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विदेशी पर्यटकों को सम्मान की गारंटी दे सरकार
शाहजहांपुर।
Updated Sun, 31 Jan 2016 01:16 AM IST
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स्वामी शुकदेवानंद पीजी कॉलेज में दो दिवसीय पर्यटन व्यवसायवाद एवं मानवीय प्रसन्नता चुनौतियां एवं अवसर विषयक पर आठवां अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार शुरू हुआ। इसमें मुख्य अतिथि दिल्ली स्कूल ऑफ इक्नॉमिक्स के प्रो. बीपी सिंह ने कहा कि भारत एक बहु-विविधतापूर्ण संस्कृति का देश है। संस्कृति ही हमारे पर्यटन का आधार बन सकती है। सरकार को चाहिए कि वह विदेशी पर्यटकों के मान-सम्मान की पूरी गारंटी उपलब्ध कराए।
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स्वामी शुकदेवानंद स्मृति सभागार में प्रो0 सिंह ने कहा कि भारत बुद्ध, जैन, हिंदू, सिख सहित अनेक धर्मों की भूमि है। दुनिया को यहां सीखने और समझने के लिये बहुत कुछ है। अपनी सांस्कृतिक बहुलता से हम पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं, परंतु इसके लिये हमे भारत की अच्छी छवि दुनिया के सामने रखनी होगी। जब तक हम अपनी खूबियों और विषेषताओं को पर्यटन बाजार के सामने नहीं रख पायेगें तब तक पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना संभव नहीं होगा। भारत तीव्रता के साथ बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। यदि हम अपने देश की विविध विचारधाराओं में सामंजस्य नहीं बिठा पायेगें तो हमारे देश का भविष्य उज्जवल नहीं होगा।
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सेमिनार की अध्यक्षता करते हुये पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि प्रसन्नता की बात में मानव जीवन के सब आयाम सिमट जाते हैं। मानव जीवन सुख की तलाश है। धन सुख नहीं, सुख का साधन हो सकता है। सच्चा सुख प्रवृत्ति में नहीं निवृत्ति में है। भोग और संयोग से बेहतर योग है, यह बात हमे समझनी होगी। मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. जेएन मिश्र ने कहा कि वाणिज्यवाद और भौतिकवाद के बीच मानव सुख बहुत कठिन दिखाई दे रहा है। मानव के जीवन में हर्ष और विषाद है। मानव प्रसन्नता की बात इंद्रिय सुख से जोड़ लेता है, परंतु इंद्रिय सुख से प्राप्त भौतिक सुख से मानवीय सुख बड़ा है।
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इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि भारतीय पर्यटन संस्थान ग्वालियर के निदेशक प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ, इंडोनेशिया के डॉ. कमालुद्दीन, ईरान के माजिर मो. याहिया आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ. अवनीश मिश्र ने स्वागत भाषण, आयोजन सचिव डॉ. अनुराग अग्रवाल ने अतिथियों का परिचय दिया। संगीत विभाग की छात्राओं ने डॉ. प्रतिभा सक्सेना के नेतृत्व में मां शारदे की वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत और संस्कृत महाविद्यालय के नीरज दीक्षित ने मंगलाचरण किया। डॉ. अभिजीत मिश्र के संचालन में हुए कार्यक्रम में प्रबंध समिति के सचिव रामचंद्र सिंघल ने आभार व्यक्त किया।