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Shahjahanpur News: बगैर समुचित प्रक्रिया के हटा दी थी ई-स्मार्ट कंपनी, फिर दे दिया ठेका

Thu, 06 Nov 2025 12:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Nov 2025 12:07 AM IST
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E-Smart Company was removed without proper procedure, then given the contract again
शाहजहांपुर। नगर निगम एक महीने भी स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को नहीं देख पाया। पार्षदों के विरोध पर बगैर समुचित प्रक्रिया के हटाई गई ई-स्मार्ट कंपनी को फिर से स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी दे दी गई है। ऐसे में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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ई-स्मार्ट कंपनी की सर्विस ठीक नहीं होने पर पार्षदों ने पहले विरोध किया। एक माह के अंदर ही कुछ पार्षद कंपनी को ठीक बताने लगे। इस पर नगर निगम के अधिकारियों ने ई-स्मार्ट कंपनी का टेंडर फिर से बहाल कर दिया है। अब ई-स्मार्ट कंपनी ही शहर की प्रकाश व्यवस्था देखेगी।
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नगर निगम की ओर से ई-स्मार्ट कंपनी को 2018 में शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी को देखरेख के एवज में नगर निगम की ओर से 38 लाख रुपये का भुगतान मासिक किया जाता था। इतनी भारी भरकम राशि होने के बाद भी कंपनी ने नाममात्र के कर्मचारियों को स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की देखरेख के लिए लगा रखा था।
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नगर निगम में स्ट्रीट लाइट खराब होने की काफी शिकायत आ रहीं थीं। पार्षद ई-स्मार्ट कंपनी के विरोध में लामबंद हो गए थे। बोर्ड की बैठक में 38 पार्षदों ने लिखकर कंपनी को हटाने की मांग की थी। विरोध के चलते करीब एक माह पहले नगर निगम के अधिकारियों ने कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया था।

शहर की प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम ने अपने ऊपर ले ली थी। अचानक 25 अक्तूबर को बोर्ड की बैठक में अनुबंध पर विचार हुआ था। 40 पार्षदों ने पत्र सौंपते हुए कहा था कि कंपनी को सुधार का मौका दिया जाए। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों ने फिर से ई-स्मार्ट कंपनी का टेंडर बहाल कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि कंपनी को हटाने की प्रक्रिया जल्दबाजी में की गई। उसे नोटिस नहीं दिए गए। इस वजह से दोबारा कंपनी को मौका दिया गया है।

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कार्यकारिणी और बोर्ड की बैठक में निर्णय हुआ है कि ई-स्मार्ट कंपनी को हटाने की प्रक्रिया गलत थी। इसके बाद कंपनी के अनुबंध को बहाल कर दिया गया है।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त
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