{"_id":"68b8847dcbcbc363060cb4ec","slug":"discussion-begins-on-the-scope-of-swami-shukdevanand-state-university-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-151888-2025-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय के दायरे पर मंथन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय के दायरे पर मंथन शुरू
विज्ञापन
मुमुक्षु शिक्षा संकुल में मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का स्वागत करते प्राचार्य
- फोटो : संवाद
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय की घोषणा के बाद उसके दायरे पर मंथन शुरू हो गया है। यूनिवर्सिटी बनने से जनपद के अलावा आसपास के चार से पांच जिलों को फायदा मिलेगा। विद्यार्थियों को महंगे और उच्च पाठ्यक्रम के लिए लखनऊ-दिल्ली या बरेली तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय बनने से रुहेलखंड यूनिवर्सिटी का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। अधिक कॉलेजों के होने के चलते शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ही मानक तक की निगहबानी ठीक से नहीं हो पाती थी। मंगलवार को शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की घोषणा के बाद उसके दायरे को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
संभावना जताई जा रही है कि जनपद के अलावा लखीमपुर, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद व पीलीभीत के महाविद्यालयों को भी यूनिवर्सिटी का हिस्सा बनाया जा सकता है। अधिकतर जिलों का बड़ा हिस्सा शाहजहांपुर की सीमा में लगता है। इससे छात्र-छात्राओं की दौड़भाग बचेगी। जानकारों के मुताबिक, बड़े शहरों की तरह यहां पर पाठ्यक्रम शुरू होने से विद्यार्थियों को काफी हद तक राहत मिलेगी। विद्यार्थियाें को लखनऊ, बरेली, दिल्ली जैसे बड़े कोर्स की सुविधा यहां मिलने से उनकी तैयारी आसानी से हो सकेगी।
विज्ञापन
नए महाविद्यालय भी खुल सकेंगे
शाहजहांपुर के करीब 60 महाविद्यालयाें का संबद्धीकरण स्वामी शुकदेवाद विश्वविद्यालय से होना तय है। संभावना है कि यूनिवर्सिटी के दायरे में आसपास जिलों के करीब चार सौ महाविद्यालय आएंगे, साथ ही नए महाविद्यालय खुलने की राह भी आसान होगी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को सहूलियत होगी। साथ ही सेल्फ फाइनेंस के कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी।
शोध, अनुसंधान और व्यावसायिक पाठ्यक्रम की सुधरेगी स्थिति
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय बनने के बाद जिले की उच्च शिक्षा व्यवस्था उड़ान भरने लगेगी। शोध, अनुसंधान की स्थिति में सुधार होगा, साथ ही पाठ्यक्रम की स्थिति में सुधार होगा। मेधावियों के सामने अवसर बढ़ेंगे।
एसएस कॉलेज में वर्तमान में बीए, बीएससी, बीकाॅम जैसे परंपरागत पाठ्यक्रम के अलावा व्यावसायिक कोर्स भी संचालित हैं। छात्रों को शोध का कार्य भी कराया जाता है, लेकिन ये बड़े स्तर पर नहीं हो पा रहा है। यूनिवर्सिटी बनने के बाद यह रास्ता खुल जाएगा। विभिन्न विषयों पर विद्यार्थी अपना शोध कार्य पूर्ण कर सकेंगे।
उन्हें प्रोफेसर के साथ ही बेहतर मार्गदर्शन भी मिल सकेगा, जिससे शोधार्थियाें की संख्या में इजाफा होने के साथ ही समाज में परिवर्तन भी आ सकता है। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अवसर भी बढ़ जाएंगे। विधि शिक्षा का दायरा भी बढ़ जाएगा। विधि के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने वालों के अग्रिम रास्ते भी खुलने की संभावना है। खेलकूद की दिशा में भी नए आयाम स्थापित होंगे। संवाद
सभी पांच शिक्षण संस्थान पूर्ववत चलेंगे, प्रबंधन का होगा पुनर्निधारण
शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट के अंतर्गत चलने वाली पांच शिक्षण संस्थाओं पर विश्वविद्यालय बनने के बाद कोई फर्क नहीं पड़ेगा। एसएस कॉलेज और लॉ कॉलेज विश्वविद्यालय के अधीन ही चलेगा। शेष पर प्रबंधन का पुनर्निर्धारण होगा। सारी संस्थाएं एक ही परिसर में होने से विद्यार्थियाें को शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। नर्सरी से लेकर उच्च शिक्षा तक का इंतजाम स्वामी चिन्मयानंद के प्रयास से हो गया है।
मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट के अंतर्गत एसएस कॉलेज, एसएस लॉ कॉलेज, श्री देवी संपद ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय, धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज, शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ संचालित हैं। वर्तमान में इन विद्यालयों में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। एसएस कॉलेज वर्तमान में रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के अधीन है।
एसएसएमवी सीबीएसई से संचालित है। यूनिवर्सिटी बनने के बाद एसएसएमवी, संस्कृत महाविद्यालय और धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रबंधन और दायित्व का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। शासन के साथ एएमयू साइन होने के बाद इनकी स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि, यह तय है कि संस्था में प्रवेश के बाद शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। संवाद
बढ़ेगा प्रशासनिक भवन का दायरा, नए निर्माण भी होंगे
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के बाद विद्यालय की सूरत ही बदल जाएंगे। लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में यूनिवर्सिटी आकार लेगी। इसमें कई नए निर्माण भी कराए जाएंगे। विभिन्न पाठ्यक्रमों के विभागीय कार्यालय और सेंटर भी खोले जाएंगे। संभावना है कि कुछ नई कक्षाएं भी बन सकतीं हैं।
स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के पास वर्तमान में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। कॉलेज में प्रशासनिक भवन बना है, लेकिन यह यूनिवर्सिटी की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। विश्वविद्यालय बनने के बाद पाठ्यक्रमों में इजाफा होने के साथ ही छात्र संख्या भी बढ़ेंगे। ऐसे में नए निर्माण होना तय है। कॉलेज के पास अपनी काफी जमीन खाली पड़ी है। वहां पर नए पाठ्यक्रमों के कार्यालय और कक्षाओं को शुरू कराया जा सकता है। संभावना है कि काॅलेज की आसपास की भूमि का उपयोग भी किया जा सकता है। संवाद
कॉलेज पहुंचे स्वामी चिन्मयानंद, मुख्यमंत्री का आभार जताया
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय का प्रस्ताव कैबिनेट में पास होने के बाद बुधवार को हरिद्वार से मुमुक्षु आश्रम पहुंचे अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का जोरदार स्वागत किया गया। संकुल के शिक्षकों, कर्मचारियों व सहयोगियों ने फूलमालाएं पहनाईं। चिन्मयानंद ने विश्वविद्यालय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना की आधारशिला तो 7 मार्च 1964 को ही रख दी गई थी। स्वामी शुकदेवानंद महाराज ने जो सपना देखा था, वह आज साकार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के लिए एक ऐतिहासिक तोहफा दिया है। इसके लिए जनपद के लोग आभारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे। प्रबंध समिति के सचिव डाॅ. अवनीश मिश्रा, एसएस काॅलेज के प्राचार्य प्रो. आरके आजाद, एसएसएमवी के सचिव अशोक अग्रवाल, प्रधानाचार्य मेघना मेहंदीरत्ता, स्वामी धर्मानंद इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य अमीर सिंह यादव, लाॅ काॅलेज के प्राचार्य जेएस ओझा, सुयश सिन्हा, डाॅ.अनुराग अग्रवाल, डाॅ. मीना शर्मा आदि मौजूद रहीं। संवाद
पुरातन छात्र परिषद ने जताई खुशी
शाहजहांपुर। एसएस लॉ कॉलेज की पुरातन छात्र परिषद ने विश्वविद्यालय की मंजूरी मिलने पर खुशी जताई है। परिषद के महासचिव व प्रबंध समिति के सदस्य फिरोज हसन खां ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने जनपद को शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य और ऐतिहासिक उपहार देते हुए अपने संकल्प को पूरा किया है।
विश्वविद्यालय की स्थापना से जिले में शैक्षिक वातावरण को गति मिलेगी। अधिवक्ता ओम सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय से केवल जनपद ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी लाभ प्राप्त करेंगे। सरकारी वकील शालिनी शर्मा, अधिवक्ता शबरेज खां, शाहनवाज खां, अंजू श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, रीता देवी, फारिया खान, प्रीति मिश्रा, जफर अंसारी आदि ने खुशी जताई है। संवाद
विज्ञापन
स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय बनने से रुहेलखंड यूनिवर्सिटी का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा। अधिक कॉलेजों के होने के चलते शिक्षा की गुणवत्ता के साथ ही मानक तक की निगहबानी ठीक से नहीं हो पाती थी। मंगलवार को शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की घोषणा के बाद उसके दायरे को लेकर मंथन शुरू हो गया है।
विज्ञापन
संभावना जताई जा रही है कि जनपद के अलावा लखीमपुर, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद व पीलीभीत के महाविद्यालयों को भी यूनिवर्सिटी का हिस्सा बनाया जा सकता है। अधिकतर जिलों का बड़ा हिस्सा शाहजहांपुर की सीमा में लगता है। इससे छात्र-छात्राओं की दौड़भाग बचेगी। जानकारों के मुताबिक, बड़े शहरों की तरह यहां पर पाठ्यक्रम शुरू होने से विद्यार्थियों को काफी हद तक राहत मिलेगी। विद्यार्थियाें को लखनऊ, बरेली, दिल्ली जैसे बड़े कोर्स की सुविधा यहां मिलने से उनकी तैयारी आसानी से हो सकेगी।
विज्ञापन
नए महाविद्यालय भी खुल सकेंगे
शाहजहांपुर के करीब 60 महाविद्यालयाें का संबद्धीकरण स्वामी शुकदेवाद विश्वविद्यालय से होना तय है। संभावना है कि यूनिवर्सिटी के दायरे में आसपास जिलों के करीब चार सौ महाविद्यालय आएंगे, साथ ही नए महाविद्यालय खुलने की राह भी आसान होगी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को सहूलियत होगी। साथ ही सेल्फ फाइनेंस के कॉलेजों की संख्या बढ़ेगी।
शोध, अनुसंधान और व्यावसायिक पाठ्यक्रम की सुधरेगी स्थिति
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय बनने के बाद जिले की उच्च शिक्षा व्यवस्था उड़ान भरने लगेगी। शोध, अनुसंधान की स्थिति में सुधार होगा, साथ ही पाठ्यक्रम की स्थिति में सुधार होगा। मेधावियों के सामने अवसर बढ़ेंगे।
एसएस कॉलेज में वर्तमान में बीए, बीएससी, बीकाॅम जैसे परंपरागत पाठ्यक्रम के अलावा व्यावसायिक कोर्स भी संचालित हैं। छात्रों को शोध का कार्य भी कराया जाता है, लेकिन ये बड़े स्तर पर नहीं हो पा रहा है। यूनिवर्सिटी बनने के बाद यह रास्ता खुल जाएगा। विभिन्न विषयों पर विद्यार्थी अपना शोध कार्य पूर्ण कर सकेंगे।
उन्हें प्रोफेसर के साथ ही बेहतर मार्गदर्शन भी मिल सकेगा, जिससे शोधार्थियाें की संख्या में इजाफा होने के साथ ही समाज में परिवर्तन भी आ सकता है। इसके अतिरिक्त व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के अवसर भी बढ़ जाएंगे। विधि शिक्षा का दायरा भी बढ़ जाएगा। विधि के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने वालों के अग्रिम रास्ते भी खुलने की संभावना है। खेलकूद की दिशा में भी नए आयाम स्थापित होंगे। संवाद
सभी पांच शिक्षण संस्थान पूर्ववत चलेंगे, प्रबंधन का होगा पुनर्निधारण
शाहजहांपुर। मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट के अंतर्गत चलने वाली पांच शिक्षण संस्थाओं पर विश्वविद्यालय बनने के बाद कोई फर्क नहीं पड़ेगा। एसएस कॉलेज और लॉ कॉलेज विश्वविद्यालय के अधीन ही चलेगा। शेष पर प्रबंधन का पुनर्निर्धारण होगा। सारी संस्थाएं एक ही परिसर में होने से विद्यार्थियाें को शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। नर्सरी से लेकर उच्च शिक्षा तक का इंतजाम स्वामी चिन्मयानंद के प्रयास से हो गया है।
मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट के अंतर्गत एसएस कॉलेज, एसएस लॉ कॉलेज, श्री देवी संपद ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय, धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज, शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ संचालित हैं। वर्तमान में इन विद्यालयों में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। एसएस कॉलेज वर्तमान में रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के अधीन है।
एसएसएमवी सीबीएसई से संचालित है। यूनिवर्सिटी बनने के बाद एसएसएमवी, संस्कृत महाविद्यालय और धर्मानंद सरस्वती इंटर कॉलेज के प्रबंधन और दायित्व का पुनर्निर्धारण किया जाएगा। शासन के साथ एएमयू साइन होने के बाद इनकी स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि, यह तय है कि संस्था में प्रवेश के बाद शिक्षा के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। संवाद
बढ़ेगा प्रशासनिक भवन का दायरा, नए निर्माण भी होंगे
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय के बाद विद्यालय की सूरत ही बदल जाएंगे। लगभग 21 एकड़ क्षेत्र में यूनिवर्सिटी आकार लेगी। इसमें कई नए निर्माण भी कराए जाएंगे। विभिन्न पाठ्यक्रमों के विभागीय कार्यालय और सेंटर भी खोले जाएंगे। संभावना है कि कुछ नई कक्षाएं भी बन सकतीं हैं।
स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज के पास वर्तमान में पर्याप्त जगह उपलब्ध है। कॉलेज में प्रशासनिक भवन बना है, लेकिन यह यूनिवर्सिटी की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। विश्वविद्यालय बनने के बाद पाठ्यक्रमों में इजाफा होने के साथ ही छात्र संख्या भी बढ़ेंगे। ऐसे में नए निर्माण होना तय है। कॉलेज के पास अपनी काफी जमीन खाली पड़ी है। वहां पर नए पाठ्यक्रमों के कार्यालय और कक्षाओं को शुरू कराया जा सकता है। संभावना है कि काॅलेज की आसपास की भूमि का उपयोग भी किया जा सकता है। संवाद
कॉलेज पहुंचे स्वामी चिन्मयानंद, मुख्यमंत्री का आभार जताया
शाहजहांपुर। स्वामी शुकदेवानंद राज्य विश्वविद्यालय का प्रस्ताव कैबिनेट में पास होने के बाद बुधवार को हरिद्वार से मुमुक्षु आश्रम पहुंचे अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का जोरदार स्वागत किया गया। संकुल के शिक्षकों, कर्मचारियों व सहयोगियों ने फूलमालाएं पहनाईं। चिन्मयानंद ने विश्वविद्यालय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
उन्होंने कहा कि शाहजहांपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना की आधारशिला तो 7 मार्च 1964 को ही रख दी गई थी। स्वामी शुकदेवानंद महाराज ने जो सपना देखा था, वह आज साकार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद के लिए एक ऐतिहासिक तोहफा दिया है। इसके लिए जनपद के लोग आभारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना से शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे। प्रबंध समिति के सचिव डाॅ. अवनीश मिश्रा, एसएस काॅलेज के प्राचार्य प्रो. आरके आजाद, एसएसएमवी के सचिव अशोक अग्रवाल, प्रधानाचार्य मेघना मेहंदीरत्ता, स्वामी धर्मानंद इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य अमीर सिंह यादव, लाॅ काॅलेज के प्राचार्य जेएस ओझा, सुयश सिन्हा, डाॅ.अनुराग अग्रवाल, डाॅ. मीना शर्मा आदि मौजूद रहीं। संवाद
पुरातन छात्र परिषद ने जताई खुशी
शाहजहांपुर। एसएस लॉ कॉलेज की पुरातन छात्र परिषद ने विश्वविद्यालय की मंजूरी मिलने पर खुशी जताई है। परिषद के महासचिव व प्रबंध समिति के सदस्य फिरोज हसन खां ने कहा कि स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने जनपद को शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य और ऐतिहासिक उपहार देते हुए अपने संकल्प को पूरा किया है।
विश्वविद्यालय की स्थापना से जिले में शैक्षिक वातावरण को गति मिलेगी। अधिवक्ता ओम सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय से केवल जनपद ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थी लाभ प्राप्त करेंगे। सरकारी वकील शालिनी शर्मा, अधिवक्ता शबरेज खां, शाहनवाज खां, अंजू श्रीवास्तव, प्रदीप श्रीवास्तव, रीता देवी, फारिया खान, प्रीति मिश्रा, जफर अंसारी आदि ने खुशी जताई है। संवाद

मुमुक्षु शिक्षा संकुल में मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का स्वागत करते प्राचार्य - फोटो : संवाद

मुमुक्षु शिक्षा संकुल में मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का स्वागत करते प्राचार्य - फोटो : संवाद

मुमुक्षु शिक्षा संकुल में मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती का स्वागत करते प्राचार्य - फोटो : संवाद