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Shahjahanpur News: एएसपी समेत तीन अफसरों का स्पष्टीकरण किया तलब
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शाहजहांपुर। बगैर अग्रसारण अंतिम रिपोर्ट अदालत में प्रेषित करने पर अदालत ने सीओ पुवायां और जलालाबाद के साथ ही एएसपी निष्ठा उपाध्याय का स्पष्टीकरण तलब किया है।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर के कोर्ट में मंगलवार को जलालाबाद के एक मामले की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। न्यायालय ने पाया कि इस अंतिम रिपोर्ट में पर्यवेक्षक अधिकारी-क्षेत्राधिकारी का कोई भी अग्रसारण नहीं है। पत्रावली को देखने से यह भी स्पष्ट है कि वादी मुकदमा कीर्ति पांडेय ने विवेचना से संतुष्ट न होने पर एक शिकायती पत्र एसपी को भेजा था। जिसे एसपी ने अग्रिम विवेचना के लिए इन्वेस्टिगेशन विंग अपराध शाखा को स्थानांतरित किया।
इस आदेश के अनुपालन में सीओ प्रवीण मलिक ने संबंधित निरीक्षक को विवेचना के लिए आदेशित किया, जिनके द्वारा पूर्व प्रेषित अंतिम रिपोर्ट का समर्थन करते हुए विवेचना समाप्त की गई लेकिन उस पर पर्यवेक्षक अधिकारी का कोई भी अग्रसारण नहीं है। जलालाबाद के थाना पैरोकार ने बताया कि सीओ अपराध शाखा, शाहजहांपुर वर्तमान समय में निष्ठा उपाध्याय एडिशनल एसपी हैं तथा प्रवीण मलिक, सीओ, पुवायां के पद पर हैं।
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चूंकि रिपोर्ट पर सूक्ष्म हस्ताक्षर अदिनांकित भी हैं, जिससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि विवेचना के समापन के समय प्रवीण मलिक अथवा निष्ठा उपाध्याय क्षेत्राधिकारी अपराध शाखा के पद पर आसीन थे।
अंतिम रिपोर्ट नौ अप्रैल 2025 को जलालाबाद क्षेत्राधिकारी के कार्यालय से न्यायालय को प्राप्त हुई, उस पर भी सीओ जलालाबाद का अग्रसारण नहीं है। इस तरह के अंतिम आख्या-आरोपपत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना यह दर्शाता है कि सीओ जलालाबाद अजय कुमार राय, सीओ पुवायां प्रवीन मलिक, एएसपी निष्ठा उपाध्याय ने अपने विधिक कर्तव्यों का पालन नहीं किया।
ऐसी स्थिति में तीनों अधिकारी 30 मार्च को अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि क्यों न उनके मनमाने पूर्ण एवं विधिक कर्तव्यों के प्रति रुचि न रखने के संबंध में शासन को अवगत कराया जाए।
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अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर के कोर्ट में मंगलवार को जलालाबाद के एक मामले की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। न्यायालय ने पाया कि इस अंतिम रिपोर्ट में पर्यवेक्षक अधिकारी-क्षेत्राधिकारी का कोई भी अग्रसारण नहीं है। पत्रावली को देखने से यह भी स्पष्ट है कि वादी मुकदमा कीर्ति पांडेय ने विवेचना से संतुष्ट न होने पर एक शिकायती पत्र एसपी को भेजा था। जिसे एसपी ने अग्रिम विवेचना के लिए इन्वेस्टिगेशन विंग अपराध शाखा को स्थानांतरित किया।
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इस आदेश के अनुपालन में सीओ प्रवीण मलिक ने संबंधित निरीक्षक को विवेचना के लिए आदेशित किया, जिनके द्वारा पूर्व प्रेषित अंतिम रिपोर्ट का समर्थन करते हुए विवेचना समाप्त की गई लेकिन उस पर पर्यवेक्षक अधिकारी का कोई भी अग्रसारण नहीं है। जलालाबाद के थाना पैरोकार ने बताया कि सीओ अपराध शाखा, शाहजहांपुर वर्तमान समय में निष्ठा उपाध्याय एडिशनल एसपी हैं तथा प्रवीण मलिक, सीओ, पुवायां के पद पर हैं।
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चूंकि रिपोर्ट पर सूक्ष्म हस्ताक्षर अदिनांकित भी हैं, जिससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि विवेचना के समापन के समय प्रवीण मलिक अथवा निष्ठा उपाध्याय क्षेत्राधिकारी अपराध शाखा के पद पर आसीन थे।
अंतिम रिपोर्ट नौ अप्रैल 2025 को जलालाबाद क्षेत्राधिकारी के कार्यालय से न्यायालय को प्राप्त हुई, उस पर भी सीओ जलालाबाद का अग्रसारण नहीं है। इस तरह के अंतिम आख्या-आरोपपत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाना यह दर्शाता है कि सीओ जलालाबाद अजय कुमार राय, सीओ पुवायां प्रवीन मलिक, एएसपी निष्ठा उपाध्याय ने अपने विधिक कर्तव्यों का पालन नहीं किया।
ऐसी स्थिति में तीनों अधिकारी 30 मार्च को अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि क्यों न उनके मनमाने पूर्ण एवं विधिक कर्तव्यों के प्रति रुचि न रखने के संबंध में शासन को अवगत कराया जाए।