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Shahjahanpur News: धूप कम निकलने से अवसाद और सुस्ती बढ़ी

Mon, 11 Aug 2025 12:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 Aug 2025 12:20 AM IST
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Depression and lethargy increased due to less sunlight
डॉ.अ​भिनव रस्तोगी। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। बारिश के मौसम में बादल छाए रहने व धूप कम निकलने की वजह से लोग अवसाद की चपेट में आने लगे हैं। दिमाग में सुस्ती रहने की वजह से मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। काम में मन नहीं लगना, नींद नहीं आने की समस्याएं लेकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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बारिश होने पर ठंडक और सुकून मिलता है, लेकिन यह मौसम उदासी और अकेलेपन की भावना को बढ़ा सकता है। धूप नहीं निकलने के कारण मूड स्विंग्स और अवसाद के मामले बढ़ जाते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के मन कक्ष में आने वाले 80 मरीजों में दस से 15 लोग रोजाना अवसाद की समस्या को लेकर आते हैं।
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क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक डॉ.अभिनव रस्तोगी ने बताया कि बारिश में लंबे समय तक उदासी, थकान, नींद नहीं आने की समस्या रहती है। इससे दिनचर्या प्रभावित होती है। घर में ज्यादा समय बिताने से सामाजिक अलगाव बढ़ने लगता है।
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यह हैं लक्षण
-लगातार उदासी या निराशा का अनुभव
-पहले पसंद आने वाले कामों में रुचि कम होना
-थकान, नींद या भूख में बदलाव
-मन में नकारात्मक विचार आना
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मामला 1



तारीन जलालनगर का 23 वर्षीय युवक नौकरी कर रहा था। मौसम में बदलाव होने पर अतिरिक्त थकान महसूस होने लगी। उसने खून की जांच कराई। जिसमें विटामिन-डी की कमी मिली। फिजिशियन ने उसकी जांच रिपोर्ट देखकर कमजोरी बताकर दवा दे दी। उसे उदासी के साथ नींद की समस्या होने लगी। तब उसने मन कक्ष की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। दस से 15 दिन की दवा में उसे सुधार दिखने लगा।




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मामला 2



डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा अध्ययन के साथ घर के काम में सहयोग करती थी। पिछले कुछ दिन से उसका मन पढ़ाई से हटने लगा। परिवार से उसे कोई दिक्कत नहीं थी। उसकी शादी भी होने वाली थी, लेकिन खुशी के बजाये मन उदास रहने लगा। तब उसने ऑनलाइन तलाश किया तो उसे मानसिक अवसाद होने की जानकारी मिली। तब उसने अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया। उसकी काउंसलिंग के साथ दवा दी गई।
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यह कार्य करें
संतुलित आहार और नियमित व्यायाम करें। जब भी मौका मिले तो धूप में समय बिताएं। अकेले रहने के बजाये दोस्तों और परिवार के सदस्यों से बातचीत करें।
-डॉ. अभिनव रस्तोगी, क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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