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Shahjahanpur News: महंगे किराये के बाद भी रोडवेज बसों में यात्री सुविधाएं कोसों दूर
Mon, 03 Jun 2024 04:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 03 Jun 2024 04:16 AM IST
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शाहजहांपुर में रोडवेज बस के स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल। संवाद
शाहजहांपुर। यात्रियों से महंगा किराया वसूलने के बाद भी रोडवेज बसों की हालत खस्ता है। लाखों की कमाई के बावजूद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अफसर यात्री सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मंगलवार को पड़ताल की गई तो सच्चाई सामने आ गई।
बसों में सफाई के पर्याप्त इंतजाम तक नहीं मिले। सीटों के नीचे खाली बोतलें और धूल जमी थी। सफाई नहीं होने से यात्रियों को गंदगी के बीच सफर करना पड़ रहा है। सीटें गंदी होने से यात्रियों के कपड़े तक खराब हो गए। इसके अतिरिक्त खिड़की तक बंद नहीं होती। काफी बसों में खिड़की को बंद करने के लिए हुक तक नहीं हैं। ऐसे में गर्म हवा के थपेड़े यात्रियों को परेशान रहते हैं।
बसों के स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल तक खत्म नहीं किया। तार फैले होने से आए दिन शार्ट सर्किट की समस्या होती रहती है। चालकों ने अधिकारियों से पत्राचार भी किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बता दें कि रोडवेज के बेड़े में 113 सरकारी व 78 अनुबंधित बसाें का संचालन होता है। लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के लिए 50 बसों को विभिन्न जिलों में भेजा गया था, जो अभी वापस नहीं लाैटी हैं।
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वर्कशॉप में मरम्मत का कार्य चलने की वजह से बसों को सही करने के लिए किराये की जगह ली है। अभी कुछ दिन समस्या रह सकती है। अपना भवन मिलने के बाद सब व्यवस्थाएं बेहतर हो जाएगी।
आरएस पांडेय, एआरएम
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इतनी होती है आय
-30 से 32 लाख रुपये आम दिनाें होती है रोडवेज को आय
-22 लाख रुपये वर्तमान में मिल रहा राजस्व, चुनाव में बसें जाने से आई गिरावट
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गर्मी के कारण ई-बसों में सफर करना मुनासिब समझ रहे यात्री
भीषण गर्मी की वजह से रोडवेज की बसों में सफर करना मुश्किल होता है। ऐसे में तमाम यात्री शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक संचालित वातानुकूलित ई-बसों से सफर करना ज्यादा मुनासिब समझ रहे है। वर्तमान में 25 ई-बसों का संचालन शहर व ग्रामीण क्षेत्र में किया जा रहा है। जोकि पुवायां, तिलहर, निगोही के साथ ही पड़ोसी जिला बीसलपुर के लिए भी जाती हैं। इन बसों से यात्रा करने पर गर्मी का अहसास नहीं होता है और किराये में भी बहुत अधिक फर्क नहीं है। ई-बस संचालन प्रभारी संदीप लाहा के अनुसार सर्दियों की अपेक्षा गर्मी में 20 प्रतिशत अधिक यात्री सफर कर रहे हैं, इससे राजस्व भी बढ़कर प्राप्त होता है।
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बसों में सफाई के पर्याप्त इंतजाम तक नहीं मिले। सीटों के नीचे खाली बोतलें और धूल जमी थी। सफाई नहीं होने से यात्रियों को गंदगी के बीच सफर करना पड़ रहा है। सीटें गंदी होने से यात्रियों के कपड़े तक खराब हो गए। इसके अतिरिक्त खिड़की तक बंद नहीं होती। काफी बसों में खिड़की को बंद करने के लिए हुक तक नहीं हैं। ऐसे में गर्म हवा के थपेड़े यात्रियों को परेशान रहते हैं।
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बसों के स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल तक खत्म नहीं किया। तार फैले होने से आए दिन शार्ट सर्किट की समस्या होती रहती है। चालकों ने अधिकारियों से पत्राचार भी किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बता दें कि रोडवेज के बेड़े में 113 सरकारी व 78 अनुबंधित बसाें का संचालन होता है। लोकसभा चुनाव के सातवें चरण के लिए 50 बसों को विभिन्न जिलों में भेजा गया था, जो अभी वापस नहीं लाैटी हैं।
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वर्कशॉप में मरम्मत का कार्य चलने की वजह से बसों को सही करने के लिए किराये की जगह ली है। अभी कुछ दिन समस्या रह सकती है। अपना भवन मिलने के बाद सब व्यवस्थाएं बेहतर हो जाएगी।
आरएस पांडेय, एआरएम
इतनी होती है आय
-30 से 32 लाख रुपये आम दिनाें होती है रोडवेज को आय
-22 लाख रुपये वर्तमान में मिल रहा राजस्व, चुनाव में बसें जाने से आई गिरावट
गर्मी के कारण ई-बसों में सफर करना मुनासिब समझ रहे यात्री
भीषण गर्मी की वजह से रोडवेज की बसों में सफर करना मुश्किल होता है। ऐसे में तमाम यात्री शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक संचालित वातानुकूलित ई-बसों से सफर करना ज्यादा मुनासिब समझ रहे है। वर्तमान में 25 ई-बसों का संचालन शहर व ग्रामीण क्षेत्र में किया जा रहा है। जोकि पुवायां, तिलहर, निगोही के साथ ही पड़ोसी जिला बीसलपुर के लिए भी जाती हैं। इन बसों से यात्रा करने पर गर्मी का अहसास नहीं होता है और किराये में भी बहुत अधिक फर्क नहीं है। ई-बस संचालन प्रभारी संदीप लाहा के अनुसार सर्दियों की अपेक्षा गर्मी में 20 प्रतिशत अधिक यात्री सफर कर रहे हैं, इससे राजस्व भी बढ़कर प्राप्त होता है।

शाहजहांपुर में रोडवेज बस के स्टेयरिंग के नीचे तारों का जाल। संवाद