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किसानों के साथ डीएम से मिले पूर्व मंत्री जितिन
शाहजहांपुर।
Updated Mon, 27 Apr 2015 08:19 PM IST
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कदम-कदम पर दुश्वारियों का सामना कर रहे फसली नुकसान से पीड़ित किसानों की कोई सुनवाई नहीं होते देख पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद सोमवार को डीएम शुभ्रा सक्सेना से मिले। उन्होंने फसली सर्वे से लेकर मुआवजा के वितरण और गेहूं खरीद की खामियां गिनाते हुए उन्हें जल्द दूर कराने के लिए राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने दैवी आपदा से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने डीएम को बताया कि एक तो वैसे ही फसल बर्बाद हो गई और जो खराब होने से बच गई, उसकी सरकारी खरीद का सही इंतजाम नहीं है। कई केंद्र बैनर और कांटे लगाकर केवल कागजों पर चलाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रसाद ने गत 16 अप्रैल को पुवायां मंडी के एक क्रय केंद्र पर मिली खामियों का हवाला देते हुए कहा कि अधिकांश सेंटरों की यही स्थिति है।
किसानों ने फसली सर्वे होने से किया इनकार
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री के साथ गए विभिन्न गांवों के किसानों ने फसली सर्वे का सच बयां करते हुए डीएम को बताया कि उनके यहां नष्ट हुई फसलों का मुआवजा मिलना तो दूर, सर्वे तक नहीं कराया गया। कांग्रेस नेता प्रसाद ने कहा कि जिन लोगों को मुआवजे की छोटी-मोटी धनराशि मिली भी, उसके लिए सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने सिफारिश की। ऐसे में जिन गरीब किसानों के पास कोई सिफारिश नहीं है, उन्हें मुआवजे से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
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वेबसाइट पर सार्वजनिक करें मुआवजा वितरण
डीएम को कांग्रेस नेता प्रसाद ने सुझाव दिया कि तहसीलवार बांटी गई मुआवजा की धनराशि को गांव और किसानों के नाम सहित जिले की वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जानकारी नेट पर आने से उन किसानों को भी जानकारी होगी, जिन्हें किन्हीं कारणों से मुआवजा नहीं मिला। साथ ही यह विवरण मिलने पर कांग्रेस के पदाधिकारी किसानों के बीच जाकर मुआवजा वितरण की वास्तविकता परख सकेंगे।
किसानों को राजस्व वसूली माफी पर दिया जोर
डीएम से कांग्रेस नेता प्रसाद ने कहा कि चौतरफा दिक्कतों से घिरे किसानों को फौरी राहत देने के लिए उनके बिजली के बिल, लगान, सिंचाई शुल्क, फसली ऋण आदि माफ किए जाने के संबंध में जल्द उचित कदम उठाने पर जोर दिया। साथ ही चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देने की मांग की। राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में भी इन्हीं मांगों प्रमुखता से उल्लेख किया गया है।
शिष्टमंडल में ये रहे शामिल
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री के साथ डीएम से मिले शिष्टमंडल में पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना, चेतराम और कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह व धर्मेंद्र दीक्षित, शहर अध्यक्ष तसनीम अली खां, डीसीबी के पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र सिंह भन्नूू, अशफाक उल्ला खां, शाहिद अनवर कुरैशी, मुजीबउररहमान खां, विनीत मिश्र, रजनीश गुप्ता, राजीव सिंह, अनूप वर्मा, अजय मिश्र रिंकू, रोहित सिंह, अश्विनी द्विवेदी, अभय दीक्षित, महेश बाबू, विनय शर्मा आदि शामिल रहे।
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पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने दैवी आपदा से जूझ रहे किसानों को राहत देने के लिए गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने डीएम को बताया कि एक तो वैसे ही फसल बर्बाद हो गई और जो खराब होने से बच गई, उसकी सरकारी खरीद का सही इंतजाम नहीं है। कई केंद्र बैनर और कांटे लगाकर केवल कागजों पर चलाए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रसाद ने गत 16 अप्रैल को पुवायां मंडी के एक क्रय केंद्र पर मिली खामियों का हवाला देते हुए कहा कि अधिकांश सेंटरों की यही स्थिति है।
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किसानों ने फसली सर्वे होने से किया इनकार
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री के साथ गए विभिन्न गांवों के किसानों ने फसली सर्वे का सच बयां करते हुए डीएम को बताया कि उनके यहां नष्ट हुई फसलों का मुआवजा मिलना तो दूर, सर्वे तक नहीं कराया गया। कांग्रेस नेता प्रसाद ने कहा कि जिन लोगों को मुआवजे की छोटी-मोटी धनराशि मिली भी, उसके लिए सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने सिफारिश की। ऐसे में जिन गरीब किसानों के पास कोई सिफारिश नहीं है, उन्हें मुआवजे से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
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वेबसाइट पर सार्वजनिक करें मुआवजा वितरण
डीएम को कांग्रेस नेता प्रसाद ने सुझाव दिया कि तहसीलवार बांटी गई मुआवजा की धनराशि को गांव और किसानों के नाम सहित जिले की वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जानकारी नेट पर आने से उन किसानों को भी जानकारी होगी, जिन्हें किन्हीं कारणों से मुआवजा नहीं मिला। साथ ही यह विवरण मिलने पर कांग्रेस के पदाधिकारी किसानों के बीच जाकर मुआवजा वितरण की वास्तविकता परख सकेंगे।
किसानों को राजस्व वसूली माफी पर दिया जोर
डीएम से कांग्रेस नेता प्रसाद ने कहा कि चौतरफा दिक्कतों से घिरे किसानों को फौरी राहत देने के लिए उनके बिजली के बिल, लगान, सिंचाई शुल्क, फसली ऋण आदि माफ किए जाने के संबंध में जल्द उचित कदम उठाने पर जोर दिया। साथ ही चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देने की मांग की। राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में भी इन्हीं मांगों प्रमुखता से उल्लेख किया गया है।
शिष्टमंडल में ये रहे शामिल
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री के साथ डीएम से मिले शिष्टमंडल में पूर्व विधायक वीरेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना, चेतराम और कांग्रेस जिलाध्यक्ष कौशल मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह व धर्मेंद्र दीक्षित, शहर अध्यक्ष तसनीम अली खां, डीसीबी के पूर्व चेयरमैन भूपेंद्र सिंह भन्नूू, अशफाक उल्ला खां, शाहिद अनवर कुरैशी, मुजीबउररहमान खां, विनीत मिश्र, रजनीश गुप्ता, राजीव सिंह, अनूप वर्मा, अजय मिश्र रिंकू, रोहित सिंह, अश्विनी द्विवेदी, अभय दीक्षित, महेश बाबू, विनय शर्मा आदि शामिल रहे।