिमा विसर्जन के लिए अपराह्न तीन बजे आदर्शनगर कालोनी के रामवीर, रमेश, रिंकल, गौरव और जितेंद्र मूर्ति को नदी की बीच धारा में ले जाने लगे। वहां नदी के तेज बहाव में पांचों युवक डूबने लगे, जिन्हें देखकर आसपास तैराकों ने नदी में छलांग लगा दी और रामवीर, रमेश, गौरव और जितेंद्र को थोड़ी ही देर में बचाकर नदी से बाहर निकाल लाए, लेकिन नदी में डूबे पांचवें युवक रिंकल का कोई सुराग नहीं लगा। सूचना पाकर  कोतवाली प्रभारी आरएन चौधरी, सीओ सिटी अवनीश्वर श्रीवास्तव, एसडीएम समेत तमाम अधिकारी  मौके पर पहुंच गए। प्राइवेट गोताखोरों को रिंकल की तलाश में लगाया गया, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। 
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रिंकल के डूबने की खबर जब रोजा स्थित कस्बे में पहुंची तो उसके पिता विशन चंद्र गुप्ता अन्य घरवालों को लेकर घाट पर बिलखते हुए पहुंचे। मौके पर बढ़ती भीड़ और जारी तलाश कार्य के मद्देनजर शाम को अतिरिक्त फोर्स को बुला लिया गया। एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार भी पहुंचे। रात को अन्य जिलों से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने संपर्क साधा ताकि डूबे की युवक की तलाश में स्टीमर और प्रशिक्षित कुशल गोताखोरों को उतारा जा सके। फर्रुखाबाद जिला प्रशासन ने रात को ही स्टीमर मुहैया कराने की सहमति दी तो साथ ही सीतापुर से भी पीएसी टीम के रवानगी की सूचना है। एडीएम सर्वेश के अनुसार, बाहर से आने वाली टीमें तड़के या पौ फटने के बाद आपरेशन में जुट पाएंगी। 
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बिना अनुमति के हो रहा था प्रतिमा विसर्जन
प्रतिमा विर्सजन के दौरान रिंकल के डूबने के मामले में आयोजकों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कस्बे के भोलेश्वरधाम उर्फ  बड़े मंदिर की स्थापना करीब डेढ़ दशक पहले हुई है। स्थापना दिवस से ही यहां शंकरजी की बारात का आयोजन करने की परंपरा है,  जिसकी अनुमति प्रशासन बाकायदा देता है और सुरक्षा व्यवस्था में पूरी तरह से मुश्तैद भी रहता है, लेकिन गणेश उत्सव अथवा मूर्ति विसर्जन की परंपरा यहां नहीं थी, लेकिन आयोजकों ने बिना अनुमति के गणेश उत्सव और प्रतिमा विसर्जन का आयोजन किया। बिना सुरक्षा व्यवस्था के हुए इस आयोजन में हादसे में एक युवक की जान पर बन आई है, जिसके लिए सीधे तौर पर मंदिर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन मामला आस्था से जुड़े होने के कारण ऐसे आयोजकों पर कार्यवाही नहीं हो पाती है। प्रभारी निरीक्षक यतेन्द्र भारद्वाज ने आयोजन की किसी अनुमति के होने से इंकार किया है घटना के बाद से कार्यक्रम के आयोजक मौके से निकल गए। 

हादसे के लिए पुलिस भी जिम्मेदार 
खन्नौत नदी बिसरात घाट पर पर कभी गणेश प्रतिमा का इंतजाम नहीं किया जाता है। इसके लिए गर्रा नदी पर इंतजाम किया जाता है। अगर यहां पर पुलिस तैनात होती और प्रतिमा विसर्जन नहीं करने देती तो यह हादसा नहीं होता, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस विसर्जन कार्यक्रम के लिए पहले से कोई सूचना नहीं थी, अन्यथा विसर्जन नदी किनारे गड्ढे में ही कराया जाता तो हादसा टल सकता था। 

कुछ ही पलों में खुशियां बदली मातम में 
रोजा के भोलेश्वरधाम उर्फ  बड़े मंदिर से कस्बे के लोग बड़े धूमधाम ने गणेश विसर्जन यात्रा लेकर निकले थे। बिसरात घाट तक खुशियों का माहौल था लोग नाच गा रहे थे। अचानक हुए हादसे से कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं। बेटे के खन्नौत नदी में विसर्जन के दौरान बह जाने की सूचना पर बदहवास होकर घाट पर पहुंचे पिता व परिवारीजन रिंकल के सकुशल वापसी की आस लगाये हुए बैठे हैं। उधर घर पर रिंकल की मां मीनादेवी, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त और विकलांग हैं, को बेटे के डूबने की खबर नहीं दी गई, लेकिन वह भी लोगों के हो रहे जमावड़े को देखकर संशकित जरूर दिख रही हैं।


सूचना पाकर हर ओर से दौड़े लोग 
हनुमतधाम पर खन्नौत नदी में विसर्जन के दौरान युवक के डूबने की सूचना पाकर बड़ी संख्या में शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंचे। सभी अपने-अपने स्तर पर बचाव और तलाश कार्य में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मदद में जुटे रहे। नगरपालिका परिषद चेयरमैन तनवीर खां, रोजा नगर पंचायत चेयरमैन अजय गुप्ता, राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष किशोर कुमार गुप्ता आदि मौके पर देर तक बने रहे।
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