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Shahjahanpur News: आक्रामक होने लगे कुत्ते...शहरी क्षेत्र में रोजाना ही 70 से 80 लोगों को काट रहे
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शाहजहांपुर। लखीमपुर खीरी जिले के थाना मितौली के पियर गंट गांव में कुत्ते ने मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को नोचकर मार डाला। गर्मी और उमस के मौसम का असर भी कुत्तों पर पड़ रहा है। वे आक्रामक होने लगे हैं। शहरी क्षेत्र में रोजाना 70 से 80 लोग कुत्ते और बंदर के काटने पर रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
उमस भरी गर्मी में कुत्ते और बंदर हमलावर होने लगे हैं। इस वजह से एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में रैबीज का इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ लग रही है। डिप्टी सीएमओ डॉ. आसिफ बताते हैं कि उमस भरी गर्मी जानवरों पर भी असर डालती है। बंदर-कुत्ते के काटने पर तत्काल 10-15 मिनट तक नल की धार के नीचे साबुन से धोएं। टिटनेस का टीका लगवाएं। एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवा लें। नमक या मिर्च नहीं लगाएं। घरेलू नुश्खे नुकसान कर सकते हैं।
यह करें
- कुत्ता काटने के बाद साबुन से नल के नीचे दस से 15 मिनट तक घाव को धोएं।
- कुत्ता काटने वाले जख्म पर मिर्च नहीं लगाएं। चिकित्सक को दिखाएं।
- एंटीसेप्टिक मलहम घाव पर लगाएं।
- कुत्तों से बचकर रहें, बच्चों को उनके नजदीक नहीं जाने दें।
- टिटनेस और एआरवी भी लगवाएं।
ये बरतें सावधानी
- विदेशी नस्ल के कुत्तों को धूप में नहीं टहलाएं।
- कुत्तों के लिए पानी का इंतजाम अवश्य करें।
- उनके लिए रेत, पानी व नमी वाले स्थान की व्यवस्था करें।
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उमस भरी गर्मी में कुत्ते और बंदर हमलावर होने लगे हैं। इस वजह से एंटी-रैबीज वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में भी इजाफा हो गया है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में रैबीज का इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ लग रही है। डिप्टी सीएमओ डॉ. आसिफ बताते हैं कि उमस भरी गर्मी जानवरों पर भी असर डालती है। बंदर-कुत्ते के काटने पर तत्काल 10-15 मिनट तक नल की धार के नीचे साबुन से धोएं। टिटनेस का टीका लगवाएं। एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवा लें। नमक या मिर्च नहीं लगाएं। घरेलू नुश्खे नुकसान कर सकते हैं।
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यह करें
- कुत्ता काटने के बाद साबुन से नल के नीचे दस से 15 मिनट तक घाव को धोएं।
- कुत्ता काटने वाले जख्म पर मिर्च नहीं लगाएं। चिकित्सक को दिखाएं।
- एंटीसेप्टिक मलहम घाव पर लगाएं।
- कुत्तों से बचकर रहें, बच्चों को उनके नजदीक नहीं जाने दें।
- टिटनेस और एआरवी भी लगवाएं।
ये बरतें सावधानी
- विदेशी नस्ल के कुत्तों को धूप में नहीं टहलाएं।
- कुत्तों के लिए पानी का इंतजाम अवश्य करें।
- उनके लिए रेत, पानी व नमी वाले स्थान की व्यवस्था करें।