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Shahjahanpur News: पेंशन बंद होने पर कर्मचारी आंदोलन के लिए हो रहे लामबंद

Sun, 16 Nov 2025 11:14 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 11:14 PM IST
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Employees are mobilizing for agitation due to pension stoppage.
एसके सिंह।
शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषद में पेंशन बंद किए जाने से सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों व कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारी आंदोलन के लिए लामबंद हो रहे हैं। सरकार से हस्तक्षेप करते हुए पेंशन बंद करने के निर्णय को न्यायालय में भी चुनौती देने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। कर्मचारी आपस में चंदा करके सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। हाईकोर्ट से भी स्टे लेने की बात की जा रही है।
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प्रदेश के 10 गन्ना अनुसंधान केंद्र समेत गन्ना शोध परिषद के 400 से अधिक सेवानिवृत्त वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की दिसंबर 2025 से पेंशन बंद किए जाने का आदेश तीन दिन पहले जारी किया गया। इसके बाद से कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि जब वे लोग नौकरी में आए थे। तब राज्य कर्मचारी पेंशन आदि सभी सुविधाएं मिलने की बात कही गई थी।
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सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों का पेंशन से ही गुजारा चलता था। बिना किसी आदेश के पेंशन बंद किए जाने से सभी के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने एकजुट होकर सुप्रीमकोर्ट में जाने का निर्णय किया है। इसके साथ सभी गन्ना शोध परिषद के निदेशक के विरुद्ध आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं।
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सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बात
वर्ष 2019 में अकारण कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई। वर्ष 2020 में 40 फीसदी पेंशन देना शुरू की गई। इसको लेकर कर्मचारियों ने हाईकोर्ट की शरण ली। फैसला सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पक्ष में आया। इसके बाद भी प्रभारी निदेशक ने अचानक पेंशन बंद करने का फरमान जारी कर दिया।
- एसके सिंह
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पेंशन बंद करने के विरोध में सुप्रीमकोर्ट जाएंगे। इसके लिए सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी एकजुट हो रहे हैं। सभी लोग सुप्रीमकोर्ट का खर्च वहन करने के लिए धनराशि एकत्र कर रहे हैं। प्रभारी निदेशक की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभारी निदेशक को आदेश जारी करने का कोई अधिकार नहीं है।
- सुरेश कुमार मिश्र
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हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि कर्मचारियों को पूरी पेंशन दी जाए। इस विषय में गन्ना मंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने भी आश्वासन दिया था कि इस प्रकरण में कर्मचारियों के विषय में निर्णय किया जाएगा। इसके बाद भी पेंशन बंद कर दी गई।
- पवन सिंह
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गन्ना शोध परिषद के कर्मचारियों को राजकीय कर्मचारियों की तरह पेंशन देय है। हाईकोर्ट ने भी कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय दिया था। इसके बाद भी अचानक पेंशन बंद करने का आदेश कर दिया गया। इसके लिए कर्मचारी एकत्र होकर आंदोलन करेंगे।

- बाल गोविंद दीक्षित
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शासन के आदेश पर नियम को लागू किया जाता है। इसको लागू करना किसी भी अधिकारी के हाथ में नहीं होता। जो भी निर्णय किया गया है वह शासन के निर्देश पर लिया गया है।
- वीके शुक्ल, निदेशक गन्ना शोध परिषद

एसके सिंह।

एसके सिंह।

एसके सिंह।

एसके सिंह।

एसके सिंह।

एसके सिंह।

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