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एआई से ठगी की आशंका: हूबहू भतीजे की आवाज में बात कर शातिर ने फूफा से ठगे 5.40 लाख रुपये
Sun, 05 Jan 2025 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 05 Jan 2025 12:38 AM IST
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शाहजहांपुर। हैलो... फूफा मैं कैलिफोर्निया से लवली बोल रहा हूं। आपके खाते में 9.40 लाख रुपये भेज रहा हूं। दिल्ली में रहने वाले दोस्त को जरूरत है। उसकी मां का हार्ट का ऑपरेशन होना है। उसके खाते में 5.40 लाख रुपये डाल देना। शेष रुपये आप रख लेना, बाद में ले लूंगा।
हूबहू भतीजे की आवाज में ये बातें सुनकर फूफा परमजीत सिंह साइबर ठग के झांसे में आ गए। इसके बाद बताए गए खाते में दो बार में 5.40 लाख रुपये डाल दिए। बाद में भतीजे को फोन किया तो बताया कि उसने फोन ही नहीं किया। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। घटना पिछले साल फरवरी में हुई थी। विवेचना के बाद साइबर थाना पुलिस ने तीन जनवरी को रिपोर्ट दर्ज की है। आशंका है कि ठगी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
पहले पूछा परिवार का हाल-चाल, फिर बताई दोस्त की मजबूरी
बंडा थाना क्षेत्र के गांव ददिउरी निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि उनके साले का बेटा लवली कैलिफोर्निया में रहता है। उनके मोबाइल पर फरवरी में अंतरराष्ट्रीय नंबर से फोन आया। सामने वाले ने खुद को लवली बताते हुए बिल्कुल उसकी आवाज में बात की। पहले परिवार का हाल-चाल जाना फिर दोस्त की मजबूरी बताई। इसके बाद कहां, मैं रुपये भेज रहा हूं, दोस्त के खाते में डाल देना। व्हाट्सएप पर खाता संख्या भी भेज दी। झांसे में आकर उन्होंने अपना खाता चेक किए बिना ही बेटी राजवंश कौर के खाते से दो लाख 40 हजार रुपये भेज दिए। फिर तीन लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बात भतीजे को फोन किया तो उन्हें ठगी का पता चला। परमजीत ने बताया कि जिस खाते में रुपये भेजे हैं, वह किसी रईस बेग के नाम से है। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की। विवेचना के बाद साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। थाना प्रभारी विजय प्रताप ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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इस तरह वारदात को दिया जाता है अंजाम
-आरोपी खाते में रुपये भेजने के बजाय मात्र मेसेज भेजते हैं। उसके बाद रुपये वापस करने का दबाव बनाने लगते हैं।
- साइबर ठग सोशल मीडिया साइट से जानकारी लेने के बाद फर्जी आईडी बनाकर दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क साधकर उन्हें निशाना बनाते हैं।
-एआई के जरिये हूबहू आवाज कॉपी कर साइबर ठग घटना को अंजाम दे रहे हैं। नए नंबर से कॉल की जाती है। कोई इमरजेंसी बताकर रुपये ट्रांसफर कराए जाते हैं। -रोहित सिंह, एसआई, साइबर विशेषज्ञ
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हूबहू भतीजे की आवाज में ये बातें सुनकर फूफा परमजीत सिंह साइबर ठग के झांसे में आ गए। इसके बाद बताए गए खाते में दो बार में 5.40 लाख रुपये डाल दिए। बाद में भतीजे को फोन किया तो बताया कि उसने फोन ही नहीं किया। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। घटना पिछले साल फरवरी में हुई थी। विवेचना के बाद साइबर थाना पुलिस ने तीन जनवरी को रिपोर्ट दर्ज की है। आशंका है कि ठगी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
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पहले पूछा परिवार का हाल-चाल, फिर बताई दोस्त की मजबूरी
बंडा थाना क्षेत्र के गांव ददिउरी निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि उनके साले का बेटा लवली कैलिफोर्निया में रहता है। उनके मोबाइल पर फरवरी में अंतरराष्ट्रीय नंबर से फोन आया। सामने वाले ने खुद को लवली बताते हुए बिल्कुल उसकी आवाज में बात की। पहले परिवार का हाल-चाल जाना फिर दोस्त की मजबूरी बताई। इसके बाद कहां, मैं रुपये भेज रहा हूं, दोस्त के खाते में डाल देना। व्हाट्सएप पर खाता संख्या भी भेज दी। झांसे में आकर उन्होंने अपना खाता चेक किए बिना ही बेटी राजवंश कौर के खाते से दो लाख 40 हजार रुपये भेज दिए। फिर तीन लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। कुछ देर बात भतीजे को फोन किया तो उन्हें ठगी का पता चला। परमजीत ने बताया कि जिस खाते में रुपये भेजे हैं, वह किसी रईस बेग के नाम से है। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की। विवेचना के बाद साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। थाना प्रभारी विजय प्रताप ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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इस तरह वारदात को दिया जाता है अंजाम
-आरोपी खाते में रुपये भेजने के बजाय मात्र मेसेज भेजते हैं। उसके बाद रुपये वापस करने का दबाव बनाने लगते हैं।
- साइबर ठग सोशल मीडिया साइट से जानकारी लेने के बाद फर्जी आईडी बनाकर दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क साधकर उन्हें निशाना बनाते हैं।
-एआई के जरिये हूबहू आवाज कॉपी कर साइबर ठग घटना को अंजाम दे रहे हैं। नए नंबर से कॉल की जाती है। कोई इमरजेंसी बताकर रुपये ट्रांसफर कराए जाते हैं। -रोहित सिंह, एसआई, साइबर विशेषज्ञ