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प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ अनशन पर बैठा परिवार
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:38 PM IST
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जलालाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पर उधार ली गई रकम हड़प लेने और मांगने पर अवैध शराब के झूठे मामले में चालान काट देने का आरोप लगाते हुए वहां के मोहल्ला गौसनगर में डेयरी चलाने वाले चंगेज खां की पत्नी रुबीना बेगम ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बृहस्पतिवार से कलक्ट्रेट में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह को दिए ज्ञापन में कहा है कि यदि प्रकरण की जांच करके न्याय नहीं दिया गया तो परिवार के लोग आमरण अनशन करने को मजबूर हो जाएंगे।
रुबीना ने बताया कि इंस्पेक्टर पिछले एक-डेढ़ माह से उनके पति की डेयरी से रोजाना दो किलो दूध लेते थे, जिसका आज तक कोई रुपया नहीं दिया गया। उल्टे 25 हजार रुपये यह कहकर उधार ले गए कि तनख्वाह आते ही सारे पैसे वापस कर देंगे। रकम मांगने पर नौ नवंबर की रात इंस्पेक्टर ने पति चंगेज खां को थाने बुलवा लिया। पति के नहीं लौटने पर थाने जाकर मालूमात की तो इंस्पेक्टर ने कहा कि किसी पिंकू सिंह नाम के बदमाश के बारे में पूछताछ के लिए पति को रोक लिया है।
ज्ञापन मे रुबीना ने कहा कि अगले दिन थाने जाने पर इंस्पेक्टर ने पति को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये मांगे। मामले की जानकारी फोन पर डीआईजी को दी और कुछ संभ्रांत लोगों के माध्यम से बात कराने पर इंस्पेक्टर पति को शाम तक छोड़ने पर राजी हुए, लेकिन बाद में उनका आबकारी एक्ट में चालान कर दिया। पुलिस के इस रवैये से परिवार की सामाजिक ख्याति धूमिल हुई है। इसलिए मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की जाए।
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रुबीना ने बताया कि इंस्पेक्टर पिछले एक-डेढ़ माह से उनके पति की डेयरी से रोजाना दो किलो दूध लेते थे, जिसका आज तक कोई रुपया नहीं दिया गया। उल्टे 25 हजार रुपये यह कहकर उधार ले गए कि तनख्वाह आते ही सारे पैसे वापस कर देंगे। रकम मांगने पर नौ नवंबर की रात इंस्पेक्टर ने पति चंगेज खां को थाने बुलवा लिया। पति के नहीं लौटने पर थाने जाकर मालूमात की तो इंस्पेक्टर ने कहा कि किसी पिंकू सिंह नाम के बदमाश के बारे में पूछताछ के लिए पति को रोक लिया है।
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ज्ञापन मे रुबीना ने कहा कि अगले दिन थाने जाने पर इंस्पेक्टर ने पति को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये मांगे। मामले की जानकारी फोन पर डीआईजी को दी और कुछ संभ्रांत लोगों के माध्यम से बात कराने पर इंस्पेक्टर पति को शाम तक छोड़ने पर राजी हुए, लेकिन बाद में उनका आबकारी एक्ट में चालान कर दिया। पुलिस के इस रवैये से परिवार की सामाजिक ख्याति धूमिल हुई है। इसलिए मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की जाए।
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