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Shahjahanpur News: डायरिया का हमला... सीएचसी बीमार, अव्यवस्थाओं की भरमार
Tue, 13 May 2025 01:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 13 May 2025 01:08 AM IST
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निगोही में कजरीनूरपुर से सीएचसी में डॉक्टर के आने का इंतजार करते मरीज। संवाद
शाहजहांपुर। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही लोग डायरिया, उल्टी-दस्त और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जिले की सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं बीमार होने के साथ अव्यवस्थाओं की भरमार है। यहां सामान्य मरीजों को भर्ती करने के बजाय रेफर किया जा रहा है। इससे राजकीय मेडिकल कॉलेज पर बोझ बढ़ गया है। निगोही सीएचसी में बुद्ध पूर्णिमा के अवकाश के चलते कई मरीजों को लौटा दिया गया।
निगोही में सोमवार को पर्चा, ओपीडी और दवा का वितरण भी बंद रहा। दूर-दराज के मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे, लेकिन यहां पर मात्र हादसे में घायलों व थाने से आए पुलिस केस ही देखे गए। सीएचसी पर 12 किलोमीटर दूर ग्राम ऊनकलां से आशा बहू के साथ आई गुड़िया और सलमा ने बताया कि उन्हें बुखार आ रहा है, लेकिन डॉक्टर देखने से मना कर रहे हैं। गर्मी और लू के बीच बिना दवाई लिए ही लौटना पड़ेगा।
ग्राम कजरी नूरपुर से आईं सात वर्षीय निशा व उनकी बड़ी बहन आरती नौ को पिछले चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। गांव के झोलाछाप की दवा फायदा नहीं करने पर सीएचसी आई थी। यहां छुट्टी होने की बात कहकर लौटा दिया।
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तिलहर और खुदागंज में पानी तक का इंतजाम नहीं
भीषण गर्मी में तिलहर और खुदागंज की स्वास्थ्य इकाइयों पर आने वाले मरीजों को ठंडा पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। तिलहर के स्वास्थ्य केंद्र के गेट नंबर एक पर कई महीनों से वाटर कूलर खराब पड़ा है। उसमें गर्म पानी आ रहा है। खुदागंज की स्वास्थ्य इकाई पर आरओ खराब है। यहां पर एकमात्र नल से मरीज और स्टाफ पानी पीते हैं।
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मेडिकल कॉलेज में 390 मरीज भर्ती
-मरीजों को सीएचसी पर बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। कहीं डॉक्टर नहीं तो बहुत से स्थानों पर बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में राजकीय मेडिकल कॉलेज में बोझ बढ़ रहा है। सोमवार को 430 बेड के अस्पताल में 390 मरीज भर्ती थे। ऐसे में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बेड तक मिलना मुश्किल हो जाता है।
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बुखार अथवा डायरिया से पीड़ित मरीजों को सीएचसी-पीएचसी पर उपचार करना चाहिए। हालात गंभीर होने पर रेफर किया जाए तो मेडिकल कॉलेज में बेड की समस्या खत्म हो जाएगी।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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अवकाश के दिन जनरल ओपीडी संचालित नहीं होती है। इमरजेंसी में मरीज दिखा सकते हैं। पानी की व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा। साथ ही गंभीर मरीजों को रेफर करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
डॉ. पीपी श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमओ
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निगोही में सोमवार को पर्चा, ओपीडी और दवा का वितरण भी बंद रहा। दूर-दराज के मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे, लेकिन यहां पर मात्र हादसे में घायलों व थाने से आए पुलिस केस ही देखे गए। सीएचसी पर 12 किलोमीटर दूर ग्राम ऊनकलां से आशा बहू के साथ आई गुड़िया और सलमा ने बताया कि उन्हें बुखार आ रहा है, लेकिन डॉक्टर देखने से मना कर रहे हैं। गर्मी और लू के बीच बिना दवाई लिए ही लौटना पड़ेगा।
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ग्राम कजरी नूरपुर से आईं सात वर्षीय निशा व उनकी बड़ी बहन आरती नौ को पिछले चार-पांच दिन से बुखार आ रहा था। गांव के झोलाछाप की दवा फायदा नहीं करने पर सीएचसी आई थी। यहां छुट्टी होने की बात कहकर लौटा दिया।
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तिलहर और खुदागंज में पानी तक का इंतजाम नहीं
भीषण गर्मी में तिलहर और खुदागंज की स्वास्थ्य इकाइयों पर आने वाले मरीजों को ठंडा पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। तिलहर के स्वास्थ्य केंद्र के गेट नंबर एक पर कई महीनों से वाटर कूलर खराब पड़ा है। उसमें गर्म पानी आ रहा है। खुदागंज की स्वास्थ्य इकाई पर आरओ खराब है। यहां पर एकमात्र नल से मरीज और स्टाफ पानी पीते हैं।
मेडिकल कॉलेज में 390 मरीज भर्ती
-मरीजों को सीएचसी पर बेहतर उपचार नहीं मिल पा रहा है। कहीं डॉक्टर नहीं तो बहुत से स्थानों पर बुखार, उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में राजकीय मेडिकल कॉलेज में बोझ बढ़ रहा है। सोमवार को 430 बेड के अस्पताल में 390 मरीज भर्ती थे। ऐसे में गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बेड तक मिलना मुश्किल हो जाता है।
बुखार अथवा डायरिया से पीड़ित मरीजों को सीएचसी-पीएचसी पर उपचार करना चाहिए। हालात गंभीर होने पर रेफर किया जाए तो मेडिकल कॉलेज में बेड की समस्या खत्म हो जाएगी।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
अवकाश के दिन जनरल ओपीडी संचालित नहीं होती है। इमरजेंसी में मरीज दिखा सकते हैं। पानी की व्यवस्था को ठीक कराया जाएगा। साथ ही गंभीर मरीजों को रेफर करने के लिए निर्देशित किया जाएगा।
डॉ. पीपी श्रीवास्तव, प्रभारी सीएमओ