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Shahjahanpur News: जल्द ही अस्थायी शेल्टर होम में रखे जाएंगे कुत्ते

Tue, 26 May 2026 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 12:48 AM IST
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Dogs will soon be housed in temporary shelter homes.
मोहल्ला ककरा में स्वालिया के गमजदा परिजन। संवाद
शाहजहांपुर। घरों में पाले जाने वाले कुत्तों को नगर निगम में पंजीकृत कराना होता है लेकिन जागरूकता के अभाव में लोग ऐसा नहीं करते हैं। नगर निगम में लगभग आधे पालतू कुत्ते ही पंजीकृत हैं। वहीं, अस्थायी तौर पर शेल्टर होम बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। संभावना है कि ककराकलां में इसको बनाया जाएगा। इसमें लावारिस कुत्तों को पकड़कर रखा जाएगा। जल्द ही इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए है कि सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पतालों, स्कूलों के आसपास लावारिस कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए। नगर निगम की ओर से काफी दिनों से जमीन की तलाश की जा रही है। रविवार को ककराकलां में कुत्तों के झुंड ने 11 वर्षीय मासूम स्वालिया को नोच डाला था। इससे उसकी मौत हो गई थी।
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इस दर्दनाक घटना के बाद वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने निर्देश जारी किए कि जब तक स्थायी शेल्टर होम नहीं बन पा रहा है, तब तक अस्थायी शेल्टर होम का निर्माण कराया जाए। इसके लिए नगर निगम के अधिकारी जमीन चिह्नित कर रहे हैं। निगम के लोगों के मुताबिक ककराकलां में नगर निगम की काफी जमीन है। वहां पर ही शेल्टर होम बनने की संभावना है।
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नगर निगम में कुत्तों की स्थिति
- 10000 हजार लावारिस कुत्ते
- 5000 हजार पालतु कुत्ते
- 3000 हजार नगर निगम में पंजीकृत
- 3100 कुत्तों की हो चुकी नसबंदी
- 20 से 25 कुत्तों की रोजाना होती है नसबंदी
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शेल्टर होम में कुत्ते के रहने के साथ खाने-पीने की होगी व्यवस्था
जो भी लावारिस कुत्ते पकड़े जाएंगे, उनको शेल्टर होम में रखा जाएगा। उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए स्टाफ रखा जाएगा, जो कि कुत्तों की देखभाल करेंगे।
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अस्थायी शेल्टर होम के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। जल्द ही इसका निर्माण कराया जाएगा। कुत्तों की नसबंदी भी तेजी से की जा रही है।
- सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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पुत्री की यादों के सहारे कटी रात, तस्वीर से लिपटकर रोती रही मां

रविवार को हो गई थी कुत्तों के झुंड के हमले में बेटी की मौत, पिता का भी बुरा हालसंवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। शहर के मोहल्ला ककराकलां में 11 वर्षीय स्वालिया की मौत के बाद पिता नईम व मां शबनम की रात बेटी की याद में कटी। मां तस्वीर को सीने से लगाकर रोती रही। आहट होने पर दरवाजे की ओर झांकने लगती। रोते हुए यही कहती कि या अल्लाह मेरी बेटी को लौटा दे। दर्दभरी रात दंपती ने जागकर काटी।
बड़ी ईदगाह से ककरा की ओर जाने वाले मार्ग पर स्लाटर हाउस से कुछ दूरी पर गली में नईम का मकान है। मूलरूप से सिंधौली के चांदापुर के रहने वाले नईम ने करीब 30 साल पहले मकान बनवाया था, लेकिन आर्थिक रूप से तंगी के चलते घर के कमरे में छत तक नहीं डलवा सके। पूरा परिवार टिन के नीचे रहता है।
उनके पास गांव में एक बीघा जमीन है। ऐसे में मेहनत-मजदूरी करने के साथ ही बंटाई पर खेती कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटियां भी जरी-जरदोजी का काम कर सहयोग करती थीं। रविवार को खेत में स्वालिया को कुत्तों के झुंड ने नोंच डाला। रविवार की शाम को असिर की नमाज के बाद स्वालिया के शव को पास के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। बेटी के खोने का मां शबनम और पिता नईम को बहुत दुख हैं। रोते हुए उनकी आंखें लाल हो गई हैं। शबनम अपनी सुध-बुध खो बैठी हैं।
नईम हृदय रोग से पीड़ित हैं। रोने से उनकी आंखें लाल हो गई हैं। वहीं, भाई इकराम भी बहन को कुत्तों से बचाने में गिरकर घायल हो गए थे। उनके भी खरोंच आई थी। सावधानीवश उन्होंने भी रैबीज के इंजेक्शन लगवाए। संवाद


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कुत्तों पर नहीं कसा शिकंजा, घर के पास ही बैठे दिखे

सोमवार को दोपहर में ही कई कुत्ते स्वालिया के घर के नजदीक ही बैठे रहे। लोगों ने उन्हें भगाया, लेकिन फिर आकर बैठ गए। स्वालिया के चचेरे भाई वकार आलम वारसी ने बताया कि इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी अफसरों ने कुत्तों को पकड़ने को कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्थानीय लोगों के साथ नगर निगम का घेराव किया जाएगा।
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