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Shahjahanpur News: सरकारी बताकर नीलाम कर दिए गए किसान के पेड़, आखिरकार दो साल बाद मिला न्याय
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बंडा के गांव रसूलपुर गढ़िया निवासी हरिपाल सिंह। स्रोत स्वयं
पुवायां। एक किसान के खेत की मेड़ पर खड़े पेड़ दो वर्ष पहले लेखपाल ने चकरोड के होने की रिपोर्ट लगा दी। इसके बाद तहसील प्रशासन ने पेड़ नीलाम कर दिए। दो वर्ष बाद अब किसान को न्याय मिला है। जांच में पेड़ उसके खेत की मेड़ पर पाए गए हैं।
बंडा के गांव रसूलपुर गढ़िया निवासी हरिपाल सिंह के खेत गाटा संख्या 127 की मेड़ पर यूकेलिप्टिस के 13 पेड़ खड़े थे। पेड़ हरिपाल सिंह ने ही लगाए थे। खेत के पास से गाटा संख्या 130 चकरोड निकला है। गांव के लोगों की शिकायत पर वर्ष 2023 में तत्कालीन लेखपाल ने चकमार्ग की पैमाइश की और हरिपाल के पेड़ चकमार्ग पर होने की रिपोर्ट लगा दी।
इसके बाद 2023 में ही तहसील प्रशासन ने 41 सौ रुपये में गांव के ही एक व्यक्ति के नाम पेड़ों की नीलामी कर दी, लेकिन पेड़ काटे नहीं जा सके। पेड़ नीलाम किए जाने से परेशान हरिपाल ने तहसील के अधिकारियों, समाधान दिवस सहित जिला मुख्यालय पर अधिकारियों को तमाम प्रार्थनापत्र देकर फिर से पैमाइश कराने की गुहार की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।
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हरिपाल ने भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव को मामले की जानकारी दी। इसके बाद ज्ञापन, धरना प्रदर्शन और जिला मुख्यालय कूच होने पर फिर से पैमाइश कराई गई तो पेड़ हरिपाल के खेत गाटा संख्या 127 की मेड़ पर पाए गए। लेखपाल ने रिपोर्ट अधिकारियों को दे दी है। हरिपाल ने दो वर्ष बाद न्याय मिलने पर कहा कि अधिकारी पहले सुन लेते तो उसे सरकारी दफ्तरों के तमाम चक्कर न लगाने पड़ते। वहीं बताया जा रहा है कि नाप करने वाला लेखपाल वर्तमान में जलालाबाद में तैनात है।
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पेड़ किसान के हुए तो तत्कालीन लेखपाल का होगा निलंबन
एसडीएम चित्रा निर्वाल ने बताया कि नायब तहसीलदार को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। अगर रिपोर्ट में पेड़ किसान के पाए गए तो पूर्व में पैमाइश करने वाले लेखपाल के खिलाफ निलंबन की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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बंडा के गांव रसूलपुर गढ़िया निवासी हरिपाल सिंह के खेत गाटा संख्या 127 की मेड़ पर यूकेलिप्टिस के 13 पेड़ खड़े थे। पेड़ हरिपाल सिंह ने ही लगाए थे। खेत के पास से गाटा संख्या 130 चकरोड निकला है। गांव के लोगों की शिकायत पर वर्ष 2023 में तत्कालीन लेखपाल ने चकमार्ग की पैमाइश की और हरिपाल के पेड़ चकमार्ग पर होने की रिपोर्ट लगा दी।
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इसके बाद 2023 में ही तहसील प्रशासन ने 41 सौ रुपये में गांव के ही एक व्यक्ति के नाम पेड़ों की नीलामी कर दी, लेकिन पेड़ काटे नहीं जा सके। पेड़ नीलाम किए जाने से परेशान हरिपाल ने तहसील के अधिकारियों, समाधान दिवस सहित जिला मुख्यालय पर अधिकारियों को तमाम प्रार्थनापत्र देकर फिर से पैमाइश कराने की गुहार की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।
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हरिपाल ने भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह यादव को मामले की जानकारी दी। इसके बाद ज्ञापन, धरना प्रदर्शन और जिला मुख्यालय कूच होने पर फिर से पैमाइश कराई गई तो पेड़ हरिपाल के खेत गाटा संख्या 127 की मेड़ पर पाए गए। लेखपाल ने रिपोर्ट अधिकारियों को दे दी है। हरिपाल ने दो वर्ष बाद न्याय मिलने पर कहा कि अधिकारी पहले सुन लेते तो उसे सरकारी दफ्तरों के तमाम चक्कर न लगाने पड़ते। वहीं बताया जा रहा है कि नाप करने वाला लेखपाल वर्तमान में जलालाबाद में तैनात है।
पेड़ किसान के हुए तो तत्कालीन लेखपाल का होगा निलंबन
एसडीएम चित्रा निर्वाल ने बताया कि नायब तहसीलदार को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। अगर रिपोर्ट में पेड़ किसान के पाए गए तो पूर्व में पैमाइश करने वाले लेखपाल के खिलाफ निलंबन की रिपोर्ट भेजी जाएगी।