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पहले दिन भगवान भरोसे रहे स्कूल
मकसूदापुर (बंडा)।
Updated Wed, 01 Jul 2015 09:14 PM IST
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एक माह की छुट्टी बिताने के बाद बुधवार को क्षेत्र के तमाम स्कूल भगवान भरोसे रहे। कहीं पर शिक्षक नहीं पहुंचे तो कहीं पर बच्चे नदारद रहे। कई स्कूलों में मिड-डे मील नहीं बन सका। अमर उजाला की टीम ने कुछ स्कूलों में नजारा देखा तो शिक्षा विभाग की कार्यशैली उजागर हुई।
पूर्व माध्यमिक स्कूल भांभी- सुबह 10.35 बजे
इस स्कूल में तैनात शिक्षक राजवीर गौतम गायब मिले। उनके स्थान पर प्राइवेट शिक्षक मनोज सिंह मौजूद थे। उन्होंने बताया कि राजवीर गौतम आज नहीं आए हैं। स्कूल में दर्ज 150 बच्चों में मात्र एक बच्चा मिला। पड़ोस के ही प्राथमिक स्कूल में शिक्षक मीनाक्षी मौजूद थी। उन्होंने बताया कि अन्य दो शिक्षक नहीं आए हैं। स्कूल में दर्ज 165 बच्चों में दो मौजूद थे। ज्यादा बच्चे नहीं आने के कारण खाना भी नहीं बनाया गया।
प्राथमिक स्कूल फगुनियाई- सुबह 10.58 बजे
यहां पर किसी भी शिक्षक के नहीं आने के कारण स्कूल बंद था। मौके पर मौजूद मिली रसोइया मुन्नी देवी ने बताया कि शिक्षक नहीं आने पर स्कूल नहीं खोला गया। कक्षा तीन के छात्र मंजीत सिंह, अवतार सिंह और कक्षा दो के विजय कुमार स्कूल के बरामदे में पड़ी चारपाई पर बैठे थे।
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प्राथमिक स्कूल अख्त्यारपुर धौकल- सुबह 11.20 बजे
इस स्कूल में सभी शिक्षक मौजूद थे और 188 बच्चों में 40 मौजूद थे। शिक्षकों ने बताया कि गांव में भ्रमण करके बच्चों को आने के लिए प्रेरित किया तो इतने आ सके। जिससे पढ़ाई कार्य कराया जा रहा है।
पूर्व माध्यमिक स्कूल बरीबरा- सुबह 11.45 बजे
यहां पर स्कूल में आए कुल छह बच्चों को शिक्षक अंबरीश कुमार पढ़ा रहे थे। रसोइया चूल्हे पर खाना बना रही थी। चूल्हे पर खाना बनाने की बात पर शिक्षक ने बताया कि गैस चूल्हा खराब होने के कारण आज परेशानी हो गई। पड़ोस के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक सर्वेश कुमार मौजूद थे, उन्होंने बताया कि शिक्षक आशुतोष शुक्ला नहीं आए हैं। स्कूल में दर्ज 171 बच्चों में 21 आए थे। 000000
शिक्षकों से किया जाएगा जवाब-तलब
मैने भी कई स्कूलों का मुआयना किया, लेकिन इन स्कूलों की ओर नहीं गया हूं। अगर स्कूलों से शिक्षक गायब रहे हैं तो उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
- संजीव कुमार कनौजिया, (बीईओ) बंडा
मिर्जापुर क्षेत्र में पहले ही दिन बंद रहे कई स्कूल
मिर्जापुुर। प्राथमिक शिक्षकों की खराब मन:स्थिति के चलते सरकारी स्कूलों मे शिक्षा का सुधार नहीं हो पा रहा है। शिक्षा सत्र के पहले ही दिन कई स्कूल बंद रहे। जो स्कूूल खुले, उनमें शिक्षण कार्य के बजाय शिक्षक स्कूल के छात्रों से स्कूल की साफ सफाई करवाते देखे गये। ऐसे मे एमडीएम बनने की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
समय प्रात: 8:07 बजे
उच्च प्राथमिक स्कूल दोषपुर थोक में प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार पांच छात्रों से स्कूल में सफाई करवा रहे थे। बोले, इस स्कूल में 62 छात्र पंजीकृत हैं। स्कूूल के सहायक अध्यापक सुनील कुमार, रसोइया अभी नहीं आए हैं।
प्रात: 8:30 बजे
प्राथमिक स्कूल आजमपुर बंद था। सफाईकर्मी श्यामबाबू स्कूल कैंपस की सफाई कर रहा था, जबकि रसोइया गुड्डी देवी और ज्ञानदेवी बैठीं थीं। बच्चे गुरुजी के आनेे का इंतजार कर रहे थे।
8: 40 बजे
प्राथमिक स्कूूल कोडन भी बंद था। सफाईकर्मी स्कूल की सफाई कर रहा था। बच्चे शिक्षक के आने का इंतजार कर रहे थे।
8:50 बजे
प्राथमिक स्कूल कोडन पट्टी में अध्यापिका पुष्पलता उपस्थित थीं। बताया कि सहायक अध्यापक रामवीर अभी नहीं आये हैं। स्कूूल में 53 छात्र पंजीकृत हैं। आज पहले दिन 15 छात्र ही आये हैं। एमडीएम नहीं बन रहा था।
8:57 बजे
प्राथमिक स्कूल नगला झुंडी में सहायक अध्यापक नवीन चंद्र व प्रतिभा मिश्रा उपस्थित थीं। स्कूल में 47 छात्र पंजीकृत होने के बाद भी मात्र आठ छात्र उपस्थित थे।
9:17 बजे
प्राथमिक स्कूल कांकर मेें सहायक अध्यापक रावेन्द्र कुमार व दीप्ति शुक्ला उपस्थित थीं। अध्यापकों ने बताया कि स्कूल भवन की स्थिति बेहद खराब है। बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। पूरा स्कूल टपक रहा है।
9: 32 बजे
प्राथमिक स्कूल बानगांव प्रथम व द्वितीय एक ही भवन मे संचालित हैं। दोनो स्कूलों में दो-दो शिक्षक तैनात हैं। पहले दिन एकमात्र उपस्थित सहायक अध्यापिका विंदेश्वरी दीक्षित ने बताया कि प्रथम में 96 व द्वितीय में 94 छात्र पंजीकृत हैं। आज पहले दिन दोनो स्कूलों में 26 छात्र आये हैं।
शिक्षकों की कमी, कैसे संवरेगा बच्चों का भविष्य
रोजा। बेसिक स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की कमी है। ऐसे में बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। रोजा के दो प्राथमिक स्कूलों में 480 बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र चार शिक्षक ही तैनात किए गए हैं। मानक के अनुसार इन बच्चो को पढ़ाने के लिए 16 अध्यापकों की नियुक्ति होनी चाहिए थी जो जिले में बेसिक शिक्षा की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।
बता दें कि भावलखेड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले रोजा प्रथम में अप्रैल से शुरू हुए शैक्षणिक सत्र में 229 छात्र पंजीकृत हैं। ये बच्चे कक्षा एक से लेकर पांच तक के छात्र हैं। पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए मात्र एक प्रधानाध्यापक और एक सहायक की नियुक्ति ही दोनों स्कूलों में की गई है। यही हाल रोजा द्वितीय स्कूल का है जहां 251 छात्रों के ऊपर मात्र दो ही शिक्षक काम कर रहे हैं।
गौरतलब हो कि इन चार शिक्षकों में दो तो प्रधानाध्यापक हैं, जो मिड-डे मील और पुस्तकों के वितरण के अलावा अन्य सरकारी कामों में व्यस्त रहती हैं। इसमें भी शिक्षा का काम प्रभावित हो रहा है। ऐसा नहीं है कि जिले पर बेसिक शिक्षकों की कमी हो क्योंकि पास ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 131 छात्रो पर 10 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है जो मानक से कई गुना ज्यादा है।
बेसिक शिक्षा में 30 छात्रों पर एक अध्यापक की नियुक्ति और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 35 बच्चों के ऊपर एक अध्यापक की नियुक्ति को आधार बनाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है।
हमारे स्कूलों में छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षक नहीं है। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र दिए गए है। फिलहाल पड़ोस के स्कूलों के दो अध्यापकों के सहारे काम चलाया जा रहा है।
अंजू गुप्ता, प्रधानाध्यापक, रोजा प्रथम
डायट पर नए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जैसे जैसे शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्य पूरा होगा खाली स्थानों पर उनकी नियुक्ति अमल में लाई जाएगी।
- रोहिताश्व सिंह, एबीआरसी, भावलखेड़ा
हवन पूजन के साथ
शैक्षिक सत्र शुरू
पुवायां। बुधवार को नगर के स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज के नवीन शैक्षिक सत्र का हवन पूजन के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कालेज समिति के अध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रबंधक शंभूदयाल शर्मा, प्राचार्य डॉ. केके सिंह, डॉ. मोहित निगम, डॉ. संध्या पाठक, डॉ. श्रवण सिंह, डॉ. रजनीश शुक्ला, डॉ. कासिफ नईम, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. जावेद, अवधेश शुक्ला, शालिनी गुप्ता सहित तमाम स्टाफ मौजूद रहा। पूजन पं. वासुदेव शास्त्री ने संपन्न कराया।
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पूर्व माध्यमिक स्कूल भांभी- सुबह 10.35 बजे
इस स्कूल में तैनात शिक्षक राजवीर गौतम गायब मिले। उनके स्थान पर प्राइवेट शिक्षक मनोज सिंह मौजूद थे। उन्होंने बताया कि राजवीर गौतम आज नहीं आए हैं। स्कूल में दर्ज 150 बच्चों में मात्र एक बच्चा मिला। पड़ोस के ही प्राथमिक स्कूल में शिक्षक मीनाक्षी मौजूद थी। उन्होंने बताया कि अन्य दो शिक्षक नहीं आए हैं। स्कूल में दर्ज 165 बच्चों में दो मौजूद थे। ज्यादा बच्चे नहीं आने के कारण खाना भी नहीं बनाया गया।
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प्राथमिक स्कूल फगुनियाई- सुबह 10.58 बजे
यहां पर किसी भी शिक्षक के नहीं आने के कारण स्कूल बंद था। मौके पर मौजूद मिली रसोइया मुन्नी देवी ने बताया कि शिक्षक नहीं आने पर स्कूल नहीं खोला गया। कक्षा तीन के छात्र मंजीत सिंह, अवतार सिंह और कक्षा दो के विजय कुमार स्कूल के बरामदे में पड़ी चारपाई पर बैठे थे।
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प्राथमिक स्कूल अख्त्यारपुर धौकल- सुबह 11.20 बजे
इस स्कूल में सभी शिक्षक मौजूद थे और 188 बच्चों में 40 मौजूद थे। शिक्षकों ने बताया कि गांव में भ्रमण करके बच्चों को आने के लिए प्रेरित किया तो इतने आ सके। जिससे पढ़ाई कार्य कराया जा रहा है।
पूर्व माध्यमिक स्कूल बरीबरा- सुबह 11.45 बजे
यहां पर स्कूल में आए कुल छह बच्चों को शिक्षक अंबरीश कुमार पढ़ा रहे थे। रसोइया चूल्हे पर खाना बना रही थी। चूल्हे पर खाना बनाने की बात पर शिक्षक ने बताया कि गैस चूल्हा खराब होने के कारण आज परेशानी हो गई। पड़ोस के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक सर्वेश कुमार मौजूद थे, उन्होंने बताया कि शिक्षक आशुतोष शुक्ला नहीं आए हैं। स्कूल में दर्ज 171 बच्चों में 21 आए थे। 000000
शिक्षकों से किया जाएगा जवाब-तलब
मैने भी कई स्कूलों का मुआयना किया, लेकिन इन स्कूलों की ओर नहीं गया हूं। अगर स्कूलों से शिक्षक गायब रहे हैं तो उनसे जवाब तलब किया जाएगा।
- संजीव कुमार कनौजिया, (बीईओ) बंडा
मिर्जापुर क्षेत्र में पहले ही दिन बंद रहे कई स्कूल
मिर्जापुुर। प्राथमिक शिक्षकों की खराब मन:स्थिति के चलते सरकारी स्कूलों मे शिक्षा का सुधार नहीं हो पा रहा है। शिक्षा सत्र के पहले ही दिन कई स्कूल बंद रहे। जो स्कूूल खुले, उनमें शिक्षण कार्य के बजाय शिक्षक स्कूल के छात्रों से स्कूल की साफ सफाई करवाते देखे गये। ऐसे मे एमडीएम बनने की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
समय प्रात: 8:07 बजे
उच्च प्राथमिक स्कूल दोषपुर थोक में प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार पांच छात्रों से स्कूल में सफाई करवा रहे थे। बोले, इस स्कूल में 62 छात्र पंजीकृत हैं। स्कूूल के सहायक अध्यापक सुनील कुमार, रसोइया अभी नहीं आए हैं।
प्रात: 8:30 बजे
प्राथमिक स्कूल आजमपुर बंद था। सफाईकर्मी श्यामबाबू स्कूल कैंपस की सफाई कर रहा था, जबकि रसोइया गुड्डी देवी और ज्ञानदेवी बैठीं थीं। बच्चे गुरुजी के आनेे का इंतजार कर रहे थे।
8: 40 बजे
प्राथमिक स्कूूल कोडन भी बंद था। सफाईकर्मी स्कूल की सफाई कर रहा था। बच्चे शिक्षक के आने का इंतजार कर रहे थे।
8:50 बजे
प्राथमिक स्कूल कोडन पट्टी में अध्यापिका पुष्पलता उपस्थित थीं। बताया कि सहायक अध्यापक रामवीर अभी नहीं आये हैं। स्कूूल में 53 छात्र पंजीकृत हैं। आज पहले दिन 15 छात्र ही आये हैं। एमडीएम नहीं बन रहा था।
8:57 बजे
प्राथमिक स्कूल नगला झुंडी में सहायक अध्यापक नवीन चंद्र व प्रतिभा मिश्रा उपस्थित थीं। स्कूल में 47 छात्र पंजीकृत होने के बाद भी मात्र आठ छात्र उपस्थित थे।
9:17 बजे
प्राथमिक स्कूल कांकर मेें सहायक अध्यापक रावेन्द्र कुमार व दीप्ति शुक्ला उपस्थित थीं। अध्यापकों ने बताया कि स्कूल भवन की स्थिति बेहद खराब है। बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। पूरा स्कूल टपक रहा है।
9: 32 बजे
प्राथमिक स्कूल बानगांव प्रथम व द्वितीय एक ही भवन मे संचालित हैं। दोनो स्कूलों में दो-दो शिक्षक तैनात हैं। पहले दिन एकमात्र उपस्थित सहायक अध्यापिका विंदेश्वरी दीक्षित ने बताया कि प्रथम में 96 व द्वितीय में 94 छात्र पंजीकृत हैं। आज पहले दिन दोनो स्कूलों में 26 छात्र आये हैं।
शिक्षकों की कमी, कैसे संवरेगा बच्चों का भविष्य
रोजा। बेसिक स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की कमी है। ऐसे में बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। रोजा के दो प्राथमिक स्कूलों में 480 बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र चार शिक्षक ही तैनात किए गए हैं। मानक के अनुसार इन बच्चो को पढ़ाने के लिए 16 अध्यापकों की नियुक्ति होनी चाहिए थी जो जिले में बेसिक शिक्षा की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।
बता दें कि भावलखेड़ा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले रोजा प्रथम में अप्रैल से शुरू हुए शैक्षणिक सत्र में 229 छात्र पंजीकृत हैं। ये बच्चे कक्षा एक से लेकर पांच तक के छात्र हैं। पांच कक्षाओं को पढ़ाने के लिए मात्र एक प्रधानाध्यापक और एक सहायक की नियुक्ति ही दोनों स्कूलों में की गई है। यही हाल रोजा द्वितीय स्कूल का है जहां 251 छात्रों के ऊपर मात्र दो ही शिक्षक काम कर रहे हैं।
गौरतलब हो कि इन चार शिक्षकों में दो तो प्रधानाध्यापक हैं, जो मिड-डे मील और पुस्तकों के वितरण के अलावा अन्य सरकारी कामों में व्यस्त रहती हैं। इसमें भी शिक्षा का काम प्रभावित हो रहा है। ऐसा नहीं है कि जिले पर बेसिक शिक्षकों की कमी हो क्योंकि पास ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 131 छात्रो पर 10 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है जो मानक से कई गुना ज्यादा है।
बेसिक शिक्षा में 30 छात्रों पर एक अध्यापक की नियुक्ति और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में 35 बच्चों के ऊपर एक अध्यापक की नियुक्ति को आधार बनाया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे परे है।
हमारे स्कूलों में छात्रों की संख्या के आधार पर शिक्षक नहीं है। इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र दिए गए है। फिलहाल पड़ोस के स्कूलों के दो अध्यापकों के सहारे काम चलाया जा रहा है।
अंजू गुप्ता, प्रधानाध्यापक, रोजा प्रथम
डायट पर नए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जैसे जैसे शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्य पूरा होगा खाली स्थानों पर उनकी नियुक्ति अमल में लाई जाएगी।
- रोहिताश्व सिंह, एबीआरसी, भावलखेड़ा
हवन पूजन के साथ
शैक्षिक सत्र शुरू
पुवायां। बुधवार को नगर के स्वामी विवेकानंद डिग्री कॉलेज के नवीन शैक्षिक सत्र का हवन पूजन के साथ शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कालेज समिति के अध्यक्ष संजय गुप्ता, प्रबंधक शंभूदयाल शर्मा, प्राचार्य डॉ. केके सिंह, डॉ. मोहित निगम, डॉ. संध्या पाठक, डॉ. श्रवण सिंह, डॉ. रजनीश शुक्ला, डॉ. कासिफ नईम, डॉ. सुभाष चंद्रा, डॉ. जावेद, अवधेश शुक्ला, शालिनी गुप्ता सहित तमाम स्टाफ मौजूद रहा। पूजन पं. वासुदेव शास्त्री ने संपन्न कराया।