{"_id":"6816721b13a70f2600047888","slug":"description-of-the-childhood-pastimes-of-lord-shri-krishna-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-143011-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
Sun, 04 May 2025 01:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 04 May 2025 01:14 AM IST
विज्ञापन
कुर्रिया कलां के ग्राम मल्हपुर में कथाव्यास को कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री की फोटो भेंट करते बाग
- फोटो : kathua
कुर्रियाकलां। मल्हपुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शनिवार को कथा व्यास पंडित आशीष बाजपेयी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मनोहारी वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान अपने ग्वाल बालों के साथ माखन चोरी की लीला करते थे। हर बार शिकायत मिलने पर माता यशोदा उन्हें उलाहना देतीं तो वह कोई न कोई चमत्कार कर उन्हें मंत्रमुग्ध कर देते थे। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को चूर करने के लिए अपनी एक उंगली पर गिरिराज गोवर्धन को उठाकर भीषण वर्षा से ब्रजवासियों की रक्षा की।
कंस ने अपने राज्य की सबसे शक्तिशाली राक्षसी पूतना को श्रीकृष्ण को मारने के लिए भेजा, किंतु बाल रूप में भगवान ने पूतना को मोक्ष प्रदान किया। अंत में बागेश्वर धाम परिवार के सदस्यों ने कथा व्यास को धीरेंद्र शास्त्री का चित्र भेंट किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कथा व्यास ने कहा कि भगवान अपने ग्वाल बालों के साथ माखन चोरी की लीला करते थे। हर बार शिकायत मिलने पर माता यशोदा उन्हें उलाहना देतीं तो वह कोई न कोई चमत्कार कर उन्हें मंत्रमुग्ध कर देते थे। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को चूर करने के लिए अपनी एक उंगली पर गिरिराज गोवर्धन को उठाकर भीषण वर्षा से ब्रजवासियों की रक्षा की।
विज्ञापन
कंस ने अपने राज्य की सबसे शक्तिशाली राक्षसी पूतना को श्रीकृष्ण को मारने के लिए भेजा, किंतु बाल रूप में भगवान ने पूतना को मोक्ष प्रदान किया। अंत में बागेश्वर धाम परिवार के सदस्यों ने कथा व्यास को धीरेंद्र शास्त्री का चित्र भेंट किया। संवाद
विज्ञापन