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Shahjahanpur News: बारिश से बेरौनक हो गया ढाईघाट मेला, पसरा रहा सन्नाटा
Fri, 02 Feb 2024 03:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 02 Feb 2024 03:06 AM IST
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ढाईघाट मेले में दुकानें बंद। संवाद
मिर्जापुर। ढाईघाट में चल रहे माघ मेले को बारिश और तेज हवा ने बेरौनक कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह करीब पांच बजे से शुरू हुई बारिश दिन भर रुक-रुक कर होती रही। इससे मेले में सन्नाटा पसरा रहा। गंगाघाट भी सूने रहे।
मेले में आए दुकानदारों ने बारिश और तेज हवा से बचने के लिए अपनी दुकानों को तिरपाल से चौतरफा बंद कर लिया। श्रद्धालु और साधु-संत भी झोंपड़ियों से बाहर नहीं निकले। कड़ाके की ठंड की वजह से श्रद्धालु गंगास्नान करने नहीं पहुंचे। इससे घाट भी सूने रहे। मेले में श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ी समस्या ईंधन की है। श्रद्धालु ठंड से बचने के लिए अलाव भी नहीं जला पा रहे हैं।
गंगा तट पर कल्पवास कर रहे रामदीन ने बताया कि बारिश होने के बाद मेले में सूखी लकड़ी के भाव एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। पुरोहित सरजूधर, राजेश कुमार, गंगाधर आदि ने बताया कि सुबह से ही तेज हवा के साथ बारिश होने से कल्पवास कर रहे श्रद्धालु और साधु-संत भी गंगास्नान करने नहीं आए। बारिश में ईंधन के भीग जाने से जिला पंचायत प्रशासन भी अलाव नहीं जलवा पा रहा है।
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मेले में आए दुकानदारों ने बारिश और तेज हवा से बचने के लिए अपनी दुकानों को तिरपाल से चौतरफा बंद कर लिया। श्रद्धालु और साधु-संत भी झोंपड़ियों से बाहर नहीं निकले। कड़ाके की ठंड की वजह से श्रद्धालु गंगास्नान करने नहीं पहुंचे। इससे घाट भी सूने रहे। मेले में श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ी समस्या ईंधन की है। श्रद्धालु ठंड से बचने के लिए अलाव भी नहीं जला पा रहे हैं।
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गंगा तट पर कल्पवास कर रहे रामदीन ने बताया कि बारिश होने के बाद मेले में सूखी लकड़ी के भाव एक हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। पुरोहित सरजूधर, राजेश कुमार, गंगाधर आदि ने बताया कि सुबह से ही तेज हवा के साथ बारिश होने से कल्पवास कर रहे श्रद्धालु और साधु-संत भी गंगास्नान करने नहीं आए। बारिश में ईंधन के भीग जाने से जिला पंचायत प्रशासन भी अलाव नहीं जलवा पा रहा है।
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