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Shahjahanpur News: तीन हजार वर्ग मीटर में बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी
Mon, 17 Mar 2025 12:41 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 17 Mar 2025 12:41 AM IST
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कचहरी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज का छात्रावास। संवाद
शाहजहांपुर। जीआईसी के जर्जर छात्रावास को तोड़कर तीन हजार वर्ग मीटर में डिजिटल लाइब्रेरी कम स्टडी सेंटर बनाया जाएगा। डीएम के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने रिपोर्ट बना ली है। इसके बाद फरवरी में शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया गया। संभावना है कि जल्द ही इस पर मुहर लग सकती है।
डीआईओएस कॉलोनी में शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय जिला पुस्तकालय बना है। यहां पुस्तकें, वाईफाई समेत कई सुविधाएं होने के बावजूद यहां बाहर की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। ऐसे में इसके अंदर लोग जाने से कतराते हैं। नवंबर में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जीआईसी के पुराने छात्रावास का निरीक्षण किया था। उन्होंने इस जर्जर छात्रावास को ध्वस्त कराकर डिजिटल लाइब्रेरी बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीआईओएस हरिवंश कुमार ने रिपोर्ट तैयार कराई।
बताते हैं कि यहां पर करीब तीन हजार वर्ग मीटर जगह मिल जाएगी, जिसमें डिजिटल लाइब्रेरी कम स्टडी सेंटर बनाया जा सकता है। डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, वाईफाई आदि की सुविधा मिलेगी। इससे यहां पर छात्र-छात्राओं को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल सकेगा। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर सकेंगे। डीएम के स्तर से डिजिटल लाइब्रेरी का प्रस्ताव बनाकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा गया है। वहां से अभी तक प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगी है।
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जीआईसी के पुराने छात्रावास को तोड़कर डिजिटल लाइब्रेरी को बनाया जाना है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हरिवंश कुमार, डीआईओएस
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डीआईओएस कॉलोनी में शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय जिला पुस्तकालय बना है। यहां पुस्तकें, वाईफाई समेत कई सुविधाएं होने के बावजूद यहां बाहर की स्थिति काफी ज्यादा खराब है। ऐसे में इसके अंदर लोग जाने से कतराते हैं। नवंबर में डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जीआईसी के पुराने छात्रावास का निरीक्षण किया था। उन्होंने इस जर्जर छात्रावास को ध्वस्त कराकर डिजिटल लाइब्रेरी बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीआईओएस हरिवंश कुमार ने रिपोर्ट तैयार कराई।
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बताते हैं कि यहां पर करीब तीन हजार वर्ग मीटर जगह मिल जाएगी, जिसमें डिजिटल लाइब्रेरी कम स्टडी सेंटर बनाया जा सकता है। डिजिटल लाइब्रेरी में कंप्यूटर, वाईफाई आदि की सुविधा मिलेगी। इससे यहां पर छात्र-छात्राओं को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल सकेगा। वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर सकेंगे। डीएम के स्तर से डिजिटल लाइब्रेरी का प्रस्ताव बनाकर महानिदेशक स्कूल शिक्षा को भेजा गया है। वहां से अभी तक प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगी है।
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जीआईसी के पुराने छात्रावास को तोड़कर डिजिटल लाइब्रेरी को बनाया जाना है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
हरिवंश कुमार, डीआईओएस