Shahjahanpur News: छुट्टा पशुओं ने नष्ट कर दी गेहूं की फसल, आहत किसान ने फंदा लगाकर दी जान
शाहजहांपुर के मदनापुर क्षेत्र में छुट्टा पशुओं ने गेहूं की फसल नष्ट कर दी, जिस देख किसान को गहरा सदमा लगा। उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक किसान के ऊपर काफी कर्ज भी था।
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शाहजहांपुर के मदनापुर थाना क्षेत्र के गांव हैदलपुर निवासी सुदेश (30) का शव शनिवार को फंदे से लटका मिला। परिजनों ने बताया कि कर्ज और छुट्टा जानवरों के फसल चर जाने से आहत होकर उन्होंने जान दी है। अपना खेत गिरवी रखने के बाद वे ठेके पर जमीन लेकर खेती करते थे।
सुदेश चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। पिछले साल उनकी पत्नी ऊषा देवी बीमार हुईं तो उपचार में काफी रुपये लग गए। इलाज कराने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा। उन पर पहले भी बैंक का कर्ज था। इस बार ठेके की जमीन पर उन्होंने गेहूं की फसल बोई थी। शुक्रवार को भाई उपदेश के बेटे के नामकरण संस्कार की दावत होने के चलते वे खेत की रखवाली करने नहीं जा पाए थे।
फसल की बर्बादी देख लगा सदमा
इसी बीच उनकी फसल को छुट्टा जानवरों ने चर लिया। शनिवार को फसल की दुर्दशा देखकर सुदेश परेशान हो गए। इस बीच वह मकान के कमरे में रस्सी के सहारे फंदे से लटक गए। उन्हें लटका देखकर पत्नी ऊषा ने तुरंत नीचे उतारा और डॉक्टर के पास लेकर गईं।
चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सुदेश और ऊषा की तीन साल पहले ही शादी हुई थी। उनका एक साल का बेटा भी है। जिसका अभी नामकरण नहीं हुआ है। जमीन गिरवी रखने के बाद वह ठेके पर भूमि लेकर खेती करने लगे थे।
थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि सुदेश ने पत्नी के उपचार के लिए जमीन को गिरवी रख कर कर्ज लिया था। ठेके पर भूमि लेकर गेहूं बोया था जिसे छुट्टा पशु चर गए। इससे वे काफी आहत हो गए थे।