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इंद्रानगर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का काम शुरू

Wed, 23 Sep 2020 01:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 01:09 AM IST
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Door-to-door garbage collection begins in Indranagar
शाहजहांपुर। नगर निगम की ओर से शहर की इंद्रानगर कॉलोनी में कूड़ा कलेक्शन का काम शुरू कर दिया गया। गीले कूड़े से मोहल्ले में ही कंपोस्टर के जरिये खाद बनाई जाएगी, जिसका मंगलवार को नगर आयुक्त ने उद्घाटन किया। सूखा कूड़ा रिसाइकल करके अन्य कार्यों में उपयोग करने की योजना है।
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कॉलोनी में शिव मंदिर के सामने आयोजित कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त एसके सिंह ने कहा कि नगर निगम की ओर से मेरा कूड़ा-मेरी जिम्मेदारी धारणा पर सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और कम्युनिटी-कंपोस्टर लगाने की योजना पर काम शुरू किया है। इसकी शुरूआत इंद्रानगर कॉलोनी से की गई है। सहायक नगर आयुक्त रश्मि भारती ने कूड़ा प्रबंधन के लिए नगर निगम की योजना के विषय में जानकारी दी। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन वाली ठेली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कॉलोनी के लोगों ने घरों से निकलकर गीला व सूखा कूड़ा संग्रहकर्ता को उपलब्ध करवाया। इस मौके पर परियोजना निदेशक एसआरसी अखिलेश गौतम, नगरीय समन्वयक शुभम मिश्रा, वरदान मेहरोत्रा, विशाल प्रताप, पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वच्छता समिति के अध्यक्ष सुनील दुबे, सचिव उदयवीर सिंह, गौरव सक्सेना, गार्गी गुप्ता, हिमांशु प्रताप सिंह, अनंगपाल सिंह, कृष्ण कुमार सक्सेना, लालाराम आदि मौजूद रहे।
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कंपोस्टर में 45 से 50 दिनों में प्राकृतिक तरीके से तैयार होगी खाद
कंपोस्टर में 45 से 50 दिनों में प्राकृतिक तरीके से तैयार होगी खाद- कंपोस्टर में खाद दो तरह से पहली ठोस और दूसरी तरल खाद तैयार होती है। गर्मियों में कूड़े से खाद बनने में 45 से 50 दिन लगता है। यह खाद गीला कूड़े से तैयार की जाती है। इस कूड़े से महक न आए इसके लिए सूखी पत्ती, लकड़ी का बुरादा डालना पड़ता है। सर्दियों में खाद तैयार होने में 60 से 65 दिन लग जाता है। कंपोस्टर को इंजीनियरों द्वारा इस तरह से बनाया गया है, जिसमें बिजली और मानव शक्ति नहीं लगती है। खाद को तैयार करने के लिए कूड़ा संग्रह सफाई कर्मी द्वारा किया जाएगा। गीले कूड़े से जहां खाद बनेगी वहीं सूखा कूड़ा मैटेरियल रिकवरी सेंटर (एमआरएस) पर चला जाएगा। जोकि ककरा में बन रहा है। प्राथमिकता के आधार एक एमआरएस कचहरी ओवरब्रिज के नीचे बनवाए जाने की योजना है।
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