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तिलहर में कब्जे की चपेट में तालाब, अस्तित्व पर गहराया संकट
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तिलहर उमरपुर सियाराम के घर के निकट मिट्टी से पाटा गया तालाब
- फोटो : SHAHJAHANPUR
तिलहर। सरकार तालाबों को संरक्षित व सुरक्षित रखकर उन्हें अमृत सरोवर बनाने का प्रयास कर रही है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से नगर के तालाबों के अस्तित्व का खतरा मंडरा रहा है। नगर के आठ में से एक तालाब का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। एक अन्य तालाब को पाटकर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
तहसील तिलहर में 1983 तालाब अभिलेखों में दर्ज हैं। नगर पालिका क्षेत्र में भी आठ तालाब हैं। इसमें नगर पालिका की भूमि पर उमरपुर स्थित शेयरिंग तालाब और मौजमपुर स्थित दो पीरगाह तालाब, ग्राम समाज की भूमि पर उमरपुर में फखरु खान के घर के निकट, लताफत खां के घर के निकट, सियाराम के घर के पास, नजरपुर में कवी खां के मकान के पास और कुदरत मंजिल के पास तालाब अभिलेखों में दर्ज हैं।
इनमें से ग्राम समाज की भूमि पर उमरपुर के तालाब का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है। इस पर कब्जे हो चुके हैं। इसी तरह से उमरपुर के तालाब को कुछ लोगों ने पिछले साल मिट्टी डालकर पाट लिया है। आसपास लोगों के मकान बने हैं, जिनके पानी का निकास तालाब की ओर हैं। यहां पर तालाब पाटने के बाद नालों को बंद करने की पुरजोर कोशिश की गई, लेकिन मामला अब ठंडे बस्ते में है। तालाब के आगे लोहे का बड़ा फाटक लगा दिया है।
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नगर के बीच में मौजमपुर स्थित पीरगाह तालाब दो रकबों में है। इस तालाब पर भी लंबे अरसे से कब्जा है। तालाब की तहसील द्वारा पैमाइश को भी लगभग डेढ़ माह बीत चुका है, लेकिन अभी तक तालाब का अतिक्रमण नहीं हटाया है। उमरपुर के तालाब को अभी हाल ही में पाटा गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में तालाबों से कब्जे हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उमरपुर तालाब नगरपालिका अभिलेखों में दर्ज है, लेकिन तहसील प्रशासन इस पर कब्जा बता रहा है। तालाब में जल भरा हुआ था। उसे अभी पिछले दिनों ही पाटा गया है। पालिका ने अपनी आपत्ति भी दर्ज की थी। पीरगाह तालाब को अमृत सरोवर के रूप में प्रस्तावित किया है। यहां से भी कब्जे हटाकर इसका सुंदरीकरण किया जाएगा। -सर्वेश कुमार कुशवाहा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका तिलहर।
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तहसील तिलहर में 1983 तालाब अभिलेखों में दर्ज हैं। नगर पालिका क्षेत्र में भी आठ तालाब हैं। इसमें नगर पालिका की भूमि पर उमरपुर स्थित शेयरिंग तालाब और मौजमपुर स्थित दो पीरगाह तालाब, ग्राम समाज की भूमि पर उमरपुर में फखरु खान के घर के निकट, लताफत खां के घर के निकट, सियाराम के घर के पास, नजरपुर में कवी खां के मकान के पास और कुदरत मंजिल के पास तालाब अभिलेखों में दर्ज हैं।
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इनमें से ग्राम समाज की भूमि पर उमरपुर के तालाब का अस्तित्व लगभग समाप्त हो चुका है। इस पर कब्जे हो चुके हैं। इसी तरह से उमरपुर के तालाब को कुछ लोगों ने पिछले साल मिट्टी डालकर पाट लिया है। आसपास लोगों के मकान बने हैं, जिनके पानी का निकास तालाब की ओर हैं। यहां पर तालाब पाटने के बाद नालों को बंद करने की पुरजोर कोशिश की गई, लेकिन मामला अब ठंडे बस्ते में है। तालाब के आगे लोहे का बड़ा फाटक लगा दिया है।
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नगर के बीच में मौजमपुर स्थित पीरगाह तालाब दो रकबों में है। इस तालाब पर भी लंबे अरसे से कब्जा है। तालाब की तहसील द्वारा पैमाइश को भी लगभग डेढ़ माह बीत चुका है, लेकिन अभी तक तालाब का अतिक्रमण नहीं हटाया है। उमरपुर के तालाब को अभी हाल ही में पाटा गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में तालाबों से कब्जे हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उमरपुर तालाब नगरपालिका अभिलेखों में दर्ज है, लेकिन तहसील प्रशासन इस पर कब्जा बता रहा है। तालाब में जल भरा हुआ था। उसे अभी पिछले दिनों ही पाटा गया है। पालिका ने अपनी आपत्ति भी दर्ज की थी। पीरगाह तालाब को अमृत सरोवर के रूप में प्रस्तावित किया है। यहां से भी कब्जे हटाकर इसका सुंदरीकरण किया जाएगा। -सर्वेश कुमार कुशवाहा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका तिलहर।