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Shahjahanpur News: सीएचसी गेट के पास ई-रिक्शे व ठेले वालों का कब्जा, मरीज परेशान
Thu, 08 May 2025 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 08 May 2025 01:09 AM IST
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तिलहर सीएचसी के सामने खड़े ई-रिक्शे। संवाद
- फोटो : mathura
तिलहर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार के सामने फुटपाथ पर ई-रिक्शा व फलों के ठेलों की भरमार से गंभीर मरीज लेकर आने वाले एंबुलेंस चालक और तीमारदार खासे परेशान हैं। अस्पताल के गेट पर अतिक्रमण करने वालों से ई-रिक्शे और ठेले हटाने को कहने पर वे झगड़े पर आमादा हो जाते हैं।
अस्पताल के गेट पर तमाम ई-रिक्शा और ठेले वाले सुबह आठ बजे से डेरा जमा लेते हैं। दोपहर तक उनकी इतनी संख्या हो जाती है कि सीएचसी गेट के सामने सड़क के दोनों फुटपाथ अतिक्रमण से घिर जाते हैं। ऐसे में अगर कोई तीमारदार अथवा एंबुलेंस चालक किसी गंभीर मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, तो उन्हें अपना वाहन खड़ा करने के लिए भी जगह नहीं मिलती। यही नहीं, मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर बाहर से अस्पताल के अंदर ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
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लोग बोले- अतिक्रमण हटवाना जरूरी -एंबुलेंस चालक प्रदीप कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि ऐसा एक नहीं कई बार हो चुका है, जब किसी गंभीर मरीज को लेकर आने पर ई-रिक्शा और ठेले वाले मुख्य द्वार से हटने के लिए तैयार नहीं होते। उल्टे विवाद और हाथापाई करने पर आमादा हो जाते हैं। अस्पताल के सामने अतिक्रमण हटना जरूरी है। बहादुरगंज के बलराम कश्यप ने बताया कि मंगलवार को सुबह पड़ोसी विजय को इलाज के सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां गेट से पहले ई-रिक्शा और ठेले हटवाए और उसके बाद मरीज को लेकर इमरजेंसी वार्ड में दाखिल हो सके। मोहल्ला हिंदू पट्टी के सुरेश शर्मा ने बताया कि हाईवे पर ढाबा के सामने हुए हादसे में घायल युवक को मंगलवार दोपहर गंभीर हालत में सीएचसी पर लेकर पहुंचे तो वहां का गेट अतिक्रमण से घिरा मिला। काफी विवाद के बाद ई-रिक्शा और ठेले हट सके।
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सीएचसी गेट के आगे फुटपाथ पर लगे ठेलाें और ई रिक्शों को कई बार हटाया जा चुका है। अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम और नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी से कई बार कहा जा चुका है। पुलिस थोड़ी सख्ती करे तो समस्या का समाधान हो सकता है।
-डॉ. ओमेंद्र राठौर, प्रभारी अधीक्षक, सीएचसी तिलहर
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अस्पताल के गेट पर तमाम ई-रिक्शा और ठेले वाले सुबह आठ बजे से डेरा जमा लेते हैं। दोपहर तक उनकी इतनी संख्या हो जाती है कि सीएचसी गेट के सामने सड़क के दोनों फुटपाथ अतिक्रमण से घिर जाते हैं। ऐसे में अगर कोई तीमारदार अथवा एंबुलेंस चालक किसी गंभीर मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, तो उन्हें अपना वाहन खड़ा करने के लिए भी जगह नहीं मिलती। यही नहीं, मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर बाहर से अस्पताल के अंदर ले जाना भी मुश्किल हो जाता है।
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लोग बोले- अतिक्रमण हटवाना जरूरी -एंबुलेंस चालक प्रदीप कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि ऐसा एक नहीं कई बार हो चुका है, जब किसी गंभीर मरीज को लेकर आने पर ई-रिक्शा और ठेले वाले मुख्य द्वार से हटने के लिए तैयार नहीं होते। उल्टे विवाद और हाथापाई करने पर आमादा हो जाते हैं। अस्पताल के सामने अतिक्रमण हटना जरूरी है। बहादुरगंज के बलराम कश्यप ने बताया कि मंगलवार को सुबह पड़ोसी विजय को इलाज के सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां गेट से पहले ई-रिक्शा और ठेले हटवाए और उसके बाद मरीज को लेकर इमरजेंसी वार्ड में दाखिल हो सके। मोहल्ला हिंदू पट्टी के सुरेश शर्मा ने बताया कि हाईवे पर ढाबा के सामने हुए हादसे में घायल युवक को मंगलवार दोपहर गंभीर हालत में सीएचसी पर लेकर पहुंचे तो वहां का गेट अतिक्रमण से घिरा मिला। काफी विवाद के बाद ई-रिक्शा और ठेले हट सके।
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सीएचसी गेट के आगे फुटपाथ पर लगे ठेलाें और ई रिक्शों को कई बार हटाया जा चुका है। अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम और नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी से कई बार कहा जा चुका है। पुलिस थोड़ी सख्ती करे तो समस्या का समाधान हो सकता है।
-डॉ. ओमेंद्र राठौर, प्रभारी अधीक्षक, सीएचसी तिलहर