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Shahjahanpur News: गैरइरादतन हत्या में पिता और दो पुत्रों को दस-दस वर्ष की कैद
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शाहजहांपुर। बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीटकर गैरइरादतन हत्या में पिता और दो पुत्रों को अदालत ने दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 34,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
सदर बाजार क्षेत्र के शाहबाजनगर निवासी प्रेमपाल ने थाने में 24 अगस्त 2014 को प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि मोहल्ले के रहने वाले बाबू, छोटेलाल, रामू व एक किशोर ने उनकी बहन सुनीता के पास मरी हुई गोह डाल दी। बहन ने विरोध किया तो उन लोगों ने उससे गालीगलौज करते हुए डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
बचाने आने पर उनकी मां कमला, पिता रामदास, भाई रामभजन और उन्हें हमलावरों ने लाठी-डंडों से पीट दिया। भीड़ इकट्ठा होने पर वे लोग धमकाते हुए चले गए। सुनीता और रामदास के सिर पर चोट लगने के कारण दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रामदास की मौत हो गई।
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पुलिस ने गैरइरादतन हत्या में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। आरोपी किशोर के विरुद्ध आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड में भेजा गया। बाबू, उसके भाई छोटेलाल, छोटेलाल के बेटे रामू और वासुदेव के विरुद्ध आरोपपत्र अदालत भेजा गया। मुकदमे के दौरान बाबू की मृत्यु हो गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अतीकउद्दीन ने छोटेलाल, रामू और वासुदेव को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया।
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सदर बाजार क्षेत्र के शाहबाजनगर निवासी प्रेमपाल ने थाने में 24 अगस्त 2014 को प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि मोहल्ले के रहने वाले बाबू, छोटेलाल, रामू व एक किशोर ने उनकी बहन सुनीता के पास मरी हुई गोह डाल दी। बहन ने विरोध किया तो उन लोगों ने उससे गालीगलौज करते हुए डंडों से पीटना शुरू कर दिया।
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बचाने आने पर उनकी मां कमला, पिता रामदास, भाई रामभजन और उन्हें हमलावरों ने लाठी-डंडों से पीट दिया। भीड़ इकट्ठा होने पर वे लोग धमकाते हुए चले गए। सुनीता और रामदास के सिर पर चोट लगने के कारण दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान रामदास की मौत हो गई।
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पुलिस ने गैरइरादतन हत्या में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की। आरोपी किशोर के विरुद्ध आरोपपत्र किशोर न्याय बोर्ड में भेजा गया। बाबू, उसके भाई छोटेलाल, छोटेलाल के बेटे रामू और वासुदेव के विरुद्ध आरोपपत्र अदालत भेजा गया। मुकदमे के दौरान बाबू की मृत्यु हो गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अतीकउद्दीन ने छोटेलाल, रामू और वासुदेव को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया।