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Shahjahanpur News: गर्मी का असर... राजकीय मेडिकल कॉलेज में दोगुनी हुई त्वचा रोगियों की संख्या
Tue, 20 May 2025 01:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 20 May 2025 01:14 AM IST
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डाॅ. ऊषा चंद्रा, असिस्टेंट प्रोफेसर स्किन विभाग, राजकीय मेडिकल कॉलेज। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। गर्मी के कारण राजकीय मेडिकल कॉलेज में त्वचा रोगियों की संख्या पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई है। एलर्जी, दाद-खाज-खुजली व लाल दानें निकलने की समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। पसीने से फंगल इंफेक्शन के मामले भी बढ़े हैं।
मेडिकल काॅलेज में अप्रैल तक रोजाना 150 मरीज ऐसी समस्या लेकर पहुंच रहे थे। अब रोजाना लगभग 250-300 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। त्वचा रोग कक्ष में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती। वहीं, गर्मी के चलते अन्य बीमारियों के भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ओपीडी में रोजा 14-15 सौ पर्चे बन रहे हैं। स्किन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. ऊषा चंद्रा ने बताया कि तेज धूप में खासकर दोपहर में बाहर जाने से बचने की जरूरत है। इस वजह से एलर्जी हो सकती है। यदि कमरा हवादार नहीं है और तेज गर्मी की वजह से पसीना आ रहा है तो भी ये रोग हो सकता है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की संख्या अधिक हैं।
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ये बरतें सावधानी
डॉ. ऊषा चंद्रा ने बताया कि इस मौसम में पानी ज्यादा पीयें। धूप व गर्मी से बचाव करें और सूती व ढीले कपड़े पहनें। नहाने के बाद शरीर को अच्छे से पोछें। दिक्कत होने पर डाॅक्टर की सलाह से मेडिकेटिड क्रीम या लोशन का इस्तेमाल करें। डाॅक्टर द्वारा सुझाए गए ट्रीटमेंट का कोर्स पूरा करें। अपना तौलिया या कपड़ों को साझा न करें, क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है। हर दिन मोजे बदलें या फिर खुले मुंह वाली चप्पल पहनें, ताकि पैरों में होने वाले फंगल इंफेक्शन से बचा जा सके। विटामिन सी युक्त भोजन व फलों का सेवन करें।
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मेडिकल काॅलेज में अप्रैल तक रोजाना 150 मरीज ऐसी समस्या लेकर पहुंच रहे थे। अब रोजाना लगभग 250-300 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। त्वचा रोग कक्ष में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती। वहीं, गर्मी के चलते अन्य बीमारियों के भी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ओपीडी में रोजा 14-15 सौ पर्चे बन रहे हैं। स्किन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. ऊषा चंद्रा ने बताया कि तेज धूप में खासकर दोपहर में बाहर जाने से बचने की जरूरत है। इस वजह से एलर्जी हो सकती है। यदि कमरा हवादार नहीं है और तेज गर्मी की वजह से पसीना आ रहा है तो भी ये रोग हो सकता है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों की संख्या अधिक हैं।
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ये बरतें सावधानी
डॉ. ऊषा चंद्रा ने बताया कि इस मौसम में पानी ज्यादा पीयें। धूप व गर्मी से बचाव करें और सूती व ढीले कपड़े पहनें। नहाने के बाद शरीर को अच्छे से पोछें। दिक्कत होने पर डाॅक्टर की सलाह से मेडिकेटिड क्रीम या लोशन का इस्तेमाल करें। डाॅक्टर द्वारा सुझाए गए ट्रीटमेंट का कोर्स पूरा करें। अपना तौलिया या कपड़ों को साझा न करें, क्योंकि इससे संक्रमण फैल सकता है। हर दिन मोजे बदलें या फिर खुले मुंह वाली चप्पल पहनें, ताकि पैरों में होने वाले फंगल इंफेक्शन से बचा जा सके। विटामिन सी युक्त भोजन व फलों का सेवन करें।
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