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Shahjahanpur News: कुत्तों-बंदरों का आतंक, रोजाना 100 से अधिक लोगों को लग रही एआरवी
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शाहजहांपुर। कुत्तों और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जनवरी से अगस्त माह तक 64,462 लोगों को जानवरों के काटने पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई हैं। फिलहाल अस्पतालों में रोजाना 100 से अधिक मरीज वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
रविवार को विश्व रेबीज दिवस है। इस दिन कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वर्तमान समय में रेबीज का टीका लगवाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। शहर से लेकर देहात तक कुत्ते और बंदर आक्रामक हो गए हैं। लोगों को शिकार बना रहे हैं। कुत्तों की संख्या को सीमित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाकर नसबंदी करने की योजना थी, लेकिन यह अब तक शुरू नहीं हो सका है।
दूसरी ओर बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके चलते कुत्ते व बंदर आबादी क्षेत्र में आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों को निशाना बना रहे हैं। सिर्फ कुत्ते ही नहीं, बल्कि बंदर और बिल्लियाें के हमले भी बढ़ रहे हैं। जली कोठी केंद्र पर मिली मीना ने बताया कि उनके पालतू कुत्ते ने काट लिया था। दूसरा टीका लगवाने के लिए आईं हैं।
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लापरवाही बिल्कुल न करें
कुत्ता या बंदर के काटने में लापरवाही न करें। बच्चों को विशेष तौर पर बताएं कि कभी भी कुत्ता, बिल्ली, बंदर के काटने पर तुरंत ही परिजनों को बताएं। कई बार लोग इसे हल्की खरोंच मानकर छोड़ देते हैं और रेबीज फैल जाता है।
- डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य
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कुत्ता, बंदर काटे तो यह करें
- घाव को सबसे पहले पानी से धोएं।
- 10 से 15 मिनट के लिए नल के बहते पानी में रखें।
- एक साफ कपड़े से रक्तस्राव को धीमा करें।
- पट्टी न बांधें और तुरंत अस्पताल लेकर जाएं।
- जानवरों के चाटने, खरोंच व घावों को अनदेखा न करें।
- कटे घाव पर मिर्च, सरसों का तेल आदि न लगाएं।
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रविवार को विश्व रेबीज दिवस है। इस दिन कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। वर्तमान समय में रेबीज का टीका लगवाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। शहर से लेकर देहात तक कुत्ते और बंदर आक्रामक हो गए हैं। लोगों को शिकार बना रहे हैं। कुत्तों की संख्या को सीमित करने के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाकर नसबंदी करने की योजना थी, लेकिन यह अब तक शुरू नहीं हो सका है।
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दूसरी ओर बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके चलते कुत्ते व बंदर आबादी क्षेत्र में आर्थिक नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों को निशाना बना रहे हैं। सिर्फ कुत्ते ही नहीं, बल्कि बंदर और बिल्लियाें के हमले भी बढ़ रहे हैं। जली कोठी केंद्र पर मिली मीना ने बताया कि उनके पालतू कुत्ते ने काट लिया था। दूसरा टीका लगवाने के लिए आईं हैं।
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लापरवाही बिल्कुल न करें
कुत्ता या बंदर के काटने में लापरवाही न करें। बच्चों को विशेष तौर पर बताएं कि कभी भी कुत्ता, बिल्ली, बंदर के काटने पर तुरंत ही परिजनों को बताएं। कई बार लोग इसे हल्की खरोंच मानकर छोड़ देते हैं और रेबीज फैल जाता है।
- डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य
कुत्ता, बंदर काटे तो यह करें
- घाव को सबसे पहले पानी से धोएं।
- 10 से 15 मिनट के लिए नल के बहते पानी में रखें।
- एक साफ कपड़े से रक्तस्राव को धीमा करें।
- पट्टी न बांधें और तुरंत अस्पताल लेकर जाएं।
- जानवरों के चाटने, खरोंच व घावों को अनदेखा न करें।
- कटे घाव पर मिर्च, सरसों का तेल आदि न लगाएं।