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रासायनिक कीटनाशक प्रकृति को खतरनाक
शाहजहांपुर
Updated Wed, 10 Dec 2014 07:20 PM IST
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जीएफ कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत सेमिनार का आयोजन हुआ। एकीकृत कीट प्रबंधन विषयक सेमिनार में विभागाध्यक्ष डॉ. जमील अहमद ने कहा कि यह सच है कि रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से कीटों का रैपिड कंट्रोल हो जाता है, लेकिन इस प्रकार के कीटनाशक प्रकृति के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं।
डॉ. अहमद ने कहा कि असुरक्षित खाद्य सामग्री मानव समाज को रोगग्रस्त कर रही है, जो समाजहित में नहीं है। डॉ. फरोग खुमार ने कहा कि विश्व को कुपोषणयुक्त बनाने के लिए पौष्टिक आहार आवश्यक है, इस उद्देश्य को एकीकृत कीट प्रबंधन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। रासायनिक कीटनाशक खाद्य सुरक्षा में वाधक हैं। संयोजक डॉ. शिव प्रताप सिंह ने कहा कि भारत में कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग ने खाद्य सुरक्षा की समस्या पैदा कर दी है। इस समस्या का समाधान एकीकृत कीट प्रबंधन से ही संभव है।
इस मौके पर एमएससी की रुचि, साइका, सानिया, सारा, आरिफ, सोनम, अनुराधा, गुलनाज, बुशरा आदि ने भी विचार रखे। प्रवक्ता फिजा खान के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. अरीब अंजुम रहमान ने आभार जताया। आयोजन में शबीना परवीन, साजिद, शिवांगी, सुरभि, योगेश, मनीषा आदि का योगदान रहा।
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डॉ. अहमद ने कहा कि असुरक्षित खाद्य सामग्री मानव समाज को रोगग्रस्त कर रही है, जो समाजहित में नहीं है। डॉ. फरोग खुमार ने कहा कि विश्व को कुपोषणयुक्त बनाने के लिए पौष्टिक आहार आवश्यक है, इस उद्देश्य को एकीकृत कीट प्रबंधन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। रासायनिक कीटनाशक खाद्य सुरक्षा में वाधक हैं। संयोजक डॉ. शिव प्रताप सिंह ने कहा कि भारत में कीटनाशकों के बढ़ते प्रयोग ने खाद्य सुरक्षा की समस्या पैदा कर दी है। इस समस्या का समाधान एकीकृत कीट प्रबंधन से ही संभव है।
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इस मौके पर एमएससी की रुचि, साइका, सानिया, सारा, आरिफ, सोनम, अनुराधा, गुलनाज, बुशरा आदि ने भी विचार रखे। प्रवक्ता फिजा खान के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. अरीब अंजुम रहमान ने आभार जताया। आयोजन में शबीना परवीन, साजिद, शिवांगी, सुरभि, योगेश, मनीषा आदि का योगदान रहा।
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