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Shahjahanpur News: फिर बजबजाने लगे नाले... थोड़ी सी बारिश से हो जाता है जलभराव
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बहादुरगंज के पास से निकलने वाला नाला कूड़े से हुआ चोक। संवाद
- फोटो : mathura
शाहजहांपुर। नालों-नालियों की सफाई पर नगर निगम ने एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए। दावा किया गया कि बारिश में जलभराव की स्थिति नहीं होगी। लेकिन स्थिति इसके उलट रही, हर बार बारिश होने पर सड़कों से लेकर गलियों तक जलभराव हो जाता है। नाले फिर से कूड़े से बजबजाने लगे हैं। एक बार सफाई कराने के बाद नगर निगम ने नालों की सफाई से पल्ला झाड़ लिया है।
नगर निगम हर वर्ष बारिश से पहले नालों की सफाई में मोटा बजट खर्च करता है। इस सीजन में भी नालों और नालियों की सफाई पर एक करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया गया। बारिश से पहले सफाई कार्य पूरा होने के बाद दावा किया गया कि सभी नालों और नालियों की तलीझाड़ सफाई करा दी गई है। इसके बाद जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
लेकिन पहली बारिश में ही हुए जलभराव ने नगर निगम की पोल खोल दी। इसके बाद हुई बारिश से लगातार शहर की सड़कों से लेकर गलियों तक जलभराव की स्थिति बनी रही। हालात यह हो गए कि थोड़ी-सी बारिश होने पर जलभराव होने पर गलियों से लेकर घरों तक पानी घुस जाता है। नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है।
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शहर में नालों की संख्या
- 26 बड़े नाले
- 155 छोटे नाले
-- नालों की सफाई में एक करोड़ से अधिक हुए खर्च
नगर निगम ने शहर में 26 बड़े नालों की सफाई के लिए 65 लाख रुपये में टेंडर किया था। 155 छोटे नालों की सफाई में 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लगाया गया। प्रत्येक कर्मचारी का एक दिन का मानदेय 412 रुपये तय किया गया। इस आधार पर छोटे नालों की सफाई पर 37 लाख 79 हजार रुपये खर्च किए गए। करीब एक करोड़ दो लाख रुपये नालों की सफाई पर खर्च किए गए।
-- कूड़े से ठसाठस भरे नाले हुए चोक
बहादुरगंज क्षेत्र में बस्ती के बीच से नाला गुजरता है। यह नाला कूड़े-कचरे की वजह से चोक हो गया है। आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को दुर्गंध की वजह से काफी दिक्कत होती है। मक्कू बजरिया से गुजरने वाले नाला भी कूड़े और कचरे से ठसाठस है। पास में धार्मिक स्थल भी है। इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है। अंटा चौराहा हयातपुरा रोड पर कूड़े की वजह से नाला चोक हो गया है। झंडा मोहल्ला से गुजरने वाला नाला भी कचरे से भरा हुआ है। शहर के अधिकतर नालों के यहीं हालत है।
-- नालों की सफाई व्यवस्था के लिए लगातार सफाई कर्मचारियों को लगाया जाता है। सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी नालों की सफाई कराए, जिससे जलभराव की स्थिति की समस्या का समाधान हो सके।
- डॉ. मनोज कुमार मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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नगर निगम हर वर्ष बारिश से पहले नालों की सफाई में मोटा बजट खर्च करता है। इस सीजन में भी नालों और नालियों की सफाई पर एक करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया गया। बारिश से पहले सफाई कार्य पूरा होने के बाद दावा किया गया कि सभी नालों और नालियों की तलीझाड़ सफाई करा दी गई है। इसके बाद जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
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लेकिन पहली बारिश में ही हुए जलभराव ने नगर निगम की पोल खोल दी। इसके बाद हुई बारिश से लगातार शहर की सड़कों से लेकर गलियों तक जलभराव की स्थिति बनी रही। हालात यह हो गए कि थोड़ी-सी बारिश होने पर जलभराव होने पर गलियों से लेकर घरों तक पानी घुस जाता है। नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी के चलते लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है।
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शहर में नालों की संख्या
- 26 बड़े नाले
- 155 छोटे नाले
नगर निगम ने शहर में 26 बड़े नालों की सफाई के लिए 65 लाख रुपये में टेंडर किया था। 155 छोटे नालों की सफाई में 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लगाया गया। प्रत्येक कर्मचारी का एक दिन का मानदेय 412 रुपये तय किया गया। इस आधार पर छोटे नालों की सफाई पर 37 लाख 79 हजार रुपये खर्च किए गए। करीब एक करोड़ दो लाख रुपये नालों की सफाई पर खर्च किए गए।
बहादुरगंज क्षेत्र में बस्ती के बीच से नाला गुजरता है। यह नाला कूड़े-कचरे की वजह से चोक हो गया है। आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को दुर्गंध की वजह से काफी दिक्कत होती है। मक्कू बजरिया से गुजरने वाले नाला भी कूड़े और कचरे से ठसाठस है। पास में धार्मिक स्थल भी है। इससे श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है। अंटा चौराहा हयातपुरा रोड पर कूड़े की वजह से नाला चोक हो गया है। झंडा मोहल्ला से गुजरने वाला नाला भी कचरे से भरा हुआ है। शहर के अधिकतर नालों के यहीं हालत है।
- डॉ. मनोज कुमार मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

बहादुरगंज के पास से निकलने वाला नाला कूड़े से हुआ चोक। संवाद- फोटो : mathura