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प्रत्याशियों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईवीएम स्ट्रांग रूम सील
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शाहजहांपुर में मंगलवार को रोजा मंडी में ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात पुलिस व अर्धसैन?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बीते दिन हुए मतदान के बाद पोलिंग पार्टियों से ईवीएम और वीवी पैट मशीनें रोजा मंडी स्थित सीडब्ल्यूसी (केंद्रीय भंडारागार निगम) के गोदाम में जमा कराई गई थीं। आगामी दस मार्च को इन्हीं गोदामों में विधानसभा क्षेत्रवार मतगणना होनी है। इसलिए रोजा मंडी परिसर में ही ईवीएम रखने को स्ट्रांग रूम बनाया गया है। मंगलवार दोपहर प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अधिकारियों ने सभी ईवीएम सुरक्षित रखवा कर स्ट्रांग रूम सील करा दिया। इसके साथ ही वहां पुलिस और अर्धसैनिक बलों का कड़ा पहरा बिठा दिया गया।
बता दें कि बीते दिन जिले की सभी छह विधानसभा सीटों के लिए 2633 बूथों पर मतदान कराया गया था। मतदान को बूथों की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन अधिक संख्या में इस्तेमाल की गई। बैलेट यूनिट के खराब होने की आशंका में मतदान के लिए उनकी संख्या बए़ाकर 3160 की गईं। इसी तरह ईवीएम की 3481 कंट्रोल यूनिट और मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग पर्ची दर्शाने वाली 3676 वीवीपैट मशीनें प्रयोग की गईं। यही नहीं, पांच फीसदी ईवीएम मतदान से पहले मॉक पोल में प्रयोग की गईं।
मतदान खत्म होने के बाद सभी ईवीएम सोमवार देर रात तक रोजा मंडी के स्ट्रांग रूम में रखवा दी गईं, लेकिन मॉकपोल में प्रयुक्त मशीनों को वहां अलग कक्ष में रखवाया गया। मंगलवार को स्ट्रांग रूम सील करने से पहले भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम उमेश प्रताप सिंह ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों को भी बुला लिया ताकि बाद में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर किसी के स्तर से कोई सवाल खड़ा नहीं हो। अधिकारियों के निर्देश पर कई प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि भी मंडी पहुंचे।
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उनके सामने अधिकारियों ने स्ट्रांग रूम सील कराने की प्रक्रिया पूरी कराई। इस दौरान वहां एसपी एस आनंद, एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी समेत विधानसभा क्षेत्रवार रिटर्निंग आफीसर बनाए गए अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। खास यह रहा कि इस दौरान शहर विधानसभा क्षेत्र से बसपा उम्मीदवार सर्वेश चंद्र मिश्रा धांधू ने पत्रकारों से वार्ता कर आरोप लगाया कि उनके रोजा मंडी पहुंचने से पहले ही स्ट्रंग रूम सील करा दिया गया और इसके लिए पहले से कोई सूचना नहीं दी गई, जबकि अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम के रैंडमाइजेशन के दौरान ही सभी प्रत्याशियों को ईवीएम के रखरखाव से संबंधित पूरे कार्यक्रम से अवगत करा दिया गया था।
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बता दें कि बीते दिन जिले की सभी छह विधानसभा सीटों के लिए 2633 बूथों पर मतदान कराया गया था। मतदान को बूथों की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन अधिक संख्या में इस्तेमाल की गई। बैलेट यूनिट के खराब होने की आशंका में मतदान के लिए उनकी संख्या बए़ाकर 3160 की गईं। इसी तरह ईवीएम की 3481 कंट्रोल यूनिट और मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग पर्ची दर्शाने वाली 3676 वीवीपैट मशीनें प्रयोग की गईं। यही नहीं, पांच फीसदी ईवीएम मतदान से पहले मॉक पोल में प्रयोग की गईं।
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मतदान खत्म होने के बाद सभी ईवीएम सोमवार देर रात तक रोजा मंडी के स्ट्रांग रूम में रखवा दी गईं, लेकिन मॉकपोल में प्रयुक्त मशीनों को वहां अलग कक्ष में रखवाया गया। मंगलवार को स्ट्रांग रूम सील करने से पहले भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम उमेश प्रताप सिंह ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों को भी बुला लिया ताकि बाद में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर किसी के स्तर से कोई सवाल खड़ा नहीं हो। अधिकारियों के निर्देश पर कई प्रत्याशी और उनके प्रतिनिधि भी मंडी पहुंचे।
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उनके सामने अधिकारियों ने स्ट्रांग रूम सील कराने की प्रक्रिया पूरी कराई। इस दौरान वहां एसपी एस आनंद, एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी समेत विधानसभा क्षेत्रवार रिटर्निंग आफीसर बनाए गए अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। खास यह रहा कि इस दौरान शहर विधानसभा क्षेत्र से बसपा उम्मीदवार सर्वेश चंद्र मिश्रा धांधू ने पत्रकारों से वार्ता कर आरोप लगाया कि उनके रोजा मंडी पहुंचने से पहले ही स्ट्रंग रूम सील करा दिया गया और इसके लिए पहले से कोई सूचना नहीं दी गई, जबकि अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम के रैंडमाइजेशन के दौरान ही सभी प्रत्याशियों को ईवीएम के रखरखाव से संबंधित पूरे कार्यक्रम से अवगत करा दिया गया था।