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सेहत के लिए भरपूर नींद जरूरी, मोबाइल से दूर रहें
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शाहजहांपुर के डॉन एंड डोना स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को संबोजित कर?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। झंडाकलां स्थित द मसूरी इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को छात्राओं को सेहत दुरुस्त रखने और पढ़ाई पर फोकस करने के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि राजकीय मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूजा त्रिपाठी ने छात्राओं को भरपूर नींद लेने और मोबाइल से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में करीब 90 छात्राएं मौजूद रहीं।
अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान ‘अपराजिता-100 मिलियन इस्माइल्स’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में डॉ. पूजा त्रिपाठी ने कहा कि एक वर्ष में पांच से सात बार प्रत्येक बच्चा संक्रमण की चपेट में आता है। बुखार-जुकाम और खांसी जैसे संक्रमण होने से बच्चों का स्कूल छूट जाता है, अभिभावकों को जॉब से छुट्टी लेनी पड़ती है। उसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं से भरपूर नींद लेने पर जोर दिया।
कहा कि पहले बच्चे आठ से नौ बजे सो जाते थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद 11 से 12 बजे के बाद ही बच्चों में सोने की आदत पड़ गई। इस बीच बच्चों को टीवी देखने और मोबाइल देखने की लत लग गई। इससे कई नुकसान हो रहे हैं। उनकी आंखों में फर्क पड़ने के साथ याददाश्त पर भी असर हो रहा। वे अपनी पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर चीज को गूगल पर सर्च करने की आदत बच्चों में पड़ गई है।
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वे अपने दिमाग पर जोर डालने से बचते हैं। इसलिए, मोबाइल देखने के लिए समय निर्धारित करें। जब कुछ पढ़ा है तो उसे याद करने के लिए दिमाग पर जोर दें। उन्होंने भारी-भरकम खाने से परहेज करने पर जोर देते हुए डायट में प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की अपील की। कहा कि सब्जी, दाल और फल का अधिक सेवन करें, जिससे आप स्वस्थ रहेंगे। काजल शुक्ला के संचालन में हुए कार्यक्रम में निदेशक आरडी अग्रवाल, प्रधानाचार्य एके तिवारी, सुबोध शुक्ला, भावना वाजपेयी, शरन त्रिपाठी, सुजाता गुप्ता आदि मौजूद रहे।
नींद लेना बेहद जरूरी
-वर्तमान समय में अधिकतर बच्चे देर से सोते हैं। इसके चलते काफी ज्यादा सेहत पर फर्क पड़ता है। नींद पूरी लेना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं करने से शरीर में कई समस्या पैदा हो जाती है। -हिरा सुहेल
बातों पर अमल करेंगे
-शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाने-पीने पर ध्यान देने की जरूरत है। फल, सब्जी का सेवन करने से ही शरीर तंदुरुस्त रहेगा। अन्य चीजों के खाने से शरीर को काफी ज्यादा नुकसान होता है। -अवनी मिश्रा
जंक फूड नहीं खाएंगे
-जंक फूड खाने से डॉक्टर भी मना करते हैं। जंक फूड खाने से मोटापा समेत कई तरह की बीमारियां होती हैं। जंक फूड के नुकसान को देखते हुए अब बिल्कुल से इसके सेवन पर पाबंदी लगाएंगे। -सिदरा
मोबाइल का समय तय हो
-हर हाथ में मोबाइल होने के कारण इसकी लत लग गई। जरा-जरा देर के बाद लोग मोबाइल को चेक करते रहते हैं। लगातार मोबाइल देखने की वजह से हमारी आंखों पर काफी ज्यादा फर्क पड़ता है। -शीतल
संक्रमण से बचना जरूरी
-प्रत्येक व्यक्ति को संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतना चाहिए। मामूली-सी असावधानी के कारण शरीर को संक्रमण घेरने में देर नहीं करता है। गर्मी में बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। -सिमरनजीत कौर
गूगल से अच्छा किताबी ज्ञान
-लोग पूरी तरह से गूगल पर निर्भर हो गए। खासकर छात्र-छात्राएं अपनी याददाश्त पर जोर डालना नहीं चाहते हैं। जब कुछ पढ़ा है तो उसे याद करने की कोशिश की जाए। किताबी ज्ञान से काफी ज्यादा फायदे होते हैं। अनशी
सफाई पर ध्यान देेंगे
-बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई पर सबसे ज्यादा फोकस करना चाहिए। विभिन्न तरह के रोगों की जानकारी छात्राओं को दी गई। सबसे प्रमुख बात साफ-सफाई की है। -आसिया
कोल्ड ड्रिंक से दूर रहेंगे
-आमतौर पर छात्राओं को सबसे ज्यादा कोल्ड ड्रिंक पसंद होती है। वे नींबू पानी, छाछ आदि पीने से परहेज करती हैं जबकि ये स्वास्थ्यवर्धक हैं। सभी को इसका सेवन करना चाहिए। -अक्षता सक्सेना
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अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान ‘अपराजिता-100 मिलियन इस्माइल्स’ के तहत आयोजित कार्यक्रम में डॉ. पूजा त्रिपाठी ने कहा कि एक वर्ष में पांच से सात बार प्रत्येक बच्चा संक्रमण की चपेट में आता है। बुखार-जुकाम और खांसी जैसे संक्रमण होने से बच्चों का स्कूल छूट जाता है, अभिभावकों को जॉब से छुट्टी लेनी पड़ती है। उसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने छात्राओं से भरपूर नींद लेने पर जोर दिया।
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कहा कि पहले बच्चे आठ से नौ बजे सो जाते थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद 11 से 12 बजे के बाद ही बच्चों में सोने की आदत पड़ गई। इस बीच बच्चों को टीवी देखने और मोबाइल देखने की लत लग गई। इससे कई नुकसान हो रहे हैं। उनकी आंखों में फर्क पड़ने के साथ याददाश्त पर भी असर हो रहा। वे अपनी पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हर चीज को गूगल पर सर्च करने की आदत बच्चों में पड़ गई है।
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वे अपने दिमाग पर जोर डालने से बचते हैं। इसलिए, मोबाइल देखने के लिए समय निर्धारित करें। जब कुछ पढ़ा है तो उसे याद करने के लिए दिमाग पर जोर दें। उन्होंने भारी-भरकम खाने से परहेज करने पर जोर देते हुए डायट में प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने की अपील की। कहा कि सब्जी, दाल और फल का अधिक सेवन करें, जिससे आप स्वस्थ रहेंगे। काजल शुक्ला के संचालन में हुए कार्यक्रम में निदेशक आरडी अग्रवाल, प्रधानाचार्य एके तिवारी, सुबोध शुक्ला, भावना वाजपेयी, शरन त्रिपाठी, सुजाता गुप्ता आदि मौजूद रहे।
नींद लेना बेहद जरूरी
-वर्तमान समय में अधिकतर बच्चे देर से सोते हैं। इसके चलते काफी ज्यादा सेहत पर फर्क पड़ता है। नींद पूरी लेना बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं करने से शरीर में कई समस्या पैदा हो जाती है। -हिरा सुहेल
बातों पर अमल करेंगे
-शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाने-पीने पर ध्यान देने की जरूरत है। फल, सब्जी का सेवन करने से ही शरीर तंदुरुस्त रहेगा। अन्य चीजों के खाने से शरीर को काफी ज्यादा नुकसान होता है। -अवनी मिश्रा
जंक फूड नहीं खाएंगे
-जंक फूड खाने से डॉक्टर भी मना करते हैं। जंक फूड खाने से मोटापा समेत कई तरह की बीमारियां होती हैं। जंक फूड के नुकसान को देखते हुए अब बिल्कुल से इसके सेवन पर पाबंदी लगाएंगे। -सिदरा
मोबाइल का समय तय हो
-हर हाथ में मोबाइल होने के कारण इसकी लत लग गई। जरा-जरा देर के बाद लोग मोबाइल को चेक करते रहते हैं। लगातार मोबाइल देखने की वजह से हमारी आंखों पर काफी ज्यादा फर्क पड़ता है। -शीतल
संक्रमण से बचना जरूरी
-प्रत्येक व्यक्ति को संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतना चाहिए। मामूली-सी असावधानी के कारण शरीर को संक्रमण घेरने में देर नहीं करता है। गर्मी में बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। -सिमरनजीत कौर
गूगल से अच्छा किताबी ज्ञान
-लोग पूरी तरह से गूगल पर निर्भर हो गए। खासकर छात्र-छात्राएं अपनी याददाश्त पर जोर डालना नहीं चाहते हैं। जब कुछ पढ़ा है तो उसे याद करने की कोशिश की जाए। किताबी ज्ञान से काफी ज्यादा फायदे होते हैं। अनशी
सफाई पर ध्यान देेंगे
-बीमारी से बचने के लिए साफ-सफाई पर सबसे ज्यादा फोकस करना चाहिए। विभिन्न तरह के रोगों की जानकारी छात्राओं को दी गई। सबसे प्रमुख बात साफ-सफाई की है। -आसिया
कोल्ड ड्रिंक से दूर रहेंगे
-आमतौर पर छात्राओं को सबसे ज्यादा कोल्ड ड्रिंक पसंद होती है। वे नींबू पानी, छाछ आदि पीने से परहेज करती हैं जबकि ये स्वास्थ्यवर्धक हैं। सभी को इसका सेवन करना चाहिए। -अक्षता सक्सेना

डॉन एंड डोना स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में उपस्थित छात्राएं । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR