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भाजपा समर्थित अजय जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित
शाहजहांपुर।
Updated Thu, 07 Jan 2016 09:03 PM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव के बेटे अजय यादव ने अप्रत्याशित रूप से जीत लिया। भाजपा समर्थित अजय ने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सपा प्रत्याशी नीतू सिंह को छह वोटों की बढ़त से हरा दिया। अजय को 26 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी 20 वोटों पर सिमट गईं। दो मत अवैध घोषित कर निरस्त कर दिए गए। इससे पहले, कड़ी सुरक्षा के बीच कलक्ट्रेट के डीएम न्यायालय कक्ष में पूर्वांह 11 बजे से अपरान्ह तीन बजे तक मतदान हुआ और इस दौरान जिला पंचायत के सभी 48 वार्ड मेंबरों ने बारी-बारी वोट डाले।
मतदान के लिए कलक्ट्रेट के आसपास सुबह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एकेसी तिराहे से लेकर सुदामा स्कूल के सामने तक कलक्ट्रेट रोड के आधे हिस्से को स्लाइडिंग बैरियर लगाकर कलक्ट्रेट कैंपस को अभेद्य दुर्ग में बदल दिया गया। इसी के साथ कलक्ट्रेट के मेन गेट पर सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह और सीओ सिटी अनुराग वत्स ने पुलिस और पीएसी के जवान तैनात करके सुरक्षा का मोर्चा संभाल लिया। जिला पंचायत सदस्य वोट डालने के लिए अकेले या फिर साथी पंचायत सदस्यों के साथ मतदान को कलक्ट्रेट कैंपस में दाखिल हुए। इस दौरान स्लाइडिंग बैरियर के बाहर खड़े भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां तमाम कार्यकर्ताओं के साथ मतदान को पहुंचने वाले पंचायत सदस्यों पर पैनी निगाहें गड़ाए रहे।
दोपहर 12 बजे तक 15 वोट पडने के बाद मतदान मध्यम गति से जारी रहा। दोपहर पौने दो बजे तक सभी 48 वोट पड़ चुके थे, लेकिन मतपेटी ठीक तीन बजे मतदान की नियत अवधि पूरी होने के बाद सील की गई। पांच मिनट बाद ही मतों की गिनती का काम शुरू हो गया।
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आधा घंटे बाद डीएम ने मतगणना के नतीजे से राज्य निर्वाचन आयोग को अवगत कराया। इस बीच, वहां मौजूद सपा प्रत्याशी ने कलक्ट्रेट के दूसरे गेट से निकलकर घर की राह पकड़ ली। बाद में डीएम ने निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर भाजपा समर्थित अजय यादव को 26 वोटों से निर्वाचित घोषित कर उन्हें विजेता का प्रमाण पत्र दिया।
पहला वोट नीतू सिंह ने डाला
पूर्वांह 11 बजे मतदान आरंभ होने पर सबसे पहले सपा प्रत्याशी नीतू सिंह वोट डालने के लिए सुरक्षा जांच से गुजरते हुए डीएम के न्यायालय कक्ष पहुंचीं। वहां मौजूद डीएम शुभ्रा सक्सेना, एसपी बबलू कुमार, एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय आदि अधिकारियों की मौजूदगी में सपा प्रत्याशी ने मतदान किया। उनके पीछे भाजपा समर्थित अजय यादव और बसपा के एमएलसी जयेश प्रसाद के भाई जीवेश प्रसाद ने वोट डाले। इसके साथ ही मतदान का सिलसिला चल निकला।
जीत मिलते ही अजय ने छूए पिता के पैर
जीत का प्रमाण पत्र लेकर कलक्ट्रेट से बाहर आते ही अजय को उनके समर्थकों ने गोद में उठाकर हर्षोल्लास की नारेबाजी करके फूलमालाओं से लाद दिया। अजय ने बाहर आते ही अपने पिता वीरेंद्र पाल सिंह यादव और उनके सियासी गुरु नगर विधायक सुरेश कुमार खन्ना का आशीर्वाद लिया।
इसलिए निरस्त कर दिए गए दो मत
एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय के अनुसार एक जिला पंचायत सदस्य ने मतदान के दौरान नासमझी का परिचय देते हुए मतपत्र पर अधिमान अंक अंकित करने के बाद उसे अधिकारियों के सामने सार्वजनिक करके अपने वोट की गोपनीयता भंग कर दी, जिस कारण मत निरस्त कर दिया गया। मतगणना के दौरान एक मतपत्र ऐसा पाया गया जिस पर वरीयता अंक दर्ज करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी के अंक इस्तेमाल नहीं किए गए और पहचान का चिन्ह बना पाया गया। इन कारणों से दोनों मत निरस्त करने का निर्णय किया गया।
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मतदान के लिए कलक्ट्रेट के आसपास सुबह से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एकेसी तिराहे से लेकर सुदामा स्कूल के सामने तक कलक्ट्रेट रोड के आधे हिस्से को स्लाइडिंग बैरियर लगाकर कलक्ट्रेट कैंपस को अभेद्य दुर्ग में बदल दिया गया। इसी के साथ कलक्ट्रेट के मेन गेट पर सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह और सीओ सिटी अनुराग वत्स ने पुलिस और पीएसी के जवान तैनात करके सुरक्षा का मोर्चा संभाल लिया। जिला पंचायत सदस्य वोट डालने के लिए अकेले या फिर साथी पंचायत सदस्यों के साथ मतदान को कलक्ट्रेट कैंपस में दाखिल हुए। इस दौरान स्लाइडिंग बैरियर के बाहर खड़े भाजपा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां तमाम कार्यकर्ताओं के साथ मतदान को पहुंचने वाले पंचायत सदस्यों पर पैनी निगाहें गड़ाए रहे।
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दोपहर 12 बजे तक 15 वोट पडने के बाद मतदान मध्यम गति से जारी रहा। दोपहर पौने दो बजे तक सभी 48 वोट पड़ चुके थे, लेकिन मतपेटी ठीक तीन बजे मतदान की नियत अवधि पूरी होने के बाद सील की गई। पांच मिनट बाद ही मतों की गिनती का काम शुरू हो गया।
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आधा घंटे बाद डीएम ने मतगणना के नतीजे से राज्य निर्वाचन आयोग को अवगत कराया। इस बीच, वहां मौजूद सपा प्रत्याशी ने कलक्ट्रेट के दूसरे गेट से निकलकर घर की राह पकड़ ली। बाद में डीएम ने निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर भाजपा समर्थित अजय यादव को 26 वोटों से निर्वाचित घोषित कर उन्हें विजेता का प्रमाण पत्र दिया।
पहला वोट नीतू सिंह ने डाला
पूर्वांह 11 बजे मतदान आरंभ होने पर सबसे पहले सपा प्रत्याशी नीतू सिंह वोट डालने के लिए सुरक्षा जांच से गुजरते हुए डीएम के न्यायालय कक्ष पहुंचीं। वहां मौजूद डीएम शुभ्रा सक्सेना, एसपी बबलू कुमार, एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय आदि अधिकारियों की मौजूदगी में सपा प्रत्याशी ने मतदान किया। उनके पीछे भाजपा समर्थित अजय यादव और बसपा के एमएलसी जयेश प्रसाद के भाई जीवेश प्रसाद ने वोट डाले। इसके साथ ही मतदान का सिलसिला चल निकला।
जीत मिलते ही अजय ने छूए पिता के पैर
जीत का प्रमाण पत्र लेकर कलक्ट्रेट से बाहर आते ही अजय को उनके समर्थकों ने गोद में उठाकर हर्षोल्लास की नारेबाजी करके फूलमालाओं से लाद दिया। अजय ने बाहर आते ही अपने पिता वीरेंद्र पाल सिंह यादव और उनके सियासी गुरु नगर विधायक सुरेश कुमार खन्ना का आशीर्वाद लिया।
इसलिए निरस्त कर दिए गए दो मत
एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय के अनुसार एक जिला पंचायत सदस्य ने मतदान के दौरान नासमझी का परिचय देते हुए मतपत्र पर अधिमान अंक अंकित करने के बाद उसे अधिकारियों के सामने सार्वजनिक करके अपने वोट की गोपनीयता भंग कर दी, जिस कारण मत निरस्त कर दिया गया। मतगणना के दौरान एक मतपत्र ऐसा पाया गया जिस पर वरीयता अंक दर्ज करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी के अंक इस्तेमाल नहीं किए गए और पहचान का चिन्ह बना पाया गया। इन कारणों से दोनों मत निरस्त करने का निर्णय किया गया।