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फर्जी प्रमाण पत्रों पर सेना में भर्ती कराने वाले गैंग का भंडाफोड़, पूर्व सैनिक व बंडा थाने के सिपाही समेत पांच गिरफ्तार
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शाहजहांपुर/ बंडा। फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिये सेना में भर्ती कराने वाले गैंग का भंडाफोड़ कर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े जाने वालों में रिटायर्ड सैन्यकर्मी और बंडा थाने में तैनात रहा एक सिपाही शामिल है। गैंग में शामिल मीरानपुर कटरा थाने में तैनात सिपाही फरार है। एसपी ने दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। गैंग के तार पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने के शक में मिलिट्री इंटेलीजेंस और एलआईयू समेत कई एजेंसियां जांच करने में जुटी हैं। पुलिस ने पांच को जेल भेज दिया है।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी एस. आनंद ने बताया कि मंगलवार को फर्जी प्रमाण पत्रों पर सेना में भर्ती कराने वाले गैंग का पता चला। गैंग के सदस्य बंडा कस्बे में राहुल के घर में किराए पर रह रहे थे। सूचना मिलते ही एसओजी और बंडा पुलिस ने राहुल के घर छापा मारकर पांच लोगों को पकड़ लिया। पुलिस को मौके तमाम फर्जी दस्तावेज, फर्जी मोहरें और नकदी बरामद हुई।
पकड़े जाने वालों में मेरठ के थाना सरधना के गांव खेड़ा का मूल निवासी और वर्तमान में थाना कंकरखेड़ा के गांव श्रद्धापुरी फेज-1 हरीनगर में रहने वाला पूर्व सैन्यकर्मी सुरेश सोम उर्फ सोनू, गाजियाबाद के थाना भोजपुर के मुकीमपुर गांव निवासी हुकुम सिंह, वहीं का परमवीर सिंह, हापुड़ के थाना पिलखुआ के गांव बझैड़ा खुर्द निवासी मुकेश कुमार, अलीगढ़ निवासी व बंडा थाने में तैनात सिपाही मनवीर हैं। गाजियाबाद निवासी और मीरानपुर कटरा थाने में तैनात रहा सिपाही मूलचंद्र और हापुड़ के थाना धौलाना के गांव ककराना निवासी अरविंद फरार है। सिपाही मूलचंद्र इससे पहले बंडा थाने में तैनात रहा था। भर्ती होने वालों के विभिन्न जिलों के पते पर बने फर्जी दस्तावेजों और उनके चरित्र प्रमाणपत्र के सत्यापन की प्रक्रिया थाना स्तर से गैंग के सदस्य ही पूरी कराते हैं।
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एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी सेना में फिजिकल पास कर लेते हैं, उनसे बाकी भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर गैंग के सदस्य एक से छह लाख तक ले लेते हैं। फर्जी दस्तावेजों का थाने से सत्यापन कराने की जिम्मेदारी गैंग के सदस्यों की रहती है। प्रमाणपत्र सत्यापन कराने में बंडा थाने के सिपाही मनवीर सिंह और मूलचंद्र मदद करते थे। आरोपी परमवीर सिंह के कागजों पर उसका भाई हरविंदर सिंह बंडा के पटेल नगर के पते पर सेना में भर्ती हो गया, जो आंध्र प्रदेश में ट्रेनिंग कर रहा है। आरोपी मुकेश कुमार का भाई धर्मेंद्र राणा उर्फ मोंटी बंडा के पटेल नगर निवासी कल्याण कुमार के नाम से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सेना में भर्ती हो गया, जो बंगलूरू में ट्रेनिंग कर रहा है।
इनके पदनाम की मोहरें हुई बरामद
बरेली जिले की कोतवाली बहेड़ीव थाना शाही, सीतापुर के थाना सिंधौंली, बदायूं के सिविल लाइंस थाने और कोतवाली बिसौली, शाहजहांपुर के थाना बंडा, हरदोई के थाना बघौली, संभल के थाना चंदौसी, थाना बनियाठेर, श्रीमान अग्रसारित है थाना बंडा लिखी एक मोहर, जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ, एसडीएम गाजियाबाद, प्रधानाचार्य पंडित बख्शीदास स्मारक इंटर कॉलेज जाहिदपुर मेरठ, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पूरनपुर (पीलीभीत), नगर पंचायत अधिकारी सदर गाजियाबाद, सह जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़, ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम पंचायत चमरब्बा रामपुर, नगर पालिका परिषद गाजियाबाद, प्रधान ग्राम पंचायत दौली जवाहरलाल बरेली, जिला विद्यालय निरीक्षक गाजीपुर के पदनाम की मोहरें मिली हैं। बंडा की प्रधान साबरी बेगम के नाम की मोहर भी मिली।
सेना भर्ती के अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की जानकारी मिलने के बाद एसओजी और बंडा पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी फरार हैं। मौके से तमाम फर्जी दस्तावेज आदि मिले हैं। पुलिस और विभिन्न एजेंसियां गैंग के बारे में छानबीन कर रही हैं।
एस. आनंद, एसपी शाहजहांपुर
यह हुई बरामदगी
एक स्कार्पियो, अभ्यर्थियों के 23 फोटो, चार आधार कार्ड, कई फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, फर्जी अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पेन कार्ड, एडमिट कार्ड, 12 हजार रुपये, चार मोबाइल, कई शपथपत्र, बरेली के थाना फतेहगंज के गांव जवाहरलाल के प्रधान मुश्ताक अली के नाम की मोहर और हस्ताक्षरयुक्त 17 सादे कागज आदि मिले हैं। इसके अलावा एक कागज पर 21 लोगों के नाम पते लिखे मिले हैं। प्रत्येक नाम के आगे 75 हजार रुपये की राशि अंकित है। पुलिस मान रही है कि इन 21 लोगों के फर्जी कागजात बनाने के एवज में उनसे रुपये वसूले गए हैं। यह रकम 15 लाख 75 हजार रुपये बनती है।
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पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसपी एस. आनंद ने बताया कि मंगलवार को फर्जी प्रमाण पत्रों पर सेना में भर्ती कराने वाले गैंग का पता चला। गैंग के सदस्य बंडा कस्बे में राहुल के घर में किराए पर रह रहे थे। सूचना मिलते ही एसओजी और बंडा पुलिस ने राहुल के घर छापा मारकर पांच लोगों को पकड़ लिया। पुलिस को मौके तमाम फर्जी दस्तावेज, फर्जी मोहरें और नकदी बरामद हुई।
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पकड़े जाने वालों में मेरठ के थाना सरधना के गांव खेड़ा का मूल निवासी और वर्तमान में थाना कंकरखेड़ा के गांव श्रद्धापुरी फेज-1 हरीनगर में रहने वाला पूर्व सैन्यकर्मी सुरेश सोम उर्फ सोनू, गाजियाबाद के थाना भोजपुर के मुकीमपुर गांव निवासी हुकुम सिंह, वहीं का परमवीर सिंह, हापुड़ के थाना पिलखुआ के गांव बझैड़ा खुर्द निवासी मुकेश कुमार, अलीगढ़ निवासी व बंडा थाने में तैनात सिपाही मनवीर हैं। गाजियाबाद निवासी और मीरानपुर कटरा थाने में तैनात रहा सिपाही मूलचंद्र और हापुड़ के थाना धौलाना के गांव ककराना निवासी अरविंद फरार है। सिपाही मूलचंद्र इससे पहले बंडा थाने में तैनात रहा था। भर्ती होने वालों के विभिन्न जिलों के पते पर बने फर्जी दस्तावेजों और उनके चरित्र प्रमाणपत्र के सत्यापन की प्रक्रिया थाना स्तर से गैंग के सदस्य ही पूरी कराते हैं।
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एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि जो अभ्यर्थी सेना में फिजिकल पास कर लेते हैं, उनसे बाकी भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर गैंग के सदस्य एक से छह लाख तक ले लेते हैं। फर्जी दस्तावेजों का थाने से सत्यापन कराने की जिम्मेदारी गैंग के सदस्यों की रहती है। प्रमाणपत्र सत्यापन कराने में बंडा थाने के सिपाही मनवीर सिंह और मूलचंद्र मदद करते थे। आरोपी परमवीर सिंह के कागजों पर उसका भाई हरविंदर सिंह बंडा के पटेल नगर के पते पर सेना में भर्ती हो गया, जो आंध्र प्रदेश में ट्रेनिंग कर रहा है। आरोपी मुकेश कुमार का भाई धर्मेंद्र राणा उर्फ मोंटी बंडा के पटेल नगर निवासी कल्याण कुमार के नाम से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सेना में भर्ती हो गया, जो बंगलूरू में ट्रेनिंग कर रहा है।
इनके पदनाम की मोहरें हुई बरामद
बरेली जिले की कोतवाली बहेड़ीव थाना शाही, सीतापुर के थाना सिंधौंली, बदायूं के सिविल लाइंस थाने और कोतवाली बिसौली, शाहजहांपुर के थाना बंडा, हरदोई के थाना बघौली, संभल के थाना चंदौसी, थाना बनियाठेर, श्रीमान अग्रसारित है थाना बंडा लिखी एक मोहर, जिला विद्यालय निरीक्षक मेरठ, एसडीएम गाजियाबाद, प्रधानाचार्य पंडित बख्शीदास स्मारक इंटर कॉलेज जाहिदपुर मेरठ, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पूरनपुर (पीलीभीत), नगर पंचायत अधिकारी सदर गाजियाबाद, सह जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़, ग्राम पंचायत अधिकारी ग्राम पंचायत चमरब्बा रामपुर, नगर पालिका परिषद गाजियाबाद, प्रधान ग्राम पंचायत दौली जवाहरलाल बरेली, जिला विद्यालय निरीक्षक गाजीपुर के पदनाम की मोहरें मिली हैं। बंडा की प्रधान साबरी बेगम के नाम की मोहर भी मिली।
सेना भर्ती के अभ्यर्थियों के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की जानकारी मिलने के बाद एसओजी और बंडा पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी फरार हैं। मौके से तमाम फर्जी दस्तावेज आदि मिले हैं। पुलिस और विभिन्न एजेंसियां गैंग के बारे में छानबीन कर रही हैं।
एस. आनंद, एसपी शाहजहांपुर
यह हुई बरामदगी
एक स्कार्पियो, अभ्यर्थियों के 23 फोटो, चार आधार कार्ड, कई फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, फर्जी अंकपत्र, जाति प्रमाणपत्र, पेन कार्ड, एडमिट कार्ड, 12 हजार रुपये, चार मोबाइल, कई शपथपत्र, बरेली के थाना फतेहगंज के गांव जवाहरलाल के प्रधान मुश्ताक अली के नाम की मोहर और हस्ताक्षरयुक्त 17 सादे कागज आदि मिले हैं। इसके अलावा एक कागज पर 21 लोगों के नाम पते लिखे मिले हैं। प्रत्येक नाम के आगे 75 हजार रुपये की राशि अंकित है। पुलिस मान रही है कि इन 21 लोगों के फर्जी कागजात बनाने के एवज में उनसे रुपये वसूले गए हैं। यह रकम 15 लाख 75 हजार रुपये बनती है।