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पहले नेतराम और अब जीते चेतराम
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां।
Updated Sat, 11 Mar 2017 11:12 PM IST
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bjp
- फोटो : amar ujala
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पुवायां में दूसरी बार फहराया भाजपा का परचम
पहले भाजपा से नेतराम और अब जीते चेतराम
पुवायां विधानसभा में दूसरी बार जीती भाजपा
भाजपा से पहले विधायक बने थे नेतराम
आठ पर कांग्रेस के कब्जे में रही है पुवायां सीट
जिले की इस प्रतिष्ठापूर्ण सीट पर जहां भाजपा ने दूसरी बार जीत का परचम फहराया वहीं पार्टी को इस बार जिले की सबसे बड़ी जीत होने का गौरव प्राप्त हुआ है। सपा, कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी और वर्तमान विधायक शकुंतला को अपने पति पूर्व सांसद मिथलेश कुमार और प्रसाद परिवार की प्रतिष्ठा का लाभ नहीं मिल सका। सपा और कांग्रेस के किसी बड़े नेता की पुवायां में कोई जनसभा भी नहीं हुई। बसपा प्रत्याशी गुरवचन लाल भी मतदाताओं पर पकड़ बनाने में नाकाम रहे। उन्हें तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
विजयी हुए भाजपा प्रत्याशी पुवायां सीट से कांग्रेस के चार बार विधायक रह चुके हैं। 1985 में चेतराम पहली बार विधायक बने और इसके बाद 1989, 1993 और 1996 में भी वह विधायक बने। 2002 में मिथलेश कुमार ने पुवायां सीट से पहली बार भाजपा समर्थित निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़कर चेतराम को हराया और अब चेतराम ने उनकी पत्नी शकुंतला देवी को पराजित कर पूर्व में हुई हार का बदला ले लिया है।
इस बार पुवायां सीट पूर्व सांसद मिथलेश कुमार, पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई थी, लेकिन जीत चेतराम को हासिल हुई। बसपा की ओर से नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बंडा में सभा की थी जो बेअसर रही। भाजपा की ओर से आदित्यनाथ ने पुवायां में सभा की थी और चेतराम के पक्ष में माहौल बना गए थे।
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कब किसने किया विधानसभा का प्रतिनिधित्व
1952 से 1967 तक इस सीट का कुछ हिस्सा पूरनपुर और कुछ हिस्सा पुवायां, निगोही में शामिल होता रहा। वर्ष 1967 से विवरण नीचे दिया गया है।
वर्ष नाम पार्टी
1967 कंधई लाल कांग्रेस
1969 कंधई लाल कांग्रेस
1974 रूपराम कांग्रेस
1977 सूरज प्रसाद जनता पार्टी
1980 रूपराम दिनकर कांग्रेस
1985 चेतराम कांग्रेस
1989 चेतराम कांग्रेस
1991 नेतराम भाजपा
1993 चेतराम कांग्रेस
1996 चेतराम कांग्रेस
2002 मिथलेश कुमार भाजपा समर्थित निर्दल
2007 मिथलेश कुमार सपा
2009 धीरेंद्र प्रसाद बसपा (उपचुनाव)
2012 शकुंतला देवी सपा
2017 चेतराम पासी भाजपा
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पहले भाजपा से नेतराम और अब जीते चेतराम
पुवायां विधानसभा में दूसरी बार जीती भाजपा
भाजपा से पहले विधायक बने थे नेतराम
आठ पर कांग्रेस के कब्जे में रही है पुवायां सीट
जिले की इस प्रतिष्ठापूर्ण सीट पर जहां भाजपा ने दूसरी बार जीत का परचम फहराया वहीं पार्टी को इस बार जिले की सबसे बड़ी जीत होने का गौरव प्राप्त हुआ है। सपा, कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी और वर्तमान विधायक शकुंतला को अपने पति पूर्व सांसद मिथलेश कुमार और प्रसाद परिवार की प्रतिष्ठा का लाभ नहीं मिल सका। सपा और कांग्रेस के किसी बड़े नेता की पुवायां में कोई जनसभा भी नहीं हुई। बसपा प्रत्याशी गुरवचन लाल भी मतदाताओं पर पकड़ बनाने में नाकाम रहे। उन्हें तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा।
विजयी हुए भाजपा प्रत्याशी पुवायां सीट से कांग्रेस के चार बार विधायक रह चुके हैं। 1985 में चेतराम पहली बार विधायक बने और इसके बाद 1989, 1993 और 1996 में भी वह विधायक बने। 2002 में मिथलेश कुमार ने पुवायां सीट से पहली बार भाजपा समर्थित निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़कर चेतराम को हराया और अब चेतराम ने उनकी पत्नी शकुंतला देवी को पराजित कर पूर्व में हुई हार का बदला ले लिया है।
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इस बार पुवायां सीट पूर्व सांसद मिथलेश कुमार, पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई थी, लेकिन जीत चेतराम को हासिल हुई। बसपा की ओर से नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बंडा में सभा की थी जो बेअसर रही। भाजपा की ओर से आदित्यनाथ ने पुवायां में सभा की थी और चेतराम के पक्ष में माहौल बना गए थे।
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कब किसने किया विधानसभा का प्रतिनिधित्व
1952 से 1967 तक इस सीट का कुछ हिस्सा पूरनपुर और कुछ हिस्सा पुवायां, निगोही में शामिल होता रहा। वर्ष 1967 से विवरण नीचे दिया गया है।
वर्ष नाम पार्टी
1967 कंधई लाल कांग्रेस
1969 कंधई लाल कांग्रेस
1974 रूपराम कांग्रेस
1977 सूरज प्रसाद जनता पार्टी
1980 रूपराम दिनकर कांग्रेस
1985 चेतराम कांग्रेस
1989 चेतराम कांग्रेस
1991 नेतराम भाजपा
1993 चेतराम कांग्रेस
1996 चेतराम कांग्रेस
2002 मिथलेश कुमार भाजपा समर्थित निर्दल
2007 मिथलेश कुमार सपा
2009 धीरेंद्र प्रसाद बसपा (उपचुनाव)
2012 शकुंतला देवी सपा
2017 चेतराम पासी भाजपा