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Shahjahanpur News: किसानों को मिट्टी की जांच और नैनो उर्वरकों के फायदे बताए गए
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ददरौल में किसानों को मिट्टी की जांच के बारे में बताते इफको के उप महाप्रबंधक डॉ. संतोष सिंह। स्र
- फोटो : Archive
शाहजहांपुर। ददरौल साधन सहकारी समिति पर मृदा परीक्षण अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान इफको लखनऊ के उप महाप्रबंधक डॉक्टर संतोष कुमार सिंह ने किसानों को मिट्टी की जांच कराने के लिए जागरूक किया। उन्होंने इसके लाभों पर भी प्रकाश डाला। इफको शाहजहांपुर के क्षेत्र अधिकारी रामरतन सिंह ने रासायनिक उर्वरकों के कम प्रयोग पर जोर दिया।
उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग की विधि और लाभों की जानकारी दी। रामरतन सिंह ने बताया कि नैनो डीएपी से बीज शोधन और फसल की 30-35 दिन की अवस्था पर छिड़काव से रासायनिक डीएपी की मात्रा 25 से 50 फीसदी तक कम की जा सकती है।
इफको-एमसी के टीएमई भावेश त्रिपाठी ने फसलों में लगने वाले रोगों और कीटों की रोकथाम के बारे में बताया। किसानों को इफको जैव उर्वरक एनपीके कंसोर्टिया 500 एमएल से बीजशोधन करने की सलाह दी। इसे सड़ी गोबर की खाद के साथ मिलाकर प्रयोग करने के लिए कहा गया। इससे रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम कर उपज में वृद्धि संभव है।
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कार्यक्रम में ददरौल समिति के सचिव दिनेश दीक्षित, एक्वा एग्री के एमडीई सचेंद्र वर्मा और इफको के दुर्गेश पांडेय उपस्थित रहे। इस अभियान में लगभग 70 किसानों ने भाग लिया।
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उन्होंने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग की विधि और लाभों की जानकारी दी। रामरतन सिंह ने बताया कि नैनो डीएपी से बीज शोधन और फसल की 30-35 दिन की अवस्था पर छिड़काव से रासायनिक डीएपी की मात्रा 25 से 50 फीसदी तक कम की जा सकती है।
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इफको-एमसी के टीएमई भावेश त्रिपाठी ने फसलों में लगने वाले रोगों और कीटों की रोकथाम के बारे में बताया। किसानों को इफको जैव उर्वरक एनपीके कंसोर्टिया 500 एमएल से बीजशोधन करने की सलाह दी। इसे सड़ी गोबर की खाद के साथ मिलाकर प्रयोग करने के लिए कहा गया। इससे रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम कर उपज में वृद्धि संभव है।
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कार्यक्रम में ददरौल समिति के सचिव दिनेश दीक्षित, एक्वा एग्री के एमडीई सचेंद्र वर्मा और इफको के दुर्गेश पांडेय उपस्थित रहे। इस अभियान में लगभग 70 किसानों ने भाग लिया।